भारतीय संस्कृति एवं पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से अति महत्वपूर्ण है मिट्टी का दीपक जलाना -डाॅ० गणेश पाठक पर्यावरणविद्
न केवल दीपावली में, बल्कि प्रत्येक दिन घर में मिट्टी का दीपक(दीया) तथा उसमें घी या सरसो का तेल या तील का तेल डालकर कपास की रूई की बाती बनाकर दीपक में रखकर दीपक जलाना न केवल हमारे पूजा एवं श्रद्धा का प्रतीक है, बल्कि हमारी सनातन संस्कृति की अति प्राचीन सांस्कृतिक परम्परा रही है और किसी खास खुशी या पर्व त्यौहार के अवसर पर दीपक जलाना हमारी भारतीयता की अटूट पहचान है। सनातन संस्कृति में या यों कहें कि हमारे भारतीय परम्परा में दीप को प्रज्वलित करना अति शुभ, सकरात्मक एवं प्रकाश उत्पन्न कर ज्ञान की अभिवृद्धि करने वाला तथा नकारात्मता को समाप्त कर सकारात्मकता का समावेश करते हुए ऊर्जा प्रदान करने वाला माना गया है। खासतौर से दीपावली के दिन सामूहिक रूप से सभी लोगों द्वारा सर्वत्र दीप प्रज्वलित करना अंधकार पर प्रकाश के विजय का प्रतीक माना गया है। बुराई पर अच्छाई का प्रतीक माना गया है। बुरी शक्तियों का नाश कर सकारात्मक सोच उत्पन्न करने वाला माना गया है। यही नहीं जो नकारात्क शक्तियों हैं एवं अज्ञानता को समाप्त कर जीवन एवं पूरे वातावरण में सकारात्मकता के ...