बाबू मुरली मनोहर लाल की पुण्य तिथि 4 सितम्बर पर विशेष प्रस्तुति:-

मुरली मनोहर जी का व्यक्तित्व व कृतित्व आज भी सभी को करता है प्रेरित: प्रो.सन्तोष प्रसाद गुप्त

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर विशेष
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी जिसे जनमाष्टमी या गोकुलाष्टमी के रूप में जाना जाता है। यह एक वार्षिक हिन्दु त्योहार है जो विष्णु के दस अवतारों में से आठवें और चैबीस अवतारो में से बाइसवें अवतार श्रीकृष्ण के जन्म आनन्दोत्सव के लिए मनाया जाता है। यह हिन्दु चन्द्र पद के अनुसार कृष्ण पक्ष के आठवें दिन अष्टमी को भाद्र पद में मनाया जाता है। 

श्री कृष्ण जी भगवान विष्णु के अवतार हैं, उनके माता पिता वासुदेव तथा देवकी जी के विवाह के समय माता कंस जब अपनी बहन देवकी को ससुराल पहुंचाने जा रहा था तभी आकाशवाणी हुई थी जिसमें बताया गया था कि देवकी का आठवां पुत्र कंस का अंत करेगा अर्थात यह होना पहले से ही निश्चित था। अतः वासुदेव तथा देवकी को कारागार में रखने के बावजूद भी कंस कृष्ण को नहीं मार पाया तथा मथुरा के बंदीगृह मे कृष्ण के जन्म के उपरान्त उनके पिता वासुदेव यमुना पार करके उन्हे गोकुल मे नन्द और यशोदा तक पहुंचाते है। इसी की स्मृति मे कृष्ण जन्माष्टमी पर्व के असर पर उपवास रखकर कृष्ण प्रेम की भक्ति गीत गाकर रात्रि जागरण करके मनाई जाती है। 

वहीं बलिया के प्रथम निर्दल सांसद, महान स्वतंत्रता सेनानी और बलिया के मालवीय कहे जाने वाले बाबु मुरली मनोहर लाल जी की पुण्यतिथि 04 सितम्बर को मनायी जाती है। उनका निधन 04 सितम्बर 1966 को नई दिल्ली में हुआ था। शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व योगदान तथा जनसमर्थन से शिक्षण संस्थानो की स्थापना करने के कारण उन्हे बलिया का मदन मोहन मालवीय कहा जाता है।

 इनका जन्म 17 दिसम्बर 1894 को बलिया के सागरपाली गांव में हुआ था। इनके पिता का नाम शिवप्रसाद सिंह था। मुरली बाबू ने अपना पूरा जीवन देश, समाज और शिक्षा के उत्थान में समर्पित कर दिया। श्री मुरली मनोहर टाउन पी0जी0 कालेज, बलिया, अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष प्रोफेसर सन्तोष प्रसाद गुप्त ने बताया कि 1952 तथा 1957 के लोकसभा तथा विधानसभा का चुनाव स्वतंत्रता आन्दोलन की छाया में लड़ा गया। इसमे कई ऐसे नाम थे जिनकी ख्याति थी। वह निर्दलीय भी मैदान में आते थे तो भारी समर्थन जुटाने में सफल होते थे।

 ऐसी ही निर्दलीय सांसद मुरली मनोहर जो आजाद भारत में बलिया के प्रथम निर्दल सांसद थे जिनका व्यक्तित्व व कृतिक आज भी सभी के लिए सीख व प्रेरणा प्रदान करती है। शुभ कामनाओं सहित शत् शत् नमन
                                  प्रो. सन्तोष प्रसाद गुप्त
                                  विभागाध्यक्ष-अर्थशास्त्र
                   श्री मुरली मनोहर टाउन पी0जी0 काॅलेज
                                            बलिया
                                 मो0नं0 9450777079

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