बजट 2026: विकसित भारत @2047 हेतु संकल्पित
प्रो. संजीत कुमार गुप्ता, कुलपति
जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय बलिया
केंद्रीय बजट में तीन कर्तव्य पथों की चर्चा की गई है - विकास, समावेशन और सुधार ताकि समावेशी विकास का लक्ष्य पूरा हो सके तथा लोगों को संसाधनों तक पहुंच बन सके। विकसित भारत की संकल्पना के साथ भारत सरकार इस बजट के माध्यम से सुनिश्चित करना चाहती है कि विकास का लाभ किसान,अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित -जनजाति, महिलाओं तथा युवाओं तक पहुंचे।
बजट में वित्तीय वर्ष 2026 -27 के लिए राजकोषीय नीतियों को विकसित भारत @2047 के लक्ष्य के अनुकूल संतुलित किया गया है l इस बजट में रिकॉर्ड पूंजीगत व्यय लगभग 12.2 लाख करोड़ तक बढ़ाने का प्रस्ताव है जिससे इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स और आर्थिक वृद्धि को मजबूत कर निवेश के लिए अनुकूल माहौल बनाने का संपूर्ण प्रयास हो सके l मानसिक स्वास्थ्य को मजबूती प्रदान करने के लिए NIMHANS- 2 का बजट प्रस्ताव है।
बजट में चार राज्यों (उड़ीसा, केरल, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश ) के लिए विशेष दुर्लभ पृथ्वी गलियारे स्थापित करने का प्रस्ताव है l बजट 2026 -27 में प्रस्ताव है कि पूर्वोत्तर राज्यों में बौद्ध सर्किट का विकास एवं मेडिकल टूरिज्म हेतु पांच क्षेत्रीय केंद्र स्थापित किया जाएगा। बजट में पांच नई यूनिवर्सिटी टाउनशिप विकसित करने का प्रस्ताव है, जो पी पी पी मॉडल के आधार पर विकसित किए जाएंगेl यह टाउनशिप राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय उच्च शिक्षा के केंद्र रहेंगे l महिला शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए हर जिले में एक महिला छात्रावास विकसित करने का प्रस्ताव है, बजट में सूक्ष्म,लघु और मध्यम उद्योग के क्षेत्र में 10,000 करोड रुपए अतिरिक्त सहायता का प्रस्ताव है, ताकि उन्हें वृद्धि और रोजगार देने में मदद मिल सके।
बजट में स्वास्थ्य और फार्मा सेक्टर को विशेष प्राथमिकता देने का प्रस्ताव है। बजट में इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 की घोषणा की गई है इसकी इसके लिए 40,000 करोड रुपए खर्च करने का प्रस्ताव है, इससे उत्पादन और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा
रिपोर्ट: विनय कुमार
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