सोनम वांगचुक जी को जबरन धरना स्थल से हटाना निंदनीय एवं अलोकतांत्रिक
सपा के जिला उपाध्यक्ष सुशील पाण्डेय कान्हजी ने की कार्रवाई की कड़ी निंदा बलिया। समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता सुशील पाण्डेय कान्हजी ने जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे पर्यावरणविद् एवं सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक जी को जबरन धरना स्थल से हटाकर अस्पताल ले जाने की कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक जी के साथ की गई यह कार्रवाई केवल एक व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक के शांतिपूर्ण विरोध और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के संवैधानिक अधिकार पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करती है। लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति संवाद, असहमति का सम्मान तथा संविधान द्वारा प्रदत्त नागरिक अधिकारों की रक्षा है। यदि शांतिपूर्ण आंदोलन और अहिंसक विरोध का उत्तर बल प्रयोग से दिया जाएगा, तो यह किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए अत्यंत चिंताजनक स्थिति है। सुशील पाण्डेय कान्हजी ने कहा कि जो सरकार शांतिपूर्ण आंदोलन से भी भयभीत हो जाए, वह अपनी राजनीतिक शक्ति नहीं, बल्कि अपनी असुरक्षा का परिचय देती है। लोकतंत्र में मतभेदों का समाधान संवाद से होना चाहिए, दम...