चितबड़ागांव को तहसील बनाने की कवायद तेज

क्षेत्र के विकास और जनता की सुविधा की दिशा में है महत्वपूर्ण कदम: नारद राय
बलिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार जनपद बलिया में चितबड़ागांव को नई तहसील बनाए जाने की प्रक्रिया तेज हो गई है। जिलाधिकारी बलिया की ओर से चितबड़ागांव को तहसील बनाए जाने के संबंध में प्रस्ताव भेजा गया है। 

प्रस्ताव पर पूर्व मंत्री नारद राय ने आभार जताते हुए इसे क्षेत्र के विकास और जनता की सुविधा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। प्रस्ताव के अनुसार वर्तमान सदर तहसील का क्षेत्र काफी विस्तृत है। वर्तमान में बलिया तहसील में 822 राजस्व गांव और 204 लेखपाल क्षेत्र हैं। तहसील का क्षेत्रफल करीब 804 वर्ग किलोमीटर है तथा पूरब से पश्चिम तक इसकी लंबाई लगभग 80 किलोमीटर है।

प्रस्ताव में सदर तहसील के विभाजन के बाद चितबड़ागांव को नई तहसील बनाए जाने की बात कही गई है। प्रस्तावित तहसील में 403 राजस्व गांव और 102 लेखपाल क्षेत्र शामिल किए जाने का प्रस्ताव है। इसमें सोहांव ब्लॉक पूर्ण रूप से तथा गड़वार और हनुमानगंज ब्लॉक के कुछ हिस्से शामिल किए जाने की बात कही गई है।

नई तहसील बनने से क्षेत्र के लोगों को राजस्व एवं प्रशासनिक कार्यों के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी, जिससे आम जनता को काफी राहत मिलने की उम्मीद है। प्रस्ताव में कानून-व्यवस्था बेहतर होने और भूमि संबंधी विवादों में कमी आने की संभावना भी जताई गई है।

इस प्रस्ताव पर पूर्व मंत्री नारद राय ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि चितबड़ागांव को तहसील बनाए जाने की पहल लंबे समय से क्षेत्र की आवश्यकता रही है। इससे आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को प्रशासनिक कार्यों में सुविधा मिलेगी और क्षेत्र के विकास को भी गति मिलेगी।

प्रस्तावित तहसील में नरही और चितबड़ागांव थाना पूर्ण रूप से, जबकि फेफना और गड़वार थाना क्षेत्र के कुछ हिस्से शामिल किए जाने का प्रस्ताव है। साथ ही चितबड़ागांव और फेफना रेलवे स्टेशन तथा सड़क मार्ग की सुविधा को भी प्रस्ताव का आधार बनाया गया है।

जिलाधिकारी कार्यालय की ओर से उप जिलाधिकारी सदर को शासन एवं राजस्व परिषद द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप औचित्यपूर्ण एवं सुसंगत प्रस्ताव तीन दिवस के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।फिलहाल चितबड़ागांव को तहसील का दर्जा देने की अंतिम स्वीकृति शासन स्तर से होना बाकी है।
रिपोर्ट: मोहसिन उर्फ रिंकू

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