मिलावट की पहचान करने की सरल एवं व्यावहारिक विधियों का किया गया प्रदर्शन

जेएनसीयू मे गृह विज्ञान विभाग द्वारा हुआ खाद्य पदार्थों में मिलावट की पहचान एवं जागरूकता कार्यक्रम
बलिया। राष्ट्रीय पोषण सप्ताह के अंतर्गत गृह विज्ञान विभाग, जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय द्वारा तृतीय दिवस पर खाद्य पदार्थों में मिलावट के प्रति जागरूकता एवं मिलावट की पहचान विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई। 

कुलपति प्रो. नरेन्द्र कुमार शुक्ल के संरक्षण एवं निदेशक शैक्षणिक डॉ. पुष्पा मिश्रा के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को दैनिक जीवन में प्रयोग किए जाने वाले खाद्य पदार्थों में होने वाली संभावित मिलावट के प्रति जागरूक करना तथा सरल, घरेलू एवं प्राथमिक परीक्षण विधियों के माध्यम से मिलावट की पहचान के बारे में जानकारी प्रदान करना रहा।

विभाग की प्रभारी डॉo सौम्या तिवारी ने बताया कि मिलावट की आशंका होने पर केवल घरेलू परीक्षण के आधार पर अंतिम निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए, बल्कि आवश्यकता पड़ने पर मान्यता प्राप्त खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला में जांच करानी चाहिए।

इस अवसर पर छात्राओं द्वारा विभिन्न सामान्य खाद्य पदार्थों को उदाहरण के रूप में प्रस्तुत करते हुए उनमें मिलावट की पहचान करने की सरल एवं व्यावहारिक विधियों का प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के माध्यम से बताया गया कि बाजार से खरीदे गए खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं शुद्धता के प्रति उपभोक्ताओं को सतर्क रहना चाहिए।

प्रदर्शन में प्रमुख रूप से दूध, नमक, चीनी, दाल, चावल, कॉफी, घी, हींग, काली मिर्च, लाल पाउडर मिर्च में संभावित मिलावट की पहचान से संबंधित परीक्षणों को समझाया गया तथा मिलावट की पहचान के लिए अपनाई जाने वाली विधियों का प्रदर्शन छात्राओं द्वारा करके दिखाया गया। इसी प्रकार अन्य खाद्य पदार्थों के नमूनों को लेकर उनके स्वरूप, गंध, बनावट एवं अन्य सामान्य विशेषताओं के आधार पर मिलावट की संभावनाओं को समझाया गया।छात्राओं ने प्रत्येक परीक्षण की प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से प्रस्तुत किया। 

कार्यक्रम में गृह विज्ञान विभाग की शिक्षिकाओं डॉ. संध्या, डॉ. तृप्ति तिवारी, डॉ. रंजना मल्ल एवं विद्यार्थियों में रजनी, सोनम, मुस्कान, दुर्गावती, प्रशंसा, अंकिता, प्रियंका, रानी, रंजीता आदि छात्राओं की सक्रिय सहभागिता रही।
रिपोर्ट: विनय कुमार

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