वर्तमान के अनुशासित प्रयासों की दिशा है लक्ष्य: जानू राम
नागाजी सरस्वती विद्या मंदिर में ‘लक्ष्य बोध पत्रक’ कार्यक्रम हुई आयोजित
रसड़ा (बलिया)। नागाजी सरस्वती विद्या मंदिर, अखनपुरा रसड़ा में दशम एवं द्वादश के भैया-बहनों के लिए ‘लक्ष्य बोध पत्रक’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में लक्ष्य निर्धारण, उसकी प्राप्ति की कार्ययोजना तथा विद्यार्थी, अभिभावक एवं अध्यापक की भूमिका पर मार्गदर्शन दिया गया।
कार्यक्रम की प्रस्ताविकी एवं अतिथि परिचय प्रधानाचार्य डॉ. राजेंद्र पांडेय ने कराया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जीवन में स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर अपनी प्रतिभा और ऊर्जा को सही दिशा देना आवश्यक है। मुख्य अतिथि डायट के प्रवक्ता श्री जानू राम जी ने कहा कि लक्ष्य केवल सपना नहीं, बल्कि स्पष्ट योजना और निरंतर अभ्यास का परिणाम है। बड़े लक्ष्य को छोटे चरणों में विभाजित कर समय का सदुपयोग, नियमित आत्म मूल्यांकन और असफलताओं से सीखना सफलता की कुंजी है। उन्होंने कहा, “लक्ष्य भविष्य की कल्पना नहीं, वर्तमान के अनुशासित प्रयासों की दिशा है।
विशिष्ट अतिथि एवं मनोवैज्ञानिक श्री देवेंद्र कुमार सिंह ने लक्ष्य निर्धारण के वैज्ञानिक एवं मनोवैज्ञानिक पक्ष पर प्रकाश डालते हुए कहा कि लक्ष्य विद्यार्थी की रुचि, क्षमता एवं परिस्थितियों के अनुरूप होना चाहिए। स्पष्ट लक्ष्य एकाग्रता बढ़ाता है तथा प्रयासों को सही दिशा देता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता मथुरा पी.जी. कॉलेज के प्रवक्ता डॉ. सुरेश मिश्रा जी ने की। उन्होंने लक्ष्य के आध्यात्मिक पक्ष को स्पष्ट करते हुए कहा कि लक्ष्य केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि कर्तव्य, चरित्र निर्माण और समाज के प्रति उत्तरदायित्व से भी जुड़ा होना चाहिए। विज्ञान लक्ष्य प्राप्ति की विधि देता है, जबकि अध्यात्म उसे सही दिशा और उद्देश्य प्रदान करता है।
अभिभावकों रिंकू पटेल, डॉ. उमेश प्रताप सिंह एवं डॉ. महेश कनौजिया ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि बच्चों की सफलता में परिवार का सकारात्मक वातावरण, उनकी रुचि को समझना और निरंतर प्रोत्साहन महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम में लक्ष्य कैसे तय करें, उसे प्राप्त करने के उपाय, वैज्ञानिक एवं आध्यात्मिक आधार तथा विद्यार्थी- अभिभावक- अध्यापक की भूमिका पर चर्चा हुई। कार्यक्रम प्रमुख श्री सुमंत ठाकुर रहे।
अंत में श्री शिवम सिंह ने आभार व्यक्त किया। लक्ष्य बोध पत्रक’ विद्यार्थियों को अपने भविष्य की दिशा तय कर उसे योजनाबद्ध एवं अनुशासित प्रयासों से उपलब्धि में बदलने की प्रेरणा देने वाला मार्ग प्रशस्त हुआ जो यह कार्यक्रम बना।
रिपोर्ट: मोहसिन उर्फ रिंकू
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