यूपी महोत्सव के चौथे दिन सिखाई गई विभिन्न योग ध्यान की प्रक्रिया

आर्ट ऑफ लिविंग के स्थापना के 45वें वर्षगांठ पर विविध कार्यकमों का आयोजन
बेंगलुरु (कर्नाटक)। श्री श्री रविशंकर ने आर्ट ऑफ़ लिविंग नामक एक आध्यात्मिक बीज वर्ष 1981 मे लगाया था जो 45 साल बाद एक वृक्ष का रूप ले चुका है.आज आर्ट ऑफ़ लिविंग की विश्व भर में 181 शाखाएं हैं जिसमें उनके लाखों वॉलिंटियर आध्यात्म की रोशनी फैला रहे हैं, और इस आपा धापी की दुनिया मे लोगों को अपने अंदर शांत होने के लिए  योग और ध्यान ज्ञान की विभिन्न तकनीक सिखाते हैं.

-श्री रविशंकर जी को प्यार से लोग श्री श्री भी कहते है. इस वर्ष श्री श्री की 70 वी सरकारी वर्षगांठ भी है जिस कारण से 1 में से 29 मई तक पूरे आश्रम में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है. विशेष रूप से यूपी महोत्सव के रूप में 21 में से 24 में तक रखा गया है.

इस हेतु odop के तहत यूपी सरकार द्वारा स्टाल लगाए गये है, यूपी के विभिन्न व्यंजन के स्टाल लगाए गये है. यूपी महोत्सव के दौरान वाराणसी से पंडित पद्म श्री साजन मिश्र, मिर्ज़ापुर से कजरी गायिका पद्म श्री विमला श्रीवास्तव, प्रसिद्द लखनऊ के कथक ग्रुप, वृन्दावान से राधा रानी की प्रस्तुति हुई. राजस्थान के घूमर गायक स्वरुप खान की भावपूर्ण प्रस्तुति हुई.

 इस कार्यक्रम के अतिरिक्त आश्रम में 10000 लोग कोई एडवांस मेडिकेशन कोई सहज योग विभिन्न कार्यक्रमों में भाग ले रहे हैं. यह रूटीन करीब करीब प्रतिदिन का है आश्रम में 2500 तो केवल वालंटियर है जो कि लोगों की सेवा में लगे रहते हैं.

 यूपी महोत्सव के चौथे दिन जिन साधकों ने मौन का व्रत लिया था इसका समापन हुआ विभिन्न योग ध्यान की प्रक्रिया सिखाई गई थी. अंत में नृत्य के साथ इसका समापन किया गया. यह कार्यक्रम वीडियो में दिख रहा कार्यक्रम विशाल लक्ष्मी मंडप में हो रहा है जिसमें करीब करीब 2000 लोग दिख रहे हैं. इस 2000 लोगों में 1200 तो केवल यूपी के प्रतिभागी है तथा बलिया से 18 लोगों की एक सफल टीम भी इसमें भाग ले रही है.
साभार: ईश्वरन श्री

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