प्रत्येक व्यक्ति का नैतिक दायित्व है प्रकृति संरक्षण: डॉ. अनिल प्रकाश जोशी
जेएनसीयू में पर्यावरण संरक्षण पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का हुआ आयोजन
बलिया। जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय में कृषि संकाय के तत्वावधान में पर्यावरण संरक्षण : चुनौतियाँ और भविष्य की संभावनाएँ विषय पर शुक्रवार को एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता प्रख्यात पर्यावरणविद् पद्मभूषण डॉ. अनिल प्रकाश जोशी ने कहा कि प्रकृति ही सबसे बड़ा धर्म है। कहा कि स्वच्छ हवा, जल, मिट्टी के बगैर मनुष्य का जीवन संभव नहीं है।
कहा कि प्रकृति ही मानव जीवन का आधार है और इसका संरक्षण प्रत्येक व्यक्ति का नैतिक दायित्व है। कहा कि बढ़ता प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन, वनों की कटाई तथा प्राकृतिक संसाधनों का अनियंत्रित दोहन पर्यावरण के समक्ष गंभीर चुनौतियाँ हैं। कहा कि मनुष्य ने अपनी विलासिता, प्रतिस्पर्धा और अनियंत्रित लालच के कारण प्रकृति का संतुलन बिगाड़ दिया है, जिसके दुष्परिणाम हमारी आने वाली पीढ़ियों को भुगतने पड़ेंगे।
अध्यक्षीय उद्बोधन देते हुए कुलपति प्रो. नरेंद्र कुमार शुक्ल ने जल, जंगल और जमीन के संरक्षण पर बल देते हुए कहा कि पर्यावरण की रक्षा केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता, प्राकृतिक संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग और पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली अपनाकर सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है।
प्रो. अशोक कुमार सिंह, टी डी कॉलेज ने स्पष्ट किया कि प्रकृति के संरक्षण के लिए पुराना दृष्टिकोण अब व्यावहारिक नहीं रह गया है। अब हमें पुनः प्रकृति की ओर लौटना होगा। प्रकृति के साथ संतुलन स्थापित करके ही स्वच्छ, सुरक्षित और टिकाऊ भविष्य का निर्माण संभव है।
कार्यक्रम में वक्ताओं द्वारा पर्यावरण संरक्षण की चुनौतियों के साथ-साथ भविष्य की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई। विशेष रूप से कृषि और पर्यावरण के परस्पर संबंध, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित पर्यावरण सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया गया। विद्यार्थियों और युवाओं में पर्यावरण के प्रति जागरूकता विकसित करने को भी महत्वपूर्ण बताया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर में शीशम, अमरूद एवं अन्य पौधों का रोपण हुआ। कार्यक्रम के उपरांत पर्यावरण संरक्षण हेतु जनकपुर, नेपाल से देहरादून, उत्तराखंड तक जाने वाली राष्ट्रीय साइकिल यात्रा हेतु भिक्षाटन भी किया गया।
इस अवसर पर निदेशक शैक्षणिक डॉ. पुष्पा मिश्रा, कुलानुशासक डॉ. प्रियंका सिंह, कृषि संकाय अध्ययन समिति के समन्वयक प्रो बृजेश कुमार सिंह, कृषि विभाग के प्रभारी डॉ. संजीव कुमार, डॉ. लाल विजय सिंह, डॉ. अमर सिंह, डॉ. निधि सिंह, डॉ. चंद्रशेखर प्रजापति, डॉ. उपेंद्र मौर्य, आदित्य कुमार शर्मा, विकास कुमार यादव सहित बड़ी संख्या में प्राध्यापक, शोधार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
रिपोर्ट: विनय कुमार
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