समसामयिक जानकारी -
कैसे उत्पन्न होती है आकाशीय बिजली? :डाॅ० गणेश पाठक आकाशीय बिजली उत्पन होने का मुख्य आधार ' तड़ित झंझावात ' होता है। यह एक ऐसा वायुमंडलीय तूफान होता है, जिनके साथ अति सघन ' कपासी बर्षा के बादल' होते हैं एवं अति तीव्र गति से हवाएं ऊपर की तरफ उठती हैं तथा बिजली की चमक एवं बादलों की गर्जना के साथ ही साथ तीव्र गति से वर्षा भी होती है। इस तड़ित झंझा की उत्पत्ति की एवं विकास के दौरान बादलों के परस्पर घर्षण से बिजली उत्पन हो जाती है। इसी को ' आकाशीय बिजली ' अथवा ' वज्रपात ' कहा जाता है। आकाशीय बिजली की उत्पत्ति:- हम सब जानते हैं कि बादलों में नमी होती है। बादलों में विद्यमान यह नमी जल के अत्यन्त बारीक कणों के रूप में रहती है। जब हवा एवं जलकणों के बीच घर्षण होता है, तो इस घर्षण से ही बिजली उत्पन्न होती है और जलकण चार्ज (आवेशित) हो जाता है। बादल प्राय: समूह में रहते हैं। इन बादलों के कुछ समूह धनात्मक एवं ऋणात्मक होते हैं। ये धनात्मक एवं ऋणात्मक आवेशित बादल जब एक दूसरे से टकराते हैं तो उनके टकराने से अति उच्च शक्ति की बिजली उत्पन होती है, जिसके फल...