सावन मास की चौथी सोमवारी पर विशेष-
क्यों की जाती है शिवलिंग की पूजा? डाॅ. गणेश पाठक भारत में शिव की पूजा अति प्राचीन काल से होती चली आ रही है, जिसका उल्लेख वैदिक ग्रंथों,उपनिषदों एवं पुराणों तथा अन्य प्राचीन ग्रंथों में हुआ है। ऋग्वेद ( 10/92, 9/11 एवं 114/1 सूत्र), यजुर्वेद, श्वेताश्वर उपनिषद , मुण्डको पनिषद, शिव पुराण एवं मत्स्य पुराण में अनेक स्थलों पर शिव के विविध स्वरूप, शिवलिंग पूजन का महत्व एवं शिव पूजन विधि का वर्णन हुआ है। यही नहीं हड़प्पा एवं मोहन जोदड़ो की खुदाई में प्राप्त अवशेषों में भी शिवलिंग मिला है, जिससे इस बात की पुष्टि होती है कि सिन्धु -सभ्यता काल में भी शिवलिंग की पूजा की जाती थी। प्रश्न यह उठता है कि शिव के सम्पूर्ण स्वरूप की पूजा करने की अपेक्षा शिवलिंग पूजन को अधिक महत्व दिया जाता है, ऐसा क्यों? इस संबंध में अनेक विवरण ग्रंथों में आए हैं।' ...