पुरुष आयोग की स्थापना की मांग को लेकर हुई बैठक

                          
मांग न पूरी न होने पर जंतर-मंतर पर होगा अनशन 
रसड़ा(बलिया)। भारत में पुरुष आयोग की स्थापना की मांग को लेकर चल रहे पुरुष आयोग आंदोलन -2025 के तहत शनिवार को निकट कृषि मंडी सदस्य के प्रतिष्ठान पर रसड़ा, बलिया में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया।

यह बैठक अस्मिता संस्कृति संगठन (रजि.) के बैनर तले आयोजित हुई। बैठक का आयोजन एवं नेतृत्व सक्रिय कार्यकर्ता सोनू भास्कर द्वारा किया गया। इसमें पुरुष आयोग आंदोलन के जिला अध्यक्ष, मऊ पंकज कुमार सक्सेना मुख्य रूप से उपस्थित रहे। बैठक में पुरुषों से जुड़ी सामाजिक, पारिवारिक और कानूनी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा हुई। 

वक्ताओं ने कहा कि पुरुषों की समस्याओं को भी संवेदनशीलता और निष्पक्षता के साथ सुना जाना चाहिए। केवल आरोप या एफआईआर के आधार पर किसी को दोषी मानना उचित नहीं है। मऊ जिला अध्यक्ष पंकज सक्सेना ने बताया कि एनसीआरबी की वर्ष 2023 की रिपोर्ट '' के अनुसार देश में कुल आत्महत्या के मामलों में 72.8 प्रतिशत मामले पुरुषों के हैं, जो महिलाओं के अत्याचार से परेशान थे, जो पुरुषों पर बढ़ते मानसिक और आर्थिक दबाव को दर्शाता है। 

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि 2027 तक सरकार पुरुष आयोग की स्थापना की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाती है, तो जंतर-मंतर, नई दिल्ली पर शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से आमरण अनशन किया जाएगा। विचारक ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन किसी वर्ग के खिलाफ नहीं, बल्कि समानता और न्याय के अधिकार के लिए है। बैठक मे सोने भास्कर, प्रदीप बोध, राम कुमार, अरविन्द राजभर, विक्री, राम अवध राजभर, देवचन्द, सुरज, सर्वजीत कुमार, मोहित भास्कर, सनी कुमार आदि लोग रहे।
रिपोर्ट: मोहसिन उर्फ रिंकू

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