सावन की दूसरी सोमवारी पर विशेष-
सम्पूर्ण प्रकृति के रक्षक हैं देवाधिदेव महादेव शिव देवों के देव देवाधिदेव महादेव भगवान शिव सम्पूर्ण प्रकृति के रक्षक हैं। माता पार्वती भी एक अंश में प्रकृति ही हैं और शक्ति भी प्रकृति ही है। बिना शक्ति के एवं बिना प्रकृति के शिव रह ही नहीं सकते। इस तरह बिना शक्ति एवं प्रकृति के शिव स्वयं में अधूरे हैं। यही कारण है कि शिव को सम्पूर्ण प्रकृति से प्रेम है और प्रकृति से प्रेम होने के कारण वो प्रकृति की हर तरह से रक्षा भी करते हैं। भगवान शिव के अनेक रूप - भगवान शिव के अनेक रूप हैं। एक तरफ जहां वो सत्यम, शिवम् एवं सुन्दरम्म के प्रतीक हैं और समयानुसार संहारक रूप में भूमिका निभाते हैं वहीं दूसरी तरफ औघड़ दानी के रूप में अपने लोक कल्याणकारी स्वरूप में लोक की रक्षा भी करते हैं और वरदान देने के लिए भी प्रसिद्ध हैं। पर्यावरण, पारिस्थितिकी एवं जैवविविधता के रक्षक हैं शिव - सम्पूर्ण प्रकृति के रक्षक के रूप में भगवान शिव पर्यावरण, पारिस्थितिकी एवं जैव विविधता अर्थात् सम्पूर्ण प्रकृति के भी रक्षक एवं पोषक हैं। चूंकि वो भगवान ...