आज भी प्रासंगित है संत कबीर के विचार: प्रो0 सन्तोष प्रसाद गुप्त
कबीरम समाज के तत्वावधान में मनाई गई संत कबीर दास जी की जयंती बलिया। नगर के श्रीराम विहार काॅलोनी स्थित डाॅ0 सन्तोष प्रसाद गुप्त के आवास ( मिश्रा कुंज, श्रीमती सुमन मिश्रा पत्नी श्री अरविन्द मिश्र) पर कबीरम समाज के तत्वावधान में महान संत कबीरदास जयंती 29 जून दिन सोमवार को मनायी गयी तथा सभी के मंगलमय की कामन की गयी। उक्त अवसर पर समाजसेवी बब्बन यादव ने अध्यक्षता करते हुए कहा कि कबीर का संदेश भाईचार, साम्प्रदायिक एकता, प्रेम तथा बन्धुत्व का था जो आज भी सभी के लिए प्रेरणादायी है। आगे अखिल भारतीय विश्वविद्यालय सम्बद्ध महाविद्यालय शिक्षक संघ (ए0आई0एफ0यू0सी0टी0ओ0) के आजीवन सदस्य तथा संरक्षक एवं टी0डी0 काॅलेज अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो0 सन्तोष प्रसाद गुप्त ने कहा कि लगभग 600 वर्ष पूर्व बनारस के लहरतारा के पास नीरू और नीमा के घर में बालक कबीर का जन्म हुआ जो आगे चलकर संत कबीर बना। प्रत्येक वर्ष ज्येष्ठ मास गुरू पूर्णिमा के अवसर पर संत कबीर प्राकट्य दिवस मनाया जाता है। उन्होंने भक्ति काल के निर्गुण शाखा परम्परा की शुरूआत की थी और कहा कि ‘‘हम न मरेें, मरिहें संसारा। हम...