उनके सिद्धांतों को आत्मसात करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि: प्रो.नरेंद्र कुमार शुक्ल

जेएनसीयू में मनाई गई राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री की जयंती 
बलिया। जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय में 2 अक्टूबर दिन शुक्रवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जयंती एवं भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री की जयंती हर्षोल्लास के साथ मनायी गयी। कुलपति प्रो. नरेंद्र कुमार शुक्ल ने ध्वजारोहण किया और महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री के चित्र पर अपने श्रद्धा- सुमन अर्पित किए। 

कुलपति जी ने अपने उद्बोधन में महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री के विचारों, आदर्शों एवं जीवन मूल्यों पर प्रकाश डाला।उन्होंने कहा कि उनके सिद्धांतों को आत्मसात करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। कहा कि नशामुक्ति, स्वच्छता अभियान जैसे कार्यक्रम गांधीजी के सिद्धांतों पर ही आधारित हैं। गांधीजी के अंत्योदय का सिद्धांत आज भी प्रासंगिक है। विकास की मुख्यधारा से आखिरी आदमी को जोड़े बिना विकसित और समृद्ध भारत का सपना साकार नहीं किया जा सकता।

जिस प्रकार गांधी जी के तीन बंदर बुरा न देखने, बुरा न सुनने और बुरा न बोलने का संदेश देते हैं, उसी प्रकार आज के डिजिटल युग में भी हमें नकारात्मक एवं भ्रामक सामग्री से दूर रहना चाहिए। उन्होंने सकारात्मक डिजिटल व्यवहार, जिम्मेदार सूचना-साझाकरण तथा सोशल मीडिया का विवेकपूर्ण उपयोग करने की आवश्यकता पर बल दिया। संगीत विभाग के विद्यार्थियों ने 'रघुपति राघव राजा राम' एवं भजन की प्रस्तुति की। सांस्कृतिक समिति द्वारा कार्यक्रम आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मंच संचालन डॉ. प्रमोद शंकर पाण्डेय एवं धन्यवाद ज्ञापन शैक्षणिक निदेशक डॉ. पुष्पा मिश्रा ने किया। 

इस अवसर पर कुलसचिव एस एल पाल, सहायक कुलसचिव जितेंद्र नाथ मिश्र, कुलानुशासक डॉ. प्रियंका सिंह, छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ. विनीत सिंह सहित सांस्कृतिक समिति के सदस्य डॉ. रजनी चौबे, डॉ. सरिता पांडेय, डॉ. मनोज जायसवाल, डॉ. प्रेम भूषण यादव एवं परिसर के समस्त प्राध्यापक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
रिपोर्ट: विनय कुमार

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