अपनी रचनाओं के माध्यम से किया समाज को शिक्षित- संस्कारित: अशोक

मनाई गई कवि स्व. त्रिभुवन प्रसाद सिंह प्रीतम की जयंती
बलिया। नगर के टाउन हॉल स्थित 'चलता पुस्तकालय' में मंगलवार को जनपद के वरिष्ठ कवि, पूर्व शिक्षक एवं पत्रकार स्व. त्रिभुवन प्रसाद सिंह प्रीतम की 88वीं जयंती मनायी गयी। कार्यक्रम का शुभारम्भ युवा भजन सिंगर काशीनाथ ठाकुर के द्वारा प्रस्तुत की गयी वाणी वंदना से हुआ। 

कार्यक्रम में पधारे हुए समस्त साहित्यकारों एवं साहित्य प्रेमियों ने प्रीतम जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करके उन्हें नमन किया। दिवंगत कवि को याद करते हुए पूर्व पत्रकार अशोक ने कहा कि वे कवि होते हुए भी अपनी रचनाओं के माध्यम से समाज को शिक्षित- संस्कारित करने का कार्य करते रहे।

 इसी क्रम में पूर्व प्राचार्य डा० गणेश कुमार पाठक ने भी प्रीतम जी को एक साहसिक पत्रकार और कवि बताया।कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ साहित्यकार डा० जनार्दन राय ने भी उन्हें शिक्षक, पत्रकार और कवि का समन्वित रूप बताते हुए, उनकी कुण्डलिया छंद में व्याप्त यथार्थवाद के लिए उनको सराहा। इनके अतिरिक्त केदार ओझा, डा० इफ्तेखार खां आदि ने भी अपने संस्मरणों के माध्यम से 'प्रहार' नामक पुस्तक के रचयिता को याद किया। 

कार्यक्रम के दौरान विजय मिश्र, डा० भोला प्रसाद आग्नेय, शिवजी पाण्डेय रसराज, श्वेतांक सिंह, हीरालाल हीरा, रमेश्वर सिंह, डा० कादम्बिनी सिंह, श्वेता पाण्डेय मिश्र, संजय सिंह, शशिलता पाण्डेय, सुशीला पाल, निकिता चतुर्वेदी, फतेहचंद बेचैन, तेजबहादुर वर्मा, अभिषेक मिश्र, पवन तिवारी, धीरज आदि ने अपनी स्तरीय और बहुरंगी कविताओं का पाठ किया। 

इस अवसर पर राम सकल गिरि, कृष्ण कुमार सिंह, नारायण दत्त पाण्डेय, प्रमोद कुमार वर्मा, धनन्जय सिंह, प्रेम शंकर पाण्डेय, डा० अरविंद कुमार उपाध्याय, पन्ना लाल पाण्डेय, बच्चा लाल साव, के के सिन्हा, शत्रुघ्न राय, आराध्या, केशव प्रसाद, शराफत अली, इमामुद्दीन खां,अखिलेश पाण्डेय आदि उपस्थित रहे। संचालन कवि डा० शशि प्रेमदेव ने किया।

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