उद्यमिता एवं कौशल विकास के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ

टाई एंड डाई, ब्लॉक प्रिंटिंग एवं फाइल-फोल्डर निर्माण का दिया जा रहा व्यावहारिक प्रशिक्षण
बलिया। जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय, बलिया के गृह विज्ञान विभाग एवं जेएनसीयू फाउंडेशन इन्क्यूबेशन एंड इनोवेशन सेंटर के संयुक्त तत्वावधान में छात्राओं के उद्यमिता एवं कौशल विकास के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का सोमवार को शुभारंभ हुआ। 


कार्यशाला में छात्राओं को टाई एंड डाई, ब्लॉक प्रिंटिंग एवं फाइल-फोल्डर निर्माण का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डॉ. वंदना शुक्ला ने महिलाओं एवं बेटियों को रोजगार और आत्मनिर्भरता से जोड़ने के लिए कौशल विकास के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने छात्राओं को अपने हुनर को रोजगार का माध्यम बनाने के लिए प्रेरित किया। 

उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. नरेन्द्र कुमार शुक्ल ने कहा कि नयी शिक्षा नीति में कौशल विकास पर अत्यधिक बल दिया ग्या है। विश्वविद्यालय शिक्षा प्रदान करने के साथ ही युवाओं के कौशल विकास की दिशा में भी आगे बढ़ेगा। यह कार्यशाला इस दिशा में एक प्रयत्न है। ऐसे प्रयत्न हम आगे भी करते रहेंगे ताकि युवाओं की रोजगारोन्मुखता बढ़े।

कार्यशाला में प्रशिक्षक डॉ. चांदनी गुप्ता द्वारा छात्राओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कार्यशाला में ग्रामीण क्षेत्रों से आईं छात्राओं सहित प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इसका उद्देश्य छात्राओं को व्यावहारिक कौशल प्रदान कर उन्हें स्वरोजगार, आत्मनिर्भरता और उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ाना है। कार्यक्रम की समन्वयक डॉ. सौम्या तिवारी ने विषय प्रवर्तन किया। 

कार्यक्रम का संचालन पीआरओ डॉ. प्रमोद शंकर पाण्डेय ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन शैक्षणिक निदेशक डॉ. पुष्पा मिश्रा ने किया। इन्क्यूबेशन सेंटर के निदेशक डॉ. विवेक कुमार एवं डॉ रूबी के निर्देशन में यह कार्यक्रम आयोजित हुआ। आयोजन में गृह विज्ञान विभाग की डॉ. रंजना मल्ल, डॉ. तृप्ति तिवारी एवं डॉ. संध्या सहित समस्त प्राध्यापकों का सहयोग रहा। कार्यशाला में परिसर एवं महाविद्यालय की छात्राओं के साथ गोद लिये हुए गाँवों की के महिलाओं ने प्रतिभाग किया।
रिपोर्ट: विनय कुमार

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