ईवीएम हटाओ बैलेट से प्रत्यक्ष चुनाव कराओ के नारे के साथ आईपीएस, गोंगपा का प्रदर्शन
जिलाधिकारी के माध्यमराष्ट्रपति को प्रेषित किया गया ज्ञापन
बलिया। ईवीएम हटाओ- बैलेट से प्रत्यक्ष चुनाव कराओ! लोकतंत्र बचाओ नारे के साथ इंडियन पीपुल्स सर्विसेज (आईपीएस) व गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के संयुक्त तत्वावधान में 9 नवम्बर दिन शुक्रवार को बलिया जिलाधिकारी कार्यालय पर शान्तिपूर्ण लोकतांत्रिक तरीके से तीन सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन किया गया।
भारत जैसे महान लोकतांत्रिक देश में ईवीएम को तत्काल प्रभाव से बैन करने तथा लोकसभा, विधानसभा सहित सभी प्रकार के निर्वाचन प्रत्यक्ष रूप से बैलेट पेपर से कराने, वर्तमान मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार पर से आम जनता का विश्वास उठ गया है। उनको पद से हटाने के लिए देश भर में प्रदर्शन हो रहे हैं। इसलिए मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार को तत्काल प्रभाव से पदमुक्त करने व पूर्व में मा.सर्वोच्च न्यायालय का निर्णय कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त सहित सभी निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश, प्रधानमंत्री व लोकसभा नेता प्रतिपक्ष की तीन सदस्यीय कमेटी द्वारा नियुक्त किया जायेगा जिसे बहाल करते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त सहित अन्य निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति की जाय।
इस दौरान इंडियन पीपुल्स सर्विसेज (आईपीएस) के संस्थापक राष्ट्रीय अध्यक्ष व गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री अरविंद गोंडवाना ने कहा कि हस्ताक्षर दस्तखत क्या है? हमारे समझ से किसी भी दस्तावेज पर हस्ताक्षर दस्तखत करने का स्पष्ट अर्थ यह होता है कि उस पर लिखे गए वक्तव्यों पर अपनी सहमति प्रदान करना अर्थात सहमत होना और यह सहमति प्रत्यक्ष हस्ताक्षर दस्तखत के माध्यम से ही व्यक्त की जाती है। मा.राष्ट्रपति प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, सांसद, विधायक गण, भारत निर्वाचन आयोग के आयुक्त गण, राज्यपाल गण, मा. सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश गण, मा. उच्च न्यायालय के न्यायाधीश गण, भारत सरकार व प्रदेश सरकार के आला अधिकारी गण, जिलाधिकारी सहित सभी अधिकारी गण किसी भी दस्तावेज को ध्यान से देख पढ़कर ही अपने प्रत्यक्ष हस्ताक्षर दस्तखत कर के ही अपनी सहमति प्रदान करते हैं।
बैंक में भी चेक आहरण पत्र या अन्य सभी दस्तावेज़ पर भी प्रत्यक्ष हस्ताक्षर दस्तखत ही मान्य होता है। अचल संपत्ति भूमि का विक्रय भी प्रत्यक्ष हस्ताक्षर दस्तखत द्वारा ही कानूनी रूप से मान्य होता है तो ठीक उसी प्रकार किसी भी मा.मतदाता गण द्वारा अपने मताधिकार का प्रयोग कर किसी भी प्रत्याशी को वोट देना भी अपनी सहमति प्रदान करना ही है तो फिर वोट देकर अपनी सहमति भी प्रत्यक्ष रूप से बैलेट पेपर पर मुहर लगा कर के ही दी जा सकती है न कि अप्रत्यक्ष रूप से वोट देकर।
लोकतंत्र बचाओ संविधान बचाओ ईवीएम हटाओ- बैलेट पेपर पर मुहर लगाकर प्रत्यक्ष रूप से वोट मतदान कराओ की मांग को लेकर लोकतांत्रिक संवैधानिक तरीके से राष्ट्रव्यापी संगठित संघर्ष जनांदोलन खड़ा किया जाना आज के दौर में हर भारतवासी का संवैधानिक लोकतांत्रिक दायित्व और नैतिक कर्तव्य है। इसके लिए राष्ट्रव्यापी संगठित संघर्ष जनांदोलन तेज किए जाने की आवश्यकता है। अरविंद गोंडवाना ने आगे कहा कि जब उत्तर प्रदेश त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत, ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत सदस्य का चुनाव बैलेट पेपर पर मुहर लगाकर प्रत्यक्ष रूप से हो सकता है तो राष्ट्र के भविष्य का निर्वाचन करने जैसे अति महत्वपूर्ण विषय लोकसभा व विधानसभा का चुनाव बैलेट पेपर पर मुहर लगाकर प्रत्यक्ष रूप से क्यों नहीं हो सकता। राष्ट्रपति जी को संबोधित ज्ञापन मांग पत्र जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार सिंह जी के हाथों में सौंपा गया।
प्रदर्शन के दौरान प्रमुख रूप से आईपीएस गोंगपा के जिलाध्यक्ष सुरेश शाह, युवा मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मनोज शाह, संजय गोंड, श्यामनारायण गोंड, हरिशंकर प्रसाद गोंड, बच्चा लाल गोंड, ओमप्रकाश गोंड, शिवशंकर गोंड, रविन्द्र गोंड, रामनारायण गोंड, अंकुर गोंड, मुन्ना गोंड, अंकित शाह, आदित्य गोंड भी प्रमुख रूप से रहे।
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