पत्रकारिता एक व्यवसाय हो गया है जो गम्भीर चिंता का विषय: दिग्विजय सिंह
हिन्दी पत्रकारिता दिवस पर हुई विशेष विचार गोष्ठी, पत्रकारो ने रखे अपने विचार रसड़ा (बलिया)। आज समाज में पत्रकारिता भटक गया है। पत्रकारिता एक मिशन के बजाय व्यवसायिक होकर रह गया है पत्रकार एक समाज में एक सजग प्रहरि आइना दर्पण होता है जो आइने के तरह साफ सुथरा समाज में एक मिशन का कार्य समाचार के माध्यम से करता है। समाज के आलावा शासन प्रशासन को अवगत कराते हुए व समाज में रखते हुए सच्चाई का उजागर करता है और जिससे जनमानस उस पर भरोसा व विश्वास करता है निर्भिक पत्रकारिता से समाज से लेकर शासन प्रशासन को सूचना या लोगो के समस्या को रखते हुए उसे मिशन के तौर पर कार्य करता है। उक्त बाते हिन्दी पत्रकारिता दिवस पर पत्रकार मतलूब अहमद ने अपने व्यवसायिक प्रतिष्ठान स्थिति कार्यालय, पर विचार, इसके पूर्व मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित व पुष्पांजलि कर हिन्दी पत्रकारिता दिवस पर व्यक्त की। इस अवसर पर पत्रकार श्याम कृष्ण गोयल ने हम पत्रकारिता दिवस क्यों मनाते है इसे मनाने का उद्देश्य क्या है पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 200...