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स्टार्टअप संवाद कार्यक्रम में बलिया के दो स्टार्टअप के नवाचारों ने खींचा ध्यान

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प्रयागराज में पूर्वांचल स्टार्टअप संवाद- 2026 में जेएनसीयू की रही महत्वपूर्ण सहभागिता बलिया। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में बुधवार को प्रो. राजेन्द्र सिंह (रज्जू भय्या) विश्वविद्यालय, प्रयागराज एवं डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय, लखनऊ के संयुक्त तत्वावधान में पूर्वांचल स्टार्टअप संवाद-2026 का आयोजन किया गया।  कार्यक्रम में स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने, नवाचार एवं उद्यमिता को प्रोत्साहित करने, युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करने तथा शैक्षणिक संस्थानों में उद्यमशीलता का वातावरण विकसित करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक विचार-विमर्श हुआ।  इस अवसर पर जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय , बलिया की ओर से एक आकर्षक स्टॉल स्थापित किया गया, जिसमें विश्वविद्यालय से जुड़े स्टार्टअप एवं नवाचारों को प्रदर्शित किया गया। राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने विश्वविद्यालय के स्टॉल का रुचिपूर्वक अवलोकन किया। बलिया जनपद के दो नवाचारी स्टार्टअप विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। इनम...

कायस्थ महासभा बरेली के महानगर अध्यक्ष बने मुकेश सक्सेना

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महानगर अध्यक्ष बनने पर शुभचिंतको ने दी बधाई बरेली। अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के प्रदेश महासचिव श्री श्याम चंद्र श्रीवास्तव जी ने जिलाध्यक्ष अश्विनी कमठान जी की संस्तुति पर बरेली के कर्मठ और समर्पित समाजसेवी श्री मुकेश सक्सेना को बरेली का महानगर अध्यक्ष मनोनीत किया है। श्री श्रीवास्तव आज एक दिन के दौरे पर बरेली आए थे उन्होंने यहां जिला कार्यकारिणी की मीटिंग ली।  उन्होंने कायस्थ समाज से आगामी चुनाव में अपनी भूमिका सुनिश्चित करने की अपील की। श्री मुकेश के महानगर अध्यक्ष बनने पर प्रदेश के वन राज्य मंत्री डॉ अरुण कुमार, संजीव कुमार सक्सेना, वेद प्रकाश सक्सेना कातिब, अश्विनी कमठान, डॉ विकास वर्मा, डॉ सुबोध अस्थाना, धर्मेंद्र सक्सेना, अनूप सक्सेना, रवि सक्सेना, आशीष सिन्हा, शैलेन्द्र सक्सेना शैलू, विकल्प सक्सेना, आशीष सक्सेना, रश्मि प्रधान, बबीत रेक्रीवाल, विकास सक्सेना नीटू , आदित्य सक्सेना हनी आदि ने शुभकामनाएं दीं।

चन्द्रशेखर के व्यक्तित्व को समझने की कुंजी है उनकी जेल डायरी: प्रो. जैनेन्द्र कुमार पाण्डेय

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चन्द्रशेखर जन्मशताब्दी समारोह अंतर्गत जननायक चन्द्रशेखर विवि में विशेष व्याख्यान का हुआ आयोजन  बलिया। चन्द्रशेखर जन्मशताब्दी समारोह के अंतर्गत जननायक चन्द्रशेखर विश्वविद्यालय में बृहस्पतिवार को विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। चन्द्रशेखर की जेल डायरी के विविध परिप्रेक्ष्य विषय पर मुख्य वक्ता प्रो. जैनेन्द्र कुमार पाण्डेय, टी.डी. कॉलेज ने व्याख्यान दिया।   कहा कि चन्द्रशेखर की जेल डायरी चन्द्रशेखर के व्यक्तित्व को समझने के लिए कुंजी का काम करती है। आपातकाल के दौरान कैद-ए-तन्हाई  में रहते हुए चन्द्रशेखर ने जो जेल डायरी रची, उसमें आपातकाल के राजनीतिक परिदृश्य को समझने के सूत्र प्राप्त होते हैं। चन्द्रशेखर की इस डायरी में साधारण गँवई मानुष की चिंता से लेकर अंतरराष्ट्रीय राजनय तक की खबर और विश्लेषण मौजूद है। चन्द्रशेखर के विस्तृत अध्ययन का प्रमाण इस डायरी में मिलता है।   उन्होंने हिन्दी साहित्य से लेकर विश्व साहित्य की महत्त्वपूर्ण कृतियों को पढ़ा और विश्लेषित किया है। चन्द्रशेखर की संवेदनशीलता का परिचय इस डायरी से मिलता है, इसमें पेड़- पौधों...

भारतीय संस्कृति एवं पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से अति महत्वपूर्ण है मिट्टी का दीपक जलाना -डाॅ० गणेश पाठक पर्यावरणविद्

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न केवल दीपावली में, बल्कि प्रत्येक दिन घर में मिट्टी का  दीपक(दीया) तथा उसमें घी या सरसो का तेल या तील का तेल डालकर कपास की रूई की बाती बनाकर दीपक में रखकर दीपक जलाना न केवल हमारे पूजा एवं श्रद्धा का प्रतीक है, बल्कि हमारी सनातन संस्कृति की अति प्राचीन सांस्कृतिक परम्परा रही है और किसी खास खुशी या पर्व त्यौहार के अवसर पर दीपक जलाना हमारी भारतीयता की अटूट पहचान है।   सनातन संस्कृति में या यों कहें कि हमारे भारतीय परम्परा में दीप को प्रज्वलित करना अति शुभ, सकरात्मक एवं प्रकाश उत्पन्न कर ज्ञान की अभिवृद्धि करने वाला तथा नकारात्मता को समाप्त कर सकारात्मकता का समावेश करते हुए ऊर्जा प्रदान करने वाला माना गया है।    खासतौर से दीपावली के दिन सामूहिक रूप से सभी लोगों द्वारा सर्वत्र दीप प्रज्वलित करना अंधकार पर प्रकाश के विजय का प्रतीक माना गया है। बुराई पर अच्छाई का प्रतीक माना गया है। बुरी शक्तियों का नाश कर सकारात्मक सोच उत्पन्न करने वाला माना गया है। यही नहीं जो नकारात्क शक्तियों  हैं एवं अज्ञानता को समाप्त कर जीवन एवं पूरे वातावरण में सकारात्मकता के ...

अमावस्या का अंधकार, वैकुंठ का रहस्य और विज्ञान का सच :ईशान पाठक

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वैकुंठ का रहस्य और शत्रुता में छिपी परम भक्ति- जब हम दीवाली की रात को इस घने अंधेरे (अमावस्या) के बीच अपने घरों की चौखट पर छोटे-छोटे दीये जलाते हैं, तो दिमाग में बस एक ही बात आती है कि हम एक दुश्मन की हार और भगवान राम के अयोध्या लौटने की खुशी मना रहे हैं। पर क्या रावण सच में सिर्फ एक  दुश्मन था? अगर हम अपनी सनातन परंपरा को थोड़ा गहराई से देखें, तो पता चलेगा कि इस पूरी कहानी की स्क्रिप्ट तो बहुत पहले ही वैकुंठ धाम में लिखी जा चुकी थी।   जिसे हम लंका का राजा रावण कहते हैं, वह असल में भगवान विष्णु के सबसे खास और वफादार द्वारपाल 'जय' थे, और उनके भाई कुंभकर्ण दूसरे द्वारपाल 'विजय' के अवतार थे। किस्सा कुछ ऐसा है कि एक बार ब्रह्मा जी के चार मानस पुत्र—सनत्कुमार ऋषियों का वैकुंठ आना हुआ। ये ऋषि बहुत ज्ञानी थे और उनकी उम्र करोड़ों साल थी, लेकिन अपनी शक्तियों की वजह से वे हमेशा पाँच साल के छोटे बच्चों जैसे ही दिखते थे। जय और विजय उन्हें पहचान नहीं पाए और बच्चा समझकर अंदर जाने से रोक दिया। ऋषियों को यह बात बुरी लगी, उन्होंने कहा कि नारायण के दरबार में तो सब बराबर हैं...

जनता के वास्तविक मुद्दों पर चर्चा करने से बच रही है भाजपा सरकार: सुशील पाण्डेय कान्हजी

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कहा: लोकतंत्र बचाने के लिए भाजपा को करनी पड़ रही हैं रैलियां, यह सरकार की विफलता का प्रमाण बलिया। बहुत आश्चर्य की बात है कि देश की सत्ता में बैठी भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष, केंद्रीय मंत्रियों यहां तक कि गृह मंत्री जिसके जिम्मे आंतरिक सुरक्षा की सम्पूर्ण जिम्मेदारी है साथ में अन्य नेताओं को  जगह-जगह लोकतंत्र बचाने के लिए बड़ी-बड़ी रैलियां करनी पड़ रही हैं। आखिर लोकतंत्र की रक्षा की जिम्मेदारी तो देश की जनता ने उन्हें ही सौंपी है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या भाजपा सरकार के रहते लोकतंत्र सुरक्षित नहीं है?  क्या वर्तमान सत्ता इतनी कमजोर और बेबस हो चुकी है कि लोकतंत्र बचाने के नाम पर उसे सरकारी तंत्र के सहारे जुटाई गई भीड़ की जरूरत पड़ रही है? यदि ऐसी स्थिति है तो सरकार को अपनी विफलता स्वीकार करते हुए सत्ता से हट जाना चाहिए।  लेकिन भाजपा ऐसा नहीं कर सकती, क्योंकि लोकतंत्र को वास्तविक खतरा किसी और से नहीं, बल्कि भाजपा की सोच, उसकी विचारधारा और उसकी बुलडोजर नीति से है। उक्त बातें समाजवादी पार्टी बलिया के जिला उपाध्यक्ष/प्रवक्ता सुशील पाण्डेय कान्...

गड़वार स्थित वृद्धाश्रम में सेवा कार्यक्रम का हुआ आयोजन

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स्व. प्रभावती देवी की चौथी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि एवं सेवा कार्यक्रम गड़वार (बलिया)। नगर पंचायत रेवती निवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय रामपूजन तिवारी की धर्मपत्नी स्वर्गीय प्रभावती देवी की चौथी पुण्यतिथि पर गड़वार स्थित वृद्धाश्रम में श्रद्धांजलि एवं सेवा कार्यक्रम आयोजित किया गया।  उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री माननीय आदित्य योगी जी द्वारा 19 अगस्त बलिया बलिदान दिवस के अवसर पर प्रभावती देवी को सम्मानित भी किया गया था।  इस अवसर पर उनके चित्र पर माल्यार्पण कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। साथ ही वृद्धाश्रम में निवास कर रहे बुजुर्गों के बीच कंबल एवं फल वितरित किए गए। इस अवसर पर कामेश्वर चैरिटेबल ट्रस्ट के सचिव संतोष तिवारी ने कहा कि प्रभावती देवी सदैव समाज के लोगों के सहयोग और जरूरतमंदों की मदद के लिए तत्पर रहती थीं। उनका जीवन सेवा, संवेदना और सामाजिक सरोकारों का प्रेरणास्रोत रहा है। हम लोगों ने उनके इसी सेवा भाव से प्रेरित होकर कामेश्वर चैरिटेबल ट्रस्ट के माध्यम से जरूरतमंदों, असहायों एवं बुजुर्गों की सेवा का संकल...
बलिया जनपद स्थापना दिवस पर विशेष भृगु-दर्दर क्षेत्र, बालमीकिया और बलियाग के नाम से जानी जाती रही है बलिया अध्यात्म, अवदान, बलिदान की पावन धरा जो पौराणिक काल मे विमुक्त तीर्थ रही, भृगु-दर्दर क्षेत्र, बालमीकिया और बलियाग के नाम से बलिया जानी जाती रही है। इतिहासकार डाॅ.शिवकुमार सिंह कौशिकेय ने बताया कि इसे बलिया नाम से पहली बार पहचान सन् 1302 ई. मे बख्तियार खिलजी ने राजस्व वसूली की ईकाई ' बलिया ' महाल बनाकर दी।   सन् 1493 ई. मे दिल्ली सल्तनत का बादशाह सिकन्दर लोदी बलिया पहुँचा। जिसने बेला , चमेली ,गुलाब की सुगंध नगरी जिले की सिकन्दरपुर तहसील मुख्यालय पर एक किला बनाने की असफल कोशिश की। 05 मई 1529 ई. को मुगल सल्तनत की नींव रखने वाले बाबर और महमूद लोदी के बीच मध्ययुगीन इतिहास की पहली जल और थल की जंग जिले के खरीद गाँव मे घाघरा नदी तट पर हुई थी।  डाॅ.कौशिकेय ने बताया कि 29 दिसम्बर 1764 को यह भू-भाग ब्रिटिश ईस्ट इण्डिया कम्पनी के अधीन हुआ।1798 ई. मे कम्पनी ने जब गाजीपुर को जिला बनाए तब बलिया को इसे बलिया तहसील बनाए। एक नवंबर 1879 ई. को कम्पनी सरकार ने ही गाजीपुर और आजमगढ़ के भू-भाग ...

पर्यावरण मिनी मैराथन- 2026 दौड़ एक नवंबर को

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समीक्षा बैठक में पर्यावरण मिनी मैराथन के सफल आयोजन हेतु सहयोगियों को सौंपी गई जिम्मेदारी  बलिया। जनपद की समाजसेवी संस्था छात्र सहायता समिति, बलिया की एक महत्वपूर्ण बैठक 30 अक्टूबर दिन शुक्रवार की सायं संपन्न हुई जिसमें पर्यावरण मिनी मैराथन दौड़ - 2026 के आयोजन के तैयारियों की समीक्षा की गई। साथ ही  समिति के सदस्यों, पदाधिकारियों एवं सहयोगियों को कार्यक्रम को सफल एवं भव्य रूप से संपन्न कराने हेतु जिम्मेदारी सौंपी गई।  बैठक में कार्यक्रम की तैयारियों, प्रतिभागियों के पंजीकरण, आयोजन की रूपरेखा, अतिथियों के स्वागत, व्यवस्थाओं एवं विभिन्न दायित्वों को लेकर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। उपस्थित सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए अपने-अपने सुझाव एवं सहयोग का आश्वासन दिया।  सभी ने एकजुट होकर पर्यावरण संरक्षण के इस जनजागरूकता अभियान को जन-जन तक पहुंचाने तथा अधिक से अधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करने का संकल्प लिया।   कार्यक्रम प्रमुख/ अध्यक्ष , छात्र सहायता समिति बलिया सर्वदमन कुमार जायसवाल ने बताया कि पर्यावरण मिनी मैराथन- 202...

बलिया के सात विद्यालयों में विज्ञान जागरूकता कार्यक्रम होंगे आयोजित

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सीवी रमन जी की जयंती समारोह कंपोजिट विद्यालय मिठवार में चार नवंबर को  बलिया। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में जिलाधिकारी महोदय के निर्देशानुसार एवं मुख्य विकास अधिकारी और जिला विद्यालय निरीक्षक के मार्गदर्शन में जिला विज्ञान क्लब बलिया द्वारा जनपद बलिया के छात्र-छात्राओं के बीच विज्ञान के प्रति जागरूकता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, पर्यावरण, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता, अंध विश्वास के विरुद्ध वैज्ञानिक दृष्टिकोण के लिए जागरूकता हेतु जनपद के सात विद्यालयों में नवंबर एवं दिसंबर माह में विज्ञान जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम की शुरुआत भौतिकी में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित सर सीवी रमन जी की जयंती समारोह का आयोजन 04 नवंबर को कंपोजिट विद्यालय मिठवार ब्लॉक गडवार में आयोजित होगा। दूसरा कार्यक्रम स्वस्थ पर्यावरण और स्वस्थ जीवन पर वैज्ञानिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन 18 नवम्बर 2026 को कंपोजिट विद्यालय पिलुई ब्लॉक मनियर में होगा। तीसरा कार्यक्रम स्वास्थ्य एवं स्वच्छता पर वैज्ञानिक जागरूकता कार्यक्रम जो केवल बालिकाओं के लिए होगा, जिसका आयोजन 19...

जनपदीय बाल विज्ञान प्रदर्शनी में जीआइसी बलिया के रूपेश कुमार खरवार रहे प्रथम

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आर के मिशन सागरपाली के आदित्य कुमार पाण्डेय को मिला द्वितीय स्थान बलिया। जनपदीय बाल विज्ञान प्रदर्शनी बुधवार को राजकीय इंटर कॉलेज बलिया के सभागार में लगाई गई। जिसका शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रभारी जिला विद्यालय निरीक्षक बलिया सत्यानंद मिश्र एवं साथ में राजकीय इंटर कॉलेज बलिया के प्रधानाचार्य शशि प्रकाश राय ने किया। बाल विज्ञान प्रदर्शनी में जीआइसी बलिया के रूपेश कुमार खरवार प्रथम स्थान पर रहे। वही आर.के. मिशन सागरपाली के आदित्य कुमार पाण्डेय को द्वितीय स्थान तथा टाउन इंटर कॉलेज बलिया के आलोक कुमार गुप्ता को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सत्यानंद मिश्रा ने बताया कि आवश्यकता ही आविष्कार की जननी होती है। जिसमें हमारे माध्यमिक विद्यालयों के बाल वैज्ञानिक लगातार नवाचार करके इस दिशा में लगातार आगे बढ़ रहे हैं, इनकी यही सोच देश को के विकास में सबसे बड़ा उपयोगी होगा। प्रधानाचार्य शशि प्रकाश राय ने बच्चों को प्रोत्साहित किये और बताया कि बच्चों में कार्य करने असीम संभावना है, बस जरूरत है उनको वैज्ञानिक दृष्टिकोण की तरफ मोड़ने की। जो हमारे शिक्षक ...

उन्नत भारत अभियान में चन्द्रशेखर विश्वविद्यालय हुआ शामिल

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ग्रामीण विकास के कार्यों हेतु  बेरुआरबारी, चिलकहर सहित पाँच गाँवों को विवि ने है अपनाया  बलिया। माननीय कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल की प्रेरणा तथा माननीय कुलपति प्रो. नरेन्द्र कुमार शुक्ल के निर्देशन में जननायक चन्द्रशेखर विश्वविद्यालय का भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के प्रमुख कार्यक्रम उन्नत भारत अभियान के अंतर्गत पंजीकरण हुआ है।  उन्नत भारत अभियान का उद्देश्य आत्मनिर्भर भारत के लिए उच्च शिक्षा एवं गाँवों का रूपांतरण है।  यह अभियान विद्यार्थियों में समाज के प्रति समर्पण की भावना विकसित करने, ग्रामीण समस्याओं के प्रति जागरूकता एवं संवेदनशीलता बढ़ाने तथा गाँवों को सक्षम बनाने की दिशा में कार्य करता है। इसके माध्यम से उच्च शिक्षण संस्थानों के ज्ञान एवं संसाधनों को ग्रामीण समुदायों की वास्तविक आवश्यकताओं से जोड़ने का प्रयास किया जाता है। उन्नत भारत अभियान के अंतर्गत जननायक चन्द्रशेखर विश्वविद्यालय ने ग्रामीण विकास की गतिविधियों के लिए बेरुआरबारी, चिलकहर, दुबहड़, गड़वार एवं बसंतपुर एहतमाली पाँच गाँवों को अपनाया है। इन गाँवों में जिला प्रशासन के सहयो...

भव्य कवि सम्मेलन एवं सम्मान समारोह का 11 नवंबर को

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बलिया में सजेगा साहित्य का महाकुंभ, राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन बलिया। साहित्य, कला, संस्कृति और सृजन को समर्पित डॉ. राम सेवक विकल साहित्य कला संगम ट्रस्ट की ओर से आगामी 11 नवंबर 2026 को राष्ट्रीय संगोष्ठी-2026, भव्य कवि सम्मेलन एवं सम्मान समारोह का आयोजन इसारी सलेमपुर में किया जाएगा। इस राष्ट्रीय स्तर के आयोजन को लेकर साहित्यकारों, कवियों, बुद्धिजीवियों और साहित्य प्रेमियों में उत्साह का माहौल है। कार्यक्रम में देश के विभिन्न क्षेत्रों से साहित्यकार, कवि, आलोचक और शोधार्थी शामिल होकर साहित्यिक विमर्श में भाग लेंगे। ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी का मुख्य विषय “ सृजन-संवाद: डॉ. आदित्य अंशु के रचना कर्म पर केंद्रित” रखा गया है। संगोष्ठी में डॉ. आदित्य अंशु के साहित्यिक अवदान, रचनात्मक दृष्टिकोण और साहित्य के क्षेत्र में उनके योगदान पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही कवि सम्मेलन में रचनाकार अपनी कविताओं के माध्यम से साहित्यिक और सामाजिक सरोकारों को अभिव्यक्त करेंगे। समारोह के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली विभ...

दस्तावेज लेखकों की स्मारिका का वन राज्य मंत्री ने किया विमोचन

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  उत्तर प्रदेश दस्तावेज लेखक एसोसिएशन के तत्वावधान में हुआ कार्यक्रम बरेली। उत्तर प्रदेश दस्तावेज लेखक एसोसिएशन की    स्मारिका का  वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री डॉ अरुण कुमार ने किया। उन्होंने इस स्मारिका की तारीफ की और सभी दस्तावेज लेखकों को इस कार्य की बधाई दी।  एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष वेद प्रकाश सक्सेना कातिब जी ने मंत्री जी से प्रदेश के सभी कातिबों को कैश लेस इलाज सुविधा प्रदान करने की मांग की।  एसोसिएशन के संरक्षक संजय गुप्ता ने बताया कि स्मारिका में सभी दस्तावेज लेखकों के पते, मोबाइल नंबर व अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध हैं जो भविष्य में बहुत लाभकारी होगी।             इस अवसर पर अनिल कुमार एडवोकेट, सदर अध्यक्ष अमर सिंह, अभिषेक पांडे, संजय कुमार, राजेश्वर सिंह यादव, ओम प्रकाश वर्मा, धर्म पाल सिंह, राजेश सक्सेना, धर्मेंद्र सक्सेना, रविन्द्र गुप्ता, श्याम लाल, ओम प्रकाश कन्नौजिया सहित बड़ी संख्या में दस्तावेज लेखक उपस्थित रहे। भगवा परिषद के संतोष उपाध्याय, डॉ सुबोध अस्थाना, सुनील सक्सेना मिलन, ...

महर्षि वाल्मीकि के संदेश को हर विद्यार्थी को अपने जीवन में उतारना चाहिए

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महर्षि वाल्मीकि विद्या मंदिर काजीपुरा में धूमधाम से मनाई गई महर्षि वाल्मीकि जयंती बलिया। महर्षि वाल्मीकि विद्या मंदिर काजीपुरा बलिया में सोमवार को महर्षि वाल्मीकि जयंती बड़े धूमधाम से मनाई गई। कार्यक्रम की शुरुआत महर्षि वाल्मीकि और माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और पूजा-अर्चना से हुई। इस अवसर पर विद्यालय के प्रबंधक / प्रधानाचार्य ने बच्चों को महर्षि वाल्मीकि के जीवन, रामायण की रचना और उनके आदर्शों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने सत्य, चरित्र, करुणा, कर्तव्य और मानवता का संदेश दिया, जिसे हर विद्यार्थी को अपने जीवन में उतारना चाहिए। बच्चों को संदेश दिया गया कि पढ़ाई के साथ-साथ संस्कार, अनुशासन, गुरुजनों का सम्मान और माता-पिता की सेवा ही सच्ची शिक्षा है। महर्षि वाल्मीकि का जीवन बताता है कि सच्चे मन से तप और साधना करने वाला व्यक्ति महान बन सकता है। कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। पूरे विद्यालय परिसर को फूल-मालाओं से सजाया गया था। रिपोर्ट विक्की कुमार...

भारतीय समाज की अमूल्य धरोहर हैं महर्षि वाल्मीकि जी का जीवन एवं साहित्य: सुनील कुमार मौर्य

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सपा कार्यालय पर श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाई गई महर्षि वाल्मीकि एवं संत नामदेव जी की जयंती बलिया। समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय पर आदिकवि महर्षि वाल्मीकि जी एवं महान संत और समाज सुधारक संत नामदेव जी की जयंती आदर और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर उपस्थित नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने महर्षि वाल्मीकि जी और संत नामदेव जी को नमन करते हुए उनके विचारों एवं आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष सुनील कुमार मौर्य ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि जी का जीवन, साहित्य और विचार भारतीय समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उनकी रचनाएं समाज को सत्य, न्याय, समानता और मानवीय मूल्यों का संदेश देती हैं। वहीं, संत नामदेव जी ने अपनी वाणी और विचारों के माध्यम से भक्ति, प्रेम, सामाजिक समरसता तथा मानव समानता का संदेश दिया। दोनों महापुरुषों के विचार आज भी समाज को सही दिशा दिखाने में प्रासंगिक हैं। उनके आदर्शों को आत्मसात कर समतामूलक समाज के निर्माण के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए। कार्यक्रम में सुशील पाण्डेय कान्हजी, रामजी गुप्ता, हिमांशु त्...

हमारी संस्कृति - हमारे त्योहार :राजेश सिंह 'श्रेयस'

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                                    उत्सवधर्मी है हमारा देश भारत  हमारा देश भारत विभिन्न संस्कृति और संस्कारो, रीति रिवाज का देश है। भारत की संस्कृति, संस्कार रीति- रिवाज ही हमारी शक्ति के आधार हैं। हमारा भारत उत्सवधर्मी देश है। स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि भारत उत्सवों का देश है और ये उत्सव, हमें और अधिक ऊर्जान्वित करते हैं तथा और भी अधिक उत्साह कार्य करने की प्रेरणा देते हैं।   हमारी लोक संस्कृति, पूर्व से पश्चिम -उत्तर से दक्षिण तक लगभग एक सी है। बस इसको मनाये जाने वाली पद्धतियाँ विभिन्न है। अनेकता में एकता वाला अपना भारत अपने संस्कृति और संस्कारों से कभी समझौता नहीं करता। भारतीय, भारत में या भारत से सुदूर किसी अन्य देश में जब भी और जहाँ भी जाता है अपनी संस्कृतियों और अपने संस्कारों को साथ-साथ ले जाना नही भूलता  है। उदाहरण के तौर पर यदि देखें तो आज से लगभग 200 से अधिक वर्षों पूर्व भारत से अन्य कैरेबियन गिरमिटिया देश में गए भारतीय मजदूर, स्वयं तो गए लेकिन अपनी संस्कृत...

प्रत्येक व्यक्ति का नैतिक दायित्व है प्रकृति संरक्षण: डॉ. अनिल प्रकाश जोशी

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जेएनसीयू में पर्यावरण संरक्षण पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का हुआ आयोजन बलिया। जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय  में कृषि संकाय के तत्वावधान में पर्यावरण संरक्षण : चुनौतियाँ और भविष्य की संभावनाएँ विषय पर शुक्रवार को एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता प्रख्यात पर्यावरणविद् पद्मभूषण डॉ. अनिल प्रकाश जोशी ने कहा कि प्रकृति ही सबसे बड़ा धर्म है। कहा कि स्वच्छ हवा, जल, मिट्टी के बगैर मनुष्य का जीवन संभव नहीं है।  कहा कि प्रकृति ही मानव जीवन का आधार है और इसका संरक्षण प्रत्येक व्यक्ति का नैतिक दायित्व है। कहा कि बढ़ता प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन, वनों की कटाई तथा प्राकृतिक संसाधनों का अनियंत्रित दोहन पर्यावरण के समक्ष गंभीर चुनौतियाँ हैं। कहा कि मनुष्य ने अपनी विलासिता, प्रतिस्पर्धा और अनियंत्रित लालच के कारण प्रकृति का संतुलन बिगाड़ दिया है, जिसके दुष्परिणाम हमारी आने वाली पीढ़ियों को भुगतने पड़ेंगे। अध्यक्षीय उद्बोधन देते हुए कुलपति प्रो. नरेंद्र कुमार शुक्ल ने जल, जंगल और जमीन के संरक्षण पर बल देते हुए कहा कि पर्यावरण की रक्षा...

दिव्यांगों की सुविधा के लिए विधायिका केतकी सिंह ने सौंपी दो व्हीलचेयर

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बलिया रेलवे स्टेशन पर दो आधुनिक व्हीलचेयर की भेंट  बलिया। दिव्यांग यात्रियों की सहूलियत और रेलवे स्टेशन पर उनकी आवाजाही को सुगम बनाने के लिए बांसडीह विधानसभा क्षेत्र की विधायिका केतकी सिंह ने एक सराहनीय पहल की है। उन्होंने बलिया रेलवे स्टेशन को दो आधुनिक व्हीलचेयर भेंट की हैं। विधायिका ने कहा कि स्टेशन पर आने वाले किसी भी दिव्यांग या वृद्ध यात्री को कोई दिक्कत न हो, इसी जनहित की भावना से यह कार्य किया गया है। इस अवसर पर स्टेशन परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बांसडीह विधायिका केतकी सिंह, स्टेशन अधीक्षक संजय सिंह, गुड्डू सिंह और पार्सल बाबू असगर खान समेत रेलवे के कई अधिकारी व गणमान्य लोग उपस्थित रहे। दिव्यांगों की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म: केतकी सिंह व्हीलचेयर सौंपने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए विधायिका केतकी सिंह ने कहा, "अक्सर देखा जाता है कि रेलवे स्टेशन पर ट्रेन पकड़ने या उतरने के बाद दिव्यांग और बुजुर्ग यात्रियों को प्लेटफॉर्म तक आने-जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। राजनीति का असली मकसद जनसेवा है। इसी को ध्यान में रखते हुए आज यह व्हीलचेयर ...

माँ जल्पा-कल्पा के दरबार में विशाल भंडारे का हुआ आयोजन

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मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए डॉ. विजय रंजन सिकंदरपुर (बलिया)। विजय दशमी के पावन पर्व के उपरांत श्री जल्पा-कल्पा सेवा समिति द्वारा माँ जल्पा-कल्पा के पवित्र धाम में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इस धार्मिक आयोजन में 359 सिकंदरपुर विधानसभा के भावी प्रत्याशी एवं वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. विजय रंजन मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने माँ के दर्शन-पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया तथा भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया। उल्लेखनीय है कि लगभग 529 वर्ष पुरानी मान्यता से जुड़ा माँ जल्पा-कल्पा का यह पावन धाम क्षेत्र की आस्था, श्रद्धा और आध्यात्मिक परंपरा का महत्वपूर्ण केंद्र है। गुलाब, बेला, चमेली और इत्र की सुगंध से जुड़ी इस पावन धरा पर विराजमान माँ जल्पा-कल्पा के प्रति भक्तों की अटूट श्रद्धा है। ऐसी मान्यता है कि माँ अपने भक्तों की रक्षा करती हैं और उनकी मनोकामनाएँ पूर्ण करती हैं। इस प्राचीन धाम का ऐतिहासिक महत्व और इससे जुड़ी अनूठी मान्यताएँ इसे विशेष पहचान प्रदान करती हैं। इस अवसर पर डॉ. विजय रंजन ने माँ जल्पा-कल्पा के चरणों में शीश नवाकर क्...