खगोलीय घटना के साथ पौराणिक एवं ज्योतिषीय महत्व भी है 'नौतपा' का: डाॅ० गणेश पाठक
जाने बलिया सहित पूर्वांचल के जिलों में कैसा रहेगा मौसम प्रत्येक वर्ष उत्तरी भारत एक विशेष भौगोलिक एवं खगोलीय घटना घटती है, जिसे " नौतपा " कहा जाता है, जिसके प्रभाव से भयंकर गर्मी एवं लू का सामना करना पड़ता है। खगोलीय प्रभाव से इस वर्ष अर्थात् 2026 में नौतपा का समय 25 मई से 2 जून तक रहेगा। भौगोलिक एवं खगोलीय महत्व के साथ ही साथ नौतपा का विशेष पौराणिक एवं ज्योतिषीय महत्व भी है। भौगोलिक एवं खगोलीय घटना की देन है 'नौतपा' - नौतपा' के शाब्दिक अर्थ से तात्पर्य है नौ दिन की तपन । यदि 'नौतपा' को हम वैज्ञानिक दृष्टि से देखें तो यह एक भौगोलिक अथवा खगोलीय घटना है। इस समय सूर्य 'कर्क रेखा' पर अपनी किरणें सीधी ( लंबवत) डाल रहा है और अपने देश में कर्क रेखा 23 अंश 30 मिनट उत्तरी अक्षांश से गुजरती है , जो भारत के मध्य में पड़ता है। यही कारण है कि पूरे मध्य एवं उत्तरी भारत में भयंकर गर्मी पड़ती है। यद्यपि कि इस समय पृथ्वी से सूर्य अधिकतम् दूरी पर रहता है, किन्तु सूर्य की किरणों के सीधे पड़ने से तापमान बढ़ जाता है। यदि देखा जाय तो 23 मई को पृथ्वी से...