22 मार्च, विश्व जल दिवस पर विशेष-
सावधान! भविष्य में आने वाला है घोर जल संकट: करने होगें बचत के उपाय: डाॅ० गणेश पाठक जल है तो जीवन है, जल के बिना जीवन नहीं। यह वाक्य संभवत: इस बात की पुष्टि करता है कि जल न केवल प्यास मिटाने के काम आता है, बल्कि यह जीवन को कायम रखने के लिए सबसे महत्वपूर्ण तत्व है। लेकिन ऐसे महत्वपूर्ण जल संसाधन की स्थिति यह है कि पूरे विश्व में जल के बढ़ते अनियंत्रित एवं अनियोजित उपयोग तथा बढ़ते जल प्रदूषण के कारण दिन प्रतिदिन जल संकट बढ़ता जा रहा है। संभवत : इन्हीं तथ्यों को ध्यान में रखते हुए 1992 में ही रियो पृथ्वी सम्मेलन में सर्व प्रथम जल को एक वैश्विक एजेंडा के रूप में गम्भीरता से लाया गया। रियो सम्मेलन के सिफारिसों के बाद 22 दिसम्बर , 1992 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने एक प्रस्ताव पारित कर यह निर्णय लिया कि विश्व के देशों द्वारा प्रति वर्ष 22 मार्च को "विश्व जल दिवस" मनाया जायेगा, जिसके द्...