आजादी का आन्दोलन है हिन्दी का आंदोलन: प्रो. सन्तोष प्रसाद गुप्त
हिन्दी दिवस/ हिन्दी पखवारा अभियान 2026 की हुई शुरूआत
कबीरम् समाज के तत्वावधान मेंशिक्षक सप्ताह अभियान का हुआ समापन
बलिया। कबीरम् समाज बलिया तथा अखिल भारतीय कबीरम् सेवा संघ, गर्जपतिपूरम व जनता जनार्दन मंच, बलिया के तत्वावधान में टी0डी0 काॅलेज के जाने-माने कृषि अर्थशास्त्री डाॅ0 सत्यानन्द गुप्त के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर शिक्षा, शिक्षण तथा शिक्षकों के अधिकारों को लेकर 05 सितम्बर 2026 से 12 सितम्बर 2026 तक चलने वाला शिक्षक सप्ताह अभियान का समापन हुआ तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को सम्बोधित पुनः ज्ञापन पत्र भेजकर 14 सितम्बर हिन्दी दिवस/ हिन्दी पखवारा अभियान 2026 की शुरूआत हुई।
उक्त अवसर पर अखिल भारतीय विश्वविद्यालय सम्बद्ध महाविद्यालय शिक्षक संघ (ए0आई0एफ0यू0सी0टी0ओ0) के आजीवन सदस्य तथा संरक्षक एवं श्री मुरली मनोहर टाउन पी0जी0 काॅलेज, बलिया अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष प्रोफेसर सन्तोष प्रसाद गुप्त ने बताया कि हिन्दी का आन्दोलन आजादी का आन्दोलन है। भारत में हिन्दी आन्दोलन हिन्दी तथा देवनागरी लिपि को सामाजिक, शैक्षणिक तथा प्रशासनिक क्षेत्रों में स्थापित करने का एक ऐतिहासिक प्रयास है। यह आन्दोलन की शुरूआत 19वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में भारतेन्दु हरिश्चन्द्र के समय हुई। स्वामी दयानन्द सरस्वती, मदन मोहन मालवीय, मुंशी प्रेमचन्द, पुरूषोत्तम दास टण्डन और महात्मा गांधी ने हिन्दी को राष्ट्रभाषा बनाने के लिए विशेष कार्य किया। आर्य समाज और काशी नागरी प्रचारिणीय सभा ने देवनागरी लिपि के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जिसका मुख्य उद्देश्य अदालतों तथा सरकारी दफ्तरों में फारसी या अंग्रेजी की जगह हिन्दी तथा देवनागरी लिपि को मान्यता दिलाना ही देश को सामाजिक तथा भाषाई रूप से एक सूत्र में बांधना है।
पुनश्च प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को सम्बोधित पुनः ज्ञापन पत्र (रिमाइण्डर) भेजकर अवगत कराया गया है कि कृपालपुर, सोनवानी, जनपद-बलिया निवासी श्री घूराराम समाजसेवी का कहना है कि प्रधानमंत्री कार्यालय, नई दिल्ली तथा शासन/ प्रशासन के अधिकारीगण उनके मो0नं0- 7275910783 पर बात कर सम्बन्धित डिमाण्ड को पूर्ण किये जाने को लेकर आश्वासन प्रदान की है। वे चाहते हैं कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी उनके मो0नं0- 7275910783 पर बात कर व मुलाकात कर संतुष्ट करें ताकि वे आश्वस्त हो सके। आशा व्यक्त की गयी है कि जल्द ही प्रधानमंत्री, नरेन्द्र मोदी जी सभी सम्बन्धित सुझावों तथा डिमाण्ड को पूर्ण किये जाने की घोषणा कर सकते हैं, सभी से सहयोग की अपील की गयी है।
सम्बन्धित सुझाव तथा डिमाण्ड का संक्षेप में विवरण इस प्रकार है ‘जैसे- ‘‘आजादी का पर्व 19 अगस्त बलिया बलिदान दिवस/विजय दिवस/शौर्य दिवस को राष्ट्रीय मान्यता प्रदान किया जाय अर्थात सार्वजनिक तथा एकेडमिक अवकाश घोषित की जाय। पुरानी पेंशन योजना पुनः बहाल किया जाय अर्थात केन्द्र सरकार तथा राज्य सरकारों में सन् 2004-05 के बाद नियुक्त कार्मिकों जैसे- कर्मचारी, शिक्षक तथा अधिकारीगण इत्यादि को पुरानी पेंशन योजना पुनः बहाल किया जाय। नई पेंशन योजना रद्द किया जाय। यू0पी0एस0 रद्द किया जाय। तदर्थ तथा संविदा के आधार पर कार्य कर रहे अस्थायी कार्मिकों की सेवाओं का स्थायीकरण एवं विनियमतीकरण किया जाय। नई शिक्षा नीति 2020 रद्द किया जाय। प्रोफेसर पदनाम हेतु पीएच-डी0 की अनिवार्यता खत्म किया जाय। शिक्षा बजट जी0डी0पी0 का दस प्रतिशत किया जाय। शिक्षा बजट आबंटन बढ़ाया जाय। विकास भत्ता प्रति परिवार प्रति सदस्य के हिसाब से रू0-2500/-(दो हजार पांच सौ रू0) प्रतिमाह प्रदान किया जाय। आधार कार्ड की अनिवार्यता व बाध्यता समाप्त किया जाय। शोध अध्येत्तावृत्ति रू0- 25000/-(रू0 पच्चीस हजार) प्रतिमाह प्रदान किया जाय। लाॅक डाउन से पीड़ित परिवारों की मदद की जाय।
अमर शहीद मंगल पाण्डेय की जन्म स्थली नगवाँ गांव तथा आस-पास के इलाके को मंगल क्षेत्र घोषित किया जाय तथा इसका सामाजार्थिक सुधार कर अम्बेडकर ग्राम तथा दीनदयाल उपाध्याय ग्राम जैसी विशेष सरकारी सुविधाएं प्रदान की जाय। छात्रो के हित में छात्र संघ बहाल किया जाय। आपदा प्रबन्धन नीति को मजबूत किया जाय। न्याय की पहुंच का आम आदमी तक सरल एवं सुगम किया जाय। सार्वजनिक वितरण प्रणाली को सर्वसुलभ, सरल तथा मजबूत किया जाय। आधार कार्ड की अनिवार्यता व बाध्यता समाप्त किया जाय। जनपद बलिया के ग्राम टकरसन स्थित श्रीराम लक्ष्मण जानकी आश्रम (प्राचीन ठाकुर जी का मठिया) का पुनः उद्धार एवं सुन्दरीकरण किया जाय।
आठवे वेतनमान की रिपोर्ट को यथाशीघ्र लागू किया जाय। वेतन विसंगतिया दूर किया जाय। कार्यकाल के आधार पर प्रमोशन किया जाय। ए0पी0आई0 व्यवस्था समाप्त किया जाय। शिक्षा तथा स्वास्थ्य विभाग का बाजारीकरण बंद किया जाय। बलिया के प्रथम सांसद, कुशल अधिवक्ता तथा स्वतंत्रता सेनानी मुरली मनोहर के नाम पर श्री मुरली मनोहर केन्द्रीय विश्वविद्यालय की भी सुविधा प्रदान किया जाय। हिन्दी को राष्ट्रभाषा घोषित किया जाय। सार्वजनिक क्षेत्र में फीस, फेयर तथा फाॅइन जैसी निजी संकल्पना बंद किया जाय। सम्पूर्ण भारतवर्ष में रामराज्य लागू किया जाय इत्यादि।’‘
उक्त अवसर पर प्रो0 सुशील किशोर श्रीवास्तव, अमरनाथ यादव, गरीब प्रसाद, गाजीपुर सदर विधायक श्री जैकिशन साहू, प्राचार्य डाॅ0 सन्तोष सिंह, इंजिनियिर संजीव गुप्ता, राहुल गुप्ता, अनिल गुप्ता, सीजेएम ज्ञान चन्द्र गुप्ता, कामरेड तेजनारायण जी, डाॅ0 प्रदीप कुमार श्रीवास्तव, डाॅ0 फतेह चन्द बेचैन, जनता जनार्दन मंच, बलिया के संयोजक श्री अजय कुमार गुप्ता, डाॅ0 सुशील कुमार श्रीवास्तव, रूद्रांश गुप्त, मंटू साहनी, अधिवक्ता श्रीराम जी ठाकुर, श्रीमती एम0एम0 साहू, घूराराम समाजसेवी, बब्बन यादव एन0के0 सिंह पत्रकार इत्यादि उपस्थित रहे। अंत में प्रो. सन्तोष प्रसाद गुप्त ने आभार व्यक्त की।
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