Posts

भव्य कवि सम्मेलन एवं सम्मान समारोह का 11 नवंबर को

Image
बलिया में सजेगा साहित्य का महाकुंभ, राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन बलिया। साहित्य, कला, संस्कृति और सृजन को समर्पित डॉ. राम सेवक विकल साहित्य कला संगम ट्रस्ट की ओर से आगामी 11 नवंबर 2026 को राष्ट्रीय संगोष्ठी-2026, भव्य कवि सम्मेलन एवं सम्मान समारोह का आयोजन इसारी सलेमपुर में किया जाएगा। इस राष्ट्रीय स्तर के आयोजन को लेकर साहित्यकारों, कवियों, बुद्धिजीवियों और साहित्य प्रेमियों में उत्साह का माहौल है। कार्यक्रम में देश के विभिन्न क्षेत्रों से साहित्यकार, कवि, आलोचक और शोधार्थी शामिल होकर साहित्यिक विमर्श में भाग लेंगे। ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी का मुख्य विषय “ सृजन-संवाद: डॉ. आदित्य अंशु के रचना कर्म पर केंद्रित” रखा गया है। संगोष्ठी में डॉ. आदित्य अंशु के साहित्यिक अवदान, रचनात्मक दृष्टिकोण और साहित्य के क्षेत्र में उनके योगदान पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही कवि सम्मेलन में रचनाकार अपनी कविताओं के माध्यम से साहित्यिक और सामाजिक सरोकारों को अभिव्यक्त करेंगे। समारोह के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली विभ...

दस्तावेज लेखकों की स्मारिका का वन राज्य मंत्री ने किया विमोचन

Image
  उत्तर प्रदेश दस्तावेज लेखक एसोसिएशन के तत्वावधान में हुआ कार्यक्रम बरेली। उत्तर प्रदेश दस्तावेज लेखक एसोसिएशन की    स्मारिका का  वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री डॉ अरुण कुमार ने किया। उन्होंने इस स्मारिका की तारीफ की और सभी दस्तावेज लेखकों को इस कार्य की बधाई दी।  एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष वेद प्रकाश सक्सेना कातिब जी ने मंत्री जी से प्रदेश के सभी कातिबों को कैश लेस इलाज सुविधा प्रदान करने की मांग की।  एसोसिएशन के संरक्षक संजय गुप्ता ने बताया कि स्मारिका में सभी दस्तावेज लेखकों के पते, मोबाइल नंबर व अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध हैं जो भविष्य में बहुत लाभकारी होगी।             इस अवसर पर अनिल कुमार एडवोकेट, सदर अध्यक्ष अमर सिंह, अभिषेक पांडे, संजय कुमार, राजेश्वर सिंह यादव, ओम प्रकाश वर्मा, धर्म पाल सिंह, राजेश सक्सेना, धर्मेंद्र सक्सेना, रविन्द्र गुप्ता, श्याम लाल, ओम प्रकाश कन्नौजिया सहित बड़ी संख्या में दस्तावेज लेखक उपस्थित रहे। भगवा परिषद के संतोष उपाध्याय, डॉ सुबोध अस्थाना, सुनील सक्सेना मिलन, ...

महर्षि वाल्मीकि के संदेश को हर विद्यार्थी को अपने जीवन में उतारना चाहिए

Image
महर्षि वाल्मीकि विद्या मंदिर काजीपुरा में धूमधाम से मनाई गई महर्षि वाल्मीकि जयंती बलिया। महर्षि वाल्मीकि विद्या मंदिर काजीपुरा बलिया में सोमवार को महर्षि वाल्मीकि जयंती बड़े धूमधाम से मनाई गई। कार्यक्रम की शुरुआत महर्षि वाल्मीकि और माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और पूजा-अर्चना से हुई। इस अवसर पर विद्यालय के प्रबंधक / प्रधानाचार्य ने बच्चों को महर्षि वाल्मीकि के जीवन, रामायण की रचना और उनके आदर्शों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने सत्य, चरित्र, करुणा, कर्तव्य और मानवता का संदेश दिया, जिसे हर विद्यार्थी को अपने जीवन में उतारना चाहिए। बच्चों को संदेश दिया गया कि पढ़ाई के साथ-साथ संस्कार, अनुशासन, गुरुजनों का सम्मान और माता-पिता की सेवा ही सच्ची शिक्षा है। महर्षि वाल्मीकि का जीवन बताता है कि सच्चे मन से तप और साधना करने वाला व्यक्ति महान बन सकता है। कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। पूरे विद्यालय परिसर को फूल-मालाओं से सजाया गया था। रिपोर्ट विक्की कुमार...

भारतीय समाज की अमूल्य धरोहर हैं महर्षि वाल्मीकि जी का जीवन एवं साहित्य: सुनील कुमार मौर्य

Image
सपा कार्यालय पर श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाई गई महर्षि वाल्मीकि एवं संत नामदेव जी की जयंती बलिया। समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय पर आदिकवि महर्षि वाल्मीकि जी एवं महान संत और समाज सुधारक संत नामदेव जी की जयंती आदर और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर उपस्थित नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने महर्षि वाल्मीकि जी और संत नामदेव जी को नमन करते हुए उनके विचारों एवं आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष सुनील कुमार मौर्य ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि जी का जीवन, साहित्य और विचार भारतीय समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उनकी रचनाएं समाज को सत्य, न्याय, समानता और मानवीय मूल्यों का संदेश देती हैं। वहीं, संत नामदेव जी ने अपनी वाणी और विचारों के माध्यम से भक्ति, प्रेम, सामाजिक समरसता तथा मानव समानता का संदेश दिया। दोनों महापुरुषों के विचार आज भी समाज को सही दिशा दिखाने में प्रासंगिक हैं। उनके आदर्शों को आत्मसात कर समतामूलक समाज के निर्माण के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए। कार्यक्रम में सुशील पाण्डेय कान्हजी, रामजी गुप्ता, हिमांशु त्...

हमारी संस्कृति - हमारे त्योहार :राजेश सिंह 'श्रेयस'

Image
                                    उत्सवधर्मी है हमारा देश भारत  हमारा देश भारत विभिन्न संस्कृति और संस्कारो, रीति रिवाज का देश है। भारत की संस्कृति, संस्कार रीति- रिवाज ही हमारी शक्ति के आधार हैं। हमारा भारत उत्सवधर्मी देश है। स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि भारत उत्सवों का देश है और ये उत्सव, हमें और अधिक ऊर्जान्वित करते हैं तथा और भी अधिक उत्साह कार्य करने की प्रेरणा देते हैं।   हमारी लोक संस्कृति, पूर्व से पश्चिम -उत्तर से दक्षिण तक लगभग एक सी है। बस इसको मनाये जाने वाली पद्धतियाँ विभिन्न है। अनेकता में एकता वाला अपना भारत अपने संस्कृति और संस्कारों से कभी समझौता नहीं करता। भारतीय, भारत में या भारत से सुदूर किसी अन्य देश में जब भी और जहाँ भी जाता है अपनी संस्कृतियों और अपने संस्कारों को साथ-साथ ले जाना नही भूलता  है। उदाहरण के तौर पर यदि देखें तो आज से लगभग 200 से अधिक वर्षों पूर्व भारत से अन्य कैरेबियन गिरमिटिया देश में गए भारतीय मजदूर, स्वयं तो गए लेकिन अपनी संस्कृत...

प्रत्येक व्यक्ति का नैतिक दायित्व है प्रकृति संरक्षण: डॉ. अनिल प्रकाश जोशी

Image
जेएनसीयू में पर्यावरण संरक्षण पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का हुआ आयोजन बलिया। जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय  में कृषि संकाय के तत्वावधान में पर्यावरण संरक्षण : चुनौतियाँ और भविष्य की संभावनाएँ विषय पर शुक्रवार को एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता प्रख्यात पर्यावरणविद् पद्मभूषण डॉ. अनिल प्रकाश जोशी ने कहा कि प्रकृति ही सबसे बड़ा धर्म है। कहा कि स्वच्छ हवा, जल, मिट्टी के बगैर मनुष्य का जीवन संभव नहीं है।  कहा कि प्रकृति ही मानव जीवन का आधार है और इसका संरक्षण प्रत्येक व्यक्ति का नैतिक दायित्व है। कहा कि बढ़ता प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन, वनों की कटाई तथा प्राकृतिक संसाधनों का अनियंत्रित दोहन पर्यावरण के समक्ष गंभीर चुनौतियाँ हैं। कहा कि मनुष्य ने अपनी विलासिता, प्रतिस्पर्धा और अनियंत्रित लालच के कारण प्रकृति का संतुलन बिगाड़ दिया है, जिसके दुष्परिणाम हमारी आने वाली पीढ़ियों को भुगतने पड़ेंगे। अध्यक्षीय उद्बोधन देते हुए कुलपति प्रो. नरेंद्र कुमार शुक्ल ने जल, जंगल और जमीन के संरक्षण पर बल देते हुए कहा कि पर्यावरण की रक्षा...

दिव्यांगों की सुविधा के लिए विधायिका केतकी सिंह ने सौंपी दो व्हीलचेयर

Image
बलिया रेलवे स्टेशन पर दो आधुनिक व्हीलचेयर की भेंट  बलिया। दिव्यांग यात्रियों की सहूलियत और रेलवे स्टेशन पर उनकी आवाजाही को सुगम बनाने के लिए बांसडीह विधानसभा क्षेत्र की विधायिका केतकी सिंह ने एक सराहनीय पहल की है। उन्होंने बलिया रेलवे स्टेशन को दो आधुनिक व्हीलचेयर भेंट की हैं। विधायिका ने कहा कि स्टेशन पर आने वाले किसी भी दिव्यांग या वृद्ध यात्री को कोई दिक्कत न हो, इसी जनहित की भावना से यह कार्य किया गया है। इस अवसर पर स्टेशन परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बांसडीह विधायिका केतकी सिंह, स्टेशन अधीक्षक संजय सिंह, गुड्डू सिंह और पार्सल बाबू असगर खान समेत रेलवे के कई अधिकारी व गणमान्य लोग उपस्थित रहे। दिव्यांगों की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म: केतकी सिंह व्हीलचेयर सौंपने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए विधायिका केतकी सिंह ने कहा, "अक्सर देखा जाता है कि रेलवे स्टेशन पर ट्रेन पकड़ने या उतरने के बाद दिव्यांग और बुजुर्ग यात्रियों को प्लेटफॉर्म तक आने-जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। राजनीति का असली मकसद जनसेवा है। इसी को ध्यान में रखते हुए आज यह व्हीलचेयर ...

माँ जल्पा-कल्पा के दरबार में विशाल भंडारे का हुआ आयोजन

Image
मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए डॉ. विजय रंजन सिकंदरपुर (बलिया)। विजय दशमी के पावन पर्व के उपरांत श्री जल्पा-कल्पा सेवा समिति द्वारा माँ जल्पा-कल्पा के पवित्र धाम में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इस धार्मिक आयोजन में 359 सिकंदरपुर विधानसभा के भावी प्रत्याशी एवं वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. विजय रंजन मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने माँ के दर्शन-पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया तथा भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया। उल्लेखनीय है कि लगभग 529 वर्ष पुरानी मान्यता से जुड़ा माँ जल्पा-कल्पा का यह पावन धाम क्षेत्र की आस्था, श्रद्धा और आध्यात्मिक परंपरा का महत्वपूर्ण केंद्र है। गुलाब, बेला, चमेली और इत्र की सुगंध से जुड़ी इस पावन धरा पर विराजमान माँ जल्पा-कल्पा के प्रति भक्तों की अटूट श्रद्धा है। ऐसी मान्यता है कि माँ अपने भक्तों की रक्षा करती हैं और उनकी मनोकामनाएँ पूर्ण करती हैं। इस प्राचीन धाम का ऐतिहासिक महत्व और इससे जुड़ी अनूठी मान्यताएँ इसे विशेष पहचान प्रदान करती हैं। इस अवसर पर डॉ. विजय रंजन ने माँ जल्पा-कल्पा के चरणों में शीश नवाकर क्...

इस बार लौटेगी पशु मेले की पुरानी शान

Image
पूजा-अर्चना के साथ बलिया में ददरी मेले के शुरुआत का शुभारंभ बलिया। पूर्वांचल की धरती पर आस्था, परंपरा और लोकसंस्कृति का सबसे बड़ा उत्सव कहे जाने वाले ऐतिहासिक ददरी मेले का आगाज हो गया है। नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष संत कुमार उर्फ मिठाईलाल ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर ध्वजारोहण किया और मेले की शुरुआत का शुभारंभ किया। इस मौके पर मेले को लेकर उत्साह और उम्मीदों का माहौल नजर आया। अध्यक्ष ने साफ कहा कि इस बार ददरी मेला खास होने जा रहा है। वर्षों से परिस्थितियों के कारण प्रभावित रहा पशु मेला भी इस बार भव्य स्वरूप में आयोजित करने की तैयारी है। पशु मेला है ददरी की धड़कन, इस बार दिखेगी पुरानी रौनक ददरी मेले की पहचान सिर्फ झूलों, दुकानों और मनोरंजन तक सीमित नहीं है। इसकी असली आत्मा उसका ऐतिहासिक पशु मेला है, जिसे ददरी की धड़कन कहा जाता है। घोड़ों की टाप, पशुओं की खरीद-बिक्री, दूर-दराज से आने वाले पशुपालकों और व्यापारियों की चहल-पहल इस मेले को अलग पहचान देती है। इस बार पशु मेले को भव्यता के साथ सजाने की तैयारी है, जिससे पुरानी परंपरा को फिर से नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है। ...

आदिवासी जागृति गोंडवाना जनसंदेश यात्रा को हरी झंडी दिखा किया रवाना

Image
गोंड सेवा संस्थान के अध्यक्ष जीउत जी गोंड ने दिखाई हरी झंडी  बलिया। आदिवासी जनजाति गोंड, खरवार समुदाय के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा हेतु गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष विधायक तिरु.तुलेश्वर सिंह मरकाम के नेतृत्व में एक नवम्बर 2026 को वाराणसी कचहरी शास्त्री घाट पर आदिवासी अधिकार रैली का आयोजन किया गया है जिसके प्रचार- प्रसार आदिवासी अधिकार रैली की सफलता हेतु शंकरपुर स्थित गोंडवाना भवन से आदिवासी जागृति गोंडवाना जनसंदेश यात्रा को पूर्व बैंक मैनेजर गोंड सेवा संस्थान के अध्यक्ष जीउत जी गोंड ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।  इस अवसर पर गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री/उत्तर प्रदेश प्रभारी अरविंद गोंडवाना, प्रदेश अध्यक्ष सुक्खू सिंह मरावी, प्रदेश महासचिव गोपाल जी खरवार, नवनियुक्त जिलाध्यक्ष सुरेश शाह, जिला सचिव परशुराम खरवार, वरिष्ठ उपाध्यक्ष बच्चालाल गोंड, तहसील इकाई अध्यक्ष संजय गोंड, उमाशंकर गोंड, ओमप्रकाश गोंड, जगलाल गोंड, हरिशंकर गोंड, अंटू गोंड, अशोक गोंड, श्रीपति गोंड सहित सैकड़ों आदिवासी जनजाति गोंड, खरवार समुदाय के लोग मौजूद रहे। ...

कबीरम् समाज द्वारा ‘‘बलिया की खुशखबरी’’ पोस्टर के साथ स्वच्छता पखवाड़ा का समापन

Image
दशहरा के पावन बेला पर एक दूसरे को दी बधाई एवं शुभकामना बलिया। कबीरम् समाज ने दशहरा के पावन बेला पर ‘‘अथ् श्रीराम कथा’’ (अच्छे मतदाता बनो) एवं ‘‘देलही से नीक तऽ बलिये बा’’ पुस्तिका व ‘‘बलिया की खुशखबरी’’ का पोस्टर लेकर स्वच्छता सेवा पखवाड़ा का समापन किया। साथ ही एक दूसरे को बधाई व शुभकामनाये दी।  उक्त अवसर पर ग्राम काशीपुर, मिश्र नेवरी, जनपद बलिया के निवासी तथा वरिष्ठ नागरिक कल्याण संघ, बलिया के अध्यक्ष अधिवक्ता श्रीरामजी ठाकुर को अंग वस्त्रम देकर सम्मानित किया गया। श्रीरामजी ठाकुर ने कहा कि अथ् श्रीराम कथा (अच्छे मतदाता बनें) पुस्तिका सभी मतदाताओं चाहें स्नातक हो या शिक्षक मतदाता या सामान्य मतदाता सभी को सक्षम व समृद्ध कर सीख प्रदान करता है कि स्वतंत्र तथा निर्भीक होकर अधिकाधिक भागीदारी कर लोकतंत्र को मजबूत बनावें। उदाहरण के तौर पर बताया कि जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी 2014 का लोकसभा  सामान्य चुनाव लड़ रहे थे तो उसी समय जनपद गाजीपुर स्थित जिला कचहरी में स्टेट बनाम चन्द्रभान के मतदाताओं को 12 मई 2014 चुनाव कीे तिथि को ही कचहरी बुला दी थी, उसी में से कुछ जागरू...

बलिया के विकास में योगदान को लेकर परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह का सम्मान

Image
कामेश्वर चैरिटेबल ट्रस्ट ने स्मृति चिह्न, अंगवस्त्र एवं माल्यार्पण कर किया अभिनंदन बलिया। जनपद बलिया के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका एवं योगदान के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के परिवहन मंत्री श्री दयाशंकर सिंह जी को कामेश्वर चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से सम्मानित किया गया।  इस अवसर पर ट्रस्ट की ओर से उन्हें स्मृति चिह्न एवं अंगवस्त्र भेंट किया गया तथा माल्यार्पण कर उनका अभिनंदन किया गया। इस सम्मान समारोह के माध्यम से कामेश्वर चैरिटेबल ट्रस्ट ने जनपद के विकास, जनहित एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यों में योगदान देने वाले जनप्रतिनिधियों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त की। ट्रस्ट का मानना है कि बलिया की प्रगति, जनसुविधाओं के विस्तार और क्षेत्र के उज्ज्वल भविष्य के लिए जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संस्थाओं एवं आम नागरिकों के बीच सकारात्मक समन्वय आवश्यक है। ट्रस्ट ने आशा व्यक्त की कि बलिया के विकास की गति को आगे बढ़ाने तथा जनपदवासियों की अपेक्षाओं को पूरा करने की दिशा में निरंतर प्रयास जारी रहेंगे।