10 मई गदर दिवस तथा शेर-ए-बलिया चित्तू पाण्डेय जयंती पर विशेष प्रस्तुति
इतिहास वही लिखवाते हैं जो युद्ध में जीत जाते हैं कहा जाता है कि इतिहास वही लिखवात हैं जो युद्ध में जीत जाते हैं। भारतीय इतिहास का पहला स्वंतत्रता संग्राम 10 मई 1857 जिसे अंग्रेेजों ने सिपाही विद्रोह कहकर खारिज करने की कोशिश की थी लेकिन हम भारतीयों के लिए यह आजादी की लडाई का बिगुल बजाने जैसा था। 10 मई 1857 को आज ही के दिन अंग्रेजों के लिए लड़ने वाले सिपाहियों ने अंग्रेजों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। ये आजादी के लड़ाई की बेहद मजबूत नींव बनी जिसे 1857 का गदर कहा जाता है। इसी क्रम में आज ही के दिन 10 मई 1865 को उ0प्र0 के बलिया जनपद में स्थित रट्टूचक गांव में जन्में चित्तू पाण्डेय का जन्म हुआ जिनके नेतृत्व मे 19 अगस्त 1942 को क्रांतिकारियों ने अंग्रेजों को खदेड़ कर अपनी समानान्तर सरकार की स्थापना कर दी जो सभी के लिए प्रेरणादायी रही। दो नदियों गंगा और यमुना के दोआब के बीच बसा मेरठ वैदिक काल से ही मानवीय क्रिया-कलाप का केन्द्र रहा है। 10 मई 1857 को आज ही के दिन रविवार को स्वतंत्रता की पहली लड़ाई की शुरूआत मेरठ से ही हुई थी। कहा जाता है कि सुअर तथा गोमांस के ...