सभी सिद्धियों को प्रदान करती हैं मां, इसीलिए कहलाती हैं 'सिद्धिदात्री'
डॉ. गणेश पाठक नवरात्रि के नौवें दिन नौ दुर्गा के नौवें स्वरूप मां सिद्धिदात्री की पूजा का विधान है। चूंकि मां की उपासना एवं पूजा -अर्चना से भक्त को सभी सिद्धियों की प्राप्ति होती है, इस लिए इनका नाम 'सिद्धिदात्री' पड़ा। पूजा -अर्चना से प्रसन्न होकर मां आठ सिद्धियों को प्रदान करती हैं। देवी पुराण के अनुसार भगवान शिव ने भी मां सिद्धिदात्री की ही उपासना एवं पूजा - अर्चना करके सभी सिद्धियों को प्राप्त किया। मां सिद्धिदात्री के प्रभाव से ही भगवान शिव अर्धनारीश्वर स्वरूप को प्राप्त किए। मां सिद्धिदात्री का वाहन सिंह है। सिंह पर सवार होकर मां दिव्य स्वरूप में परिलक्षित होती हैं। मां के दिव्य स्वरूप में उनकी चार भुजाएं एवं प्रसन्नवदना स्वरूप चार चांद लगा देता है। मां सिद्धिदात्री की चार भुजाओं में से एक भुजा में कमल पुष्प ,दूसरी भुजा में गदा , तीसरा भुजा में चक्र एवं चौथी भुजा में शंख धारणा धार...