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बलिया जनपद स्थापना दिवस पर विशेष भृगु-दर्दर क्षेत्र, बालमीकिया और बलियाग के नाम से जानी जाती रही है बलिया अध्यात्म, अवदान, बलिदान की पावन धरा जो पौराणिक काल मे विमुक्त तीर्थ रही, भृगु-दर्दर क्षेत्र, बालमीकिया और बलियाग के नाम से बलिया जानी जाती रही है। इतिहासकार डाॅ.शिवकुमार सिंह कौशिकेय ने बताया कि इसे बलिया नाम से पहली बार पहचान सन् 1302 ई. मे बख्तियार खिलजी ने राजस्व वसूली की ईकाई ' बलिया ' महाल बनाकर दी।   सन् 1493 ई. मे दिल्ली सल्तनत का बादशाह सिकन्दर लोदी बलिया पहुँचा। जिसने बेला , चमेली ,गुलाब की सुगंध नगरी जिले की सिकन्दरपुर तहसील मुख्यालय पर एक किला बनाने की असफल कोशिश की। 05 मई 1529 ई. को मुगल सल्तनत की नींव रखने वाले बाबर और महमूद लोदी के बीच मध्ययुगीन इतिहास की पहली जल और थल की जंग जिले के खरीद गाँव मे घाघरा नदी तट पर हुई थी।  डाॅ.कौशिकेय ने बताया कि 29 दिसम्बर 1764 को यह भू-भाग ब्रिटिश ईस्ट इण्डिया कम्पनी के अधीन हुआ।1798 ई. मे कम्पनी ने जब गाजीपुर को जिला बनाए तब बलिया को इसे बलिया तहसील बनाए। एक नवंबर 1879 ई. को कम्पनी सरकार ने ही गाजीपुर और आजमगढ़ के भू-भाग ...

पर्यावरण मिनी मैराथन- 2026 दौड़ एक नवंबर को

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समीक्षा बैठक में पर्यावरण मिनी मैराथन के सफल आयोजन हेतु सहयोगियों को सौंपी गई जिम्मेदारी  बलिया। जनपद की समाजसेवी संस्था छात्र सहायता समिति, बलिया की एक महत्वपूर्ण बैठक 30 अक्टूबर दिन शुक्रवार की सायं संपन्न हुई जिसमें पर्यावरण मिनी मैराथन दौड़ - 2026 के आयोजन के तैयारियों की समीक्षा की गई। साथ ही  समिति के सदस्यों, पदाधिकारियों एवं सहयोगियों को कार्यक्रम को सफल एवं भव्य रूप से संपन्न कराने हेतु जिम्मेदारी सौंपी गई।  बैठक में कार्यक्रम की तैयारियों, प्रतिभागियों के पंजीकरण, आयोजन की रूपरेखा, अतिथियों के स्वागत, व्यवस्थाओं एवं विभिन्न दायित्वों को लेकर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। उपस्थित सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए अपने-अपने सुझाव एवं सहयोग का आश्वासन दिया।  सभी ने एकजुट होकर पर्यावरण संरक्षण के इस जनजागरूकता अभियान को जन-जन तक पहुंचाने तथा अधिक से अधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करने का संकल्प लिया।   कार्यक्रम प्रमुख/ अध्यक्ष , छात्र सहायता समिति बलिया सर्वदमन कुमार जायसवाल ने बताया कि पर्यावरण मिनी मैराथन- 202...

बलिया के सात विद्यालयों में विज्ञान जागरूकता कार्यक्रम होंगे आयोजित

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सीवी रमन जी की जयंती समारोह कंपोजिट विद्यालय मिठवार में चार नवंबर को  बलिया। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में जिलाधिकारी महोदय के निर्देशानुसार एवं मुख्य विकास अधिकारी और जिला विद्यालय निरीक्षक के मार्गदर्शन में जिला विज्ञान क्लब बलिया द्वारा जनपद बलिया के छात्र-छात्राओं के बीच विज्ञान के प्रति जागरूकता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, पर्यावरण, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता, अंध विश्वास के विरुद्ध वैज्ञानिक दृष्टिकोण के लिए जागरूकता हेतु जनपद के सात विद्यालयों में नवंबर एवं दिसंबर माह में विज्ञान जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम की शुरुआत भौतिकी में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित सर सीवी रमन जी की जयंती समारोह का आयोजन 04 नवंबर को कंपोजिट विद्यालय मिठवार ब्लॉक गडवार में आयोजित होगा। दूसरा कार्यक्रम स्वस्थ पर्यावरण और स्वस्थ जीवन पर वैज्ञानिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन 18 नवम्बर 2026 को कंपोजिट विद्यालय पिलुई ब्लॉक मनियर में होगा। तीसरा कार्यक्रम स्वास्थ्य एवं स्वच्छता पर वैज्ञानिक जागरूकता कार्यक्रम जो केवल बालिकाओं के लिए होगा, जिसका आयोजन 19...

जनपदीय बाल विज्ञान प्रदर्शनी में जीआइसी बलिया के रूपेश कुमार खरवार रहे प्रथम

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आर के मिशन सागरपाली के आदित्य कुमार पाण्डेय को मिला द्वितीय स्थान बलिया। जनपदीय बाल विज्ञान प्रदर्शनी बुधवार को राजकीय इंटर कॉलेज बलिया के सभागार में लगाई गई। जिसका शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रभारी जिला विद्यालय निरीक्षक बलिया सत्यानंद मिश्र एवं साथ में राजकीय इंटर कॉलेज बलिया के प्रधानाचार्य शशि प्रकाश राय ने किया। बाल विज्ञान प्रदर्शनी में जीआइसी बलिया के रूपेश कुमार खरवार प्रथम स्थान पर रहे। वही आर.के. मिशन सागरपाली के आदित्य कुमार पाण्डेय को द्वितीय स्थान तथा टाउन इंटर कॉलेज बलिया के आलोक कुमार गुप्ता को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सत्यानंद मिश्रा ने बताया कि आवश्यकता ही आविष्कार की जननी होती है। जिसमें हमारे माध्यमिक विद्यालयों के बाल वैज्ञानिक लगातार नवाचार करके इस दिशा में लगातार आगे बढ़ रहे हैं, इनकी यही सोच देश को के विकास में सबसे बड़ा उपयोगी होगा। प्रधानाचार्य शशि प्रकाश राय ने बच्चों को प्रोत्साहित किये और बताया कि बच्चों में कार्य करने असीम संभावना है, बस जरूरत है उनको वैज्ञानिक दृष्टिकोण की तरफ मोड़ने की। जो हमारे शिक्षक ...

उन्नत भारत अभियान में चन्द्रशेखर विश्वविद्यालय हुआ शामिल

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ग्रामीण विकास के कार्यों हेतु  बेरुआरबारी, चिलकहर सहित पाँच गाँवों को विवि ने है अपनाया  बलिया। माननीय कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल की प्रेरणा तथा माननीय कुलपति प्रो. नरेन्द्र कुमार शुक्ल के निर्देशन में जननायक चन्द्रशेखर विश्वविद्यालय का भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के प्रमुख कार्यक्रम उन्नत भारत अभियान के अंतर्गत पंजीकरण हुआ है।  उन्नत भारत अभियान का उद्देश्य आत्मनिर्भर भारत के लिए उच्च शिक्षा एवं गाँवों का रूपांतरण है।  यह अभियान विद्यार्थियों में समाज के प्रति समर्पण की भावना विकसित करने, ग्रामीण समस्याओं के प्रति जागरूकता एवं संवेदनशीलता बढ़ाने तथा गाँवों को सक्षम बनाने की दिशा में कार्य करता है। इसके माध्यम से उच्च शिक्षण संस्थानों के ज्ञान एवं संसाधनों को ग्रामीण समुदायों की वास्तविक आवश्यकताओं से जोड़ने का प्रयास किया जाता है। उन्नत भारत अभियान के अंतर्गत जननायक चन्द्रशेखर विश्वविद्यालय ने ग्रामीण विकास की गतिविधियों के लिए बेरुआरबारी, चिलकहर, दुबहड़, गड़वार एवं बसंतपुर एहतमाली पाँच गाँवों को अपनाया है। इन गाँवों में जिला प्रशासन के सहयो...

भव्य कवि सम्मेलन एवं सम्मान समारोह का 11 नवंबर को

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बलिया में सजेगा साहित्य का महाकुंभ, राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन बलिया। साहित्य, कला, संस्कृति और सृजन को समर्पित डॉ. राम सेवक विकल साहित्य कला संगम ट्रस्ट की ओर से आगामी 11 नवंबर 2026 को राष्ट्रीय संगोष्ठी-2026, भव्य कवि सम्मेलन एवं सम्मान समारोह का आयोजन इसारी सलेमपुर में किया जाएगा। इस राष्ट्रीय स्तर के आयोजन को लेकर साहित्यकारों, कवियों, बुद्धिजीवियों और साहित्य प्रेमियों में उत्साह का माहौल है। कार्यक्रम में देश के विभिन्न क्षेत्रों से साहित्यकार, कवि, आलोचक और शोधार्थी शामिल होकर साहित्यिक विमर्श में भाग लेंगे। ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी का मुख्य विषय “ सृजन-संवाद: डॉ. आदित्य अंशु के रचना कर्म पर केंद्रित” रखा गया है। संगोष्ठी में डॉ. आदित्य अंशु के साहित्यिक अवदान, रचनात्मक दृष्टिकोण और साहित्य के क्षेत्र में उनके योगदान पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही कवि सम्मेलन में रचनाकार अपनी कविताओं के माध्यम से साहित्यिक और सामाजिक सरोकारों को अभिव्यक्त करेंगे। समारोह के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली विभ...

दस्तावेज लेखकों की स्मारिका का वन राज्य मंत्री ने किया विमोचन

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  उत्तर प्रदेश दस्तावेज लेखक एसोसिएशन के तत्वावधान में हुआ कार्यक्रम बरेली। उत्तर प्रदेश दस्तावेज लेखक एसोसिएशन की    स्मारिका का  वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री डॉ अरुण कुमार ने किया। उन्होंने इस स्मारिका की तारीफ की और सभी दस्तावेज लेखकों को इस कार्य की बधाई दी।  एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष वेद प्रकाश सक्सेना कातिब जी ने मंत्री जी से प्रदेश के सभी कातिबों को कैश लेस इलाज सुविधा प्रदान करने की मांग की।  एसोसिएशन के संरक्षक संजय गुप्ता ने बताया कि स्मारिका में सभी दस्तावेज लेखकों के पते, मोबाइल नंबर व अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध हैं जो भविष्य में बहुत लाभकारी होगी।             इस अवसर पर अनिल कुमार एडवोकेट, सदर अध्यक्ष अमर सिंह, अभिषेक पांडे, संजय कुमार, राजेश्वर सिंह यादव, ओम प्रकाश वर्मा, धर्म पाल सिंह, राजेश सक्सेना, धर्मेंद्र सक्सेना, रविन्द्र गुप्ता, श्याम लाल, ओम प्रकाश कन्नौजिया सहित बड़ी संख्या में दस्तावेज लेखक उपस्थित रहे। भगवा परिषद के संतोष उपाध्याय, डॉ सुबोध अस्थाना, सुनील सक्सेना मिलन, ...

महर्षि वाल्मीकि के संदेश को हर विद्यार्थी को अपने जीवन में उतारना चाहिए

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महर्षि वाल्मीकि विद्या मंदिर काजीपुरा में धूमधाम से मनाई गई महर्षि वाल्मीकि जयंती बलिया। महर्षि वाल्मीकि विद्या मंदिर काजीपुरा बलिया में सोमवार को महर्षि वाल्मीकि जयंती बड़े धूमधाम से मनाई गई। कार्यक्रम की शुरुआत महर्षि वाल्मीकि और माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और पूजा-अर्चना से हुई। इस अवसर पर विद्यालय के प्रबंधक / प्रधानाचार्य ने बच्चों को महर्षि वाल्मीकि के जीवन, रामायण की रचना और उनके आदर्शों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने सत्य, चरित्र, करुणा, कर्तव्य और मानवता का संदेश दिया, जिसे हर विद्यार्थी को अपने जीवन में उतारना चाहिए। बच्चों को संदेश दिया गया कि पढ़ाई के साथ-साथ संस्कार, अनुशासन, गुरुजनों का सम्मान और माता-पिता की सेवा ही सच्ची शिक्षा है। महर्षि वाल्मीकि का जीवन बताता है कि सच्चे मन से तप और साधना करने वाला व्यक्ति महान बन सकता है। कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। पूरे विद्यालय परिसर को फूल-मालाओं से सजाया गया था। रिपोर्ट विक्की कुमार...

भारतीय समाज की अमूल्य धरोहर हैं महर्षि वाल्मीकि जी का जीवन एवं साहित्य: सुनील कुमार मौर्य

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सपा कार्यालय पर श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाई गई महर्षि वाल्मीकि एवं संत नामदेव जी की जयंती बलिया। समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय पर आदिकवि महर्षि वाल्मीकि जी एवं महान संत और समाज सुधारक संत नामदेव जी की जयंती आदर और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर उपस्थित नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने महर्षि वाल्मीकि जी और संत नामदेव जी को नमन करते हुए उनके विचारों एवं आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष सुनील कुमार मौर्य ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि जी का जीवन, साहित्य और विचार भारतीय समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उनकी रचनाएं समाज को सत्य, न्याय, समानता और मानवीय मूल्यों का संदेश देती हैं। वहीं, संत नामदेव जी ने अपनी वाणी और विचारों के माध्यम से भक्ति, प्रेम, सामाजिक समरसता तथा मानव समानता का संदेश दिया। दोनों महापुरुषों के विचार आज भी समाज को सही दिशा दिखाने में प्रासंगिक हैं। उनके आदर्शों को आत्मसात कर समतामूलक समाज के निर्माण के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए। कार्यक्रम में सुशील पाण्डेय कान्हजी, रामजी गुप्ता, हिमांशु त्...

हमारी संस्कृति - हमारे त्योहार :राजेश सिंह 'श्रेयस'

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                                    उत्सवधर्मी है हमारा देश भारत  हमारा देश भारत विभिन्न संस्कृति और संस्कारो, रीति रिवाज का देश है। भारत की संस्कृति, संस्कार रीति- रिवाज ही हमारी शक्ति के आधार हैं। हमारा भारत उत्सवधर्मी देश है। स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि भारत उत्सवों का देश है और ये उत्सव, हमें और अधिक ऊर्जान्वित करते हैं तथा और भी अधिक उत्साह कार्य करने की प्रेरणा देते हैं।   हमारी लोक संस्कृति, पूर्व से पश्चिम -उत्तर से दक्षिण तक लगभग एक सी है। बस इसको मनाये जाने वाली पद्धतियाँ विभिन्न है। अनेकता में एकता वाला अपना भारत अपने संस्कृति और संस्कारों से कभी समझौता नहीं करता। भारतीय, भारत में या भारत से सुदूर किसी अन्य देश में जब भी और जहाँ भी जाता है अपनी संस्कृतियों और अपने संस्कारों को साथ-साथ ले जाना नही भूलता  है। उदाहरण के तौर पर यदि देखें तो आज से लगभग 200 से अधिक वर्षों पूर्व भारत से अन्य कैरेबियन गिरमिटिया देश में गए भारतीय मजदूर, स्वयं तो गए लेकिन अपनी संस्कृत...

प्रत्येक व्यक्ति का नैतिक दायित्व है प्रकृति संरक्षण: डॉ. अनिल प्रकाश जोशी

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जेएनसीयू में पर्यावरण संरक्षण पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का हुआ आयोजन बलिया। जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय  में कृषि संकाय के तत्वावधान में पर्यावरण संरक्षण : चुनौतियाँ और भविष्य की संभावनाएँ विषय पर शुक्रवार को एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता प्रख्यात पर्यावरणविद् पद्मभूषण डॉ. अनिल प्रकाश जोशी ने कहा कि प्रकृति ही सबसे बड़ा धर्म है। कहा कि स्वच्छ हवा, जल, मिट्टी के बगैर मनुष्य का जीवन संभव नहीं है।  कहा कि प्रकृति ही मानव जीवन का आधार है और इसका संरक्षण प्रत्येक व्यक्ति का नैतिक दायित्व है। कहा कि बढ़ता प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन, वनों की कटाई तथा प्राकृतिक संसाधनों का अनियंत्रित दोहन पर्यावरण के समक्ष गंभीर चुनौतियाँ हैं। कहा कि मनुष्य ने अपनी विलासिता, प्रतिस्पर्धा और अनियंत्रित लालच के कारण प्रकृति का संतुलन बिगाड़ दिया है, जिसके दुष्परिणाम हमारी आने वाली पीढ़ियों को भुगतने पड़ेंगे। अध्यक्षीय उद्बोधन देते हुए कुलपति प्रो. नरेंद्र कुमार शुक्ल ने जल, जंगल और जमीन के संरक्षण पर बल देते हुए कहा कि पर्यावरण की रक्षा...

दिव्यांगों की सुविधा के लिए विधायिका केतकी सिंह ने सौंपी दो व्हीलचेयर

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बलिया रेलवे स्टेशन पर दो आधुनिक व्हीलचेयर की भेंट  बलिया। दिव्यांग यात्रियों की सहूलियत और रेलवे स्टेशन पर उनकी आवाजाही को सुगम बनाने के लिए बांसडीह विधानसभा क्षेत्र की विधायिका केतकी सिंह ने एक सराहनीय पहल की है। उन्होंने बलिया रेलवे स्टेशन को दो आधुनिक व्हीलचेयर भेंट की हैं। विधायिका ने कहा कि स्टेशन पर आने वाले किसी भी दिव्यांग या वृद्ध यात्री को कोई दिक्कत न हो, इसी जनहित की भावना से यह कार्य किया गया है। इस अवसर पर स्टेशन परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बांसडीह विधायिका केतकी सिंह, स्टेशन अधीक्षक संजय सिंह, गुड्डू सिंह और पार्सल बाबू असगर खान समेत रेलवे के कई अधिकारी व गणमान्य लोग उपस्थित रहे। दिव्यांगों की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म: केतकी सिंह व्हीलचेयर सौंपने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए विधायिका केतकी सिंह ने कहा, "अक्सर देखा जाता है कि रेलवे स्टेशन पर ट्रेन पकड़ने या उतरने के बाद दिव्यांग और बुजुर्ग यात्रियों को प्लेटफॉर्म तक आने-जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। राजनीति का असली मकसद जनसेवा है। इसी को ध्यान में रखते हुए आज यह व्हीलचेयर ...