शिक्षक अध्यापन के साथ शोध एवं अनुसंधान की गतिविधियों में भी रहे सक्रिय: कुलपति

मॉडर्न सॉफ्टवेयर यूजेज इन रिसर्च विषय पर परिसर के प्राध्यापकों के साथ संवाद
बलिया। जननायक चन्द्रशेखर विश्वविद्यालय में इलाहाबाद विश्वविद्यालय के लाइब्रेरियन डॉ. बी. के. सिंह ने मॉडर्न सॉफ्टवेयर यूजेज इन रिसर्च विषय पर परिसर के प्राध्यापकों के साथ संवाद किया। बताया कि वर्तमान समय में शोध लेखन में एआई का प्रयोग बढ़ रहा है। एआई के प्रयोग में सतर्कता की आवश्यकता है। 

कहा कि शोध लेखन में एआई का प्रयोग कठिन विश्लेषण को सरल करने के लिए किया जाना चाहिए और शोधकर्ता को शोध लेखन के स्थापित तरीकों के आधार पर खुद ही शोध प्रबंध लिखना चाहिए। अब शोध प्रबंध जमा करने के पहले प्लैजियरिज्म और एआई के तय मानक से कम उपयोग के प्रमाणन की आवश्यकता होती है। इसके लिए हमेशा मान्य सॉफ्टवेयर का ही प्रयोग करें अन्यथा शोध प्रबंध की चोरी का खतरा बना रहता है। बताया कि छोटे वाक्यों के प्रयोग से, कर्तृवाच्य के प्रयोग से, अल्प विराम के सुसंगत प्रयोग से शोध लेखन के प्लेजियारिज्म फ्री होने का प्रमाणपत्र सरलता से प्राप्त किया जा सकता है। आर्टिकल लिखने में उद्धरणों का प्रयोग 15 प्रतिशत तक ही किया जा सकता है। बताया कि सॉफ्टवेयर के प्रयोग से सन्दर्भ सूची आसानी से बन सकती है। इंटरनेट पर शोध सामग्री की उपलब्धता ने शोध को सरल बनाया है किन्तु इसके प्रयोग में सावधानी बरतने की जरूरत है नहीं तो शोध प्रबंध के प्लेजियारिज्म के दायरे में आने का खतरा रहता है। 

कुलपति प्रो. नरेन्द्र कुमार शुक्ल ने कहा कि प्राध्यापक गण अध्यापन के साथ शोध एवं अनुसंधान की गतिविधियों में भी सक्रिय रहें। उच्च शिक्षा की गुणवत्ता बनाये रखने में नये अनुसंधान जरूरी होते हैं। विश्वास दिलाया कि शोध गतिविधियों के प्रोत्साहन के लिए विवि हर जरूरी मदद करेगा। 

इस मौके पर वित्त अधिकारी आनंद दुबे, शैक्षणिक निदेशक डॉ. पुष्पा मिश्रा, शोध समन्वयक डॉ. विनीत सिंह, कुलानुशासक डॉ. प्रियंका सिंह सहित परिसर के प्राध्यापक उपस्थित रहे।
रिपोर्ट: विनय कुमार

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