स्व.उमाशंकर प्रसाद साहू के योगदान को सदैव किया जाएगा याद: प्रो. सन्तोष प्रसाद गुप्त

कबीरम् समाज ने उमाशंकर प्रसाद साहू के आकस्मिक निधन पर परिजनों से किया भेंट, व्यक्त की संवेदना
बलिया। कबीरम् समाज-बलिया, जनता जनार्दन मंच-बलिया, अखिल भारतीय विश्वविद्यालय सम्बद्ध महाविद्यालय शिक्षक संघ (ए0आई0एफ0यू0सी0टी0ओ0) तथा वरिष्ठ नागरिक कल्याण संघ, बलिया इत्यादि के सदस्यों तथा पदाधिकारीगणों ने ब्रिटिश भारत के प्रतिष्ठित जमींदार उमाशंकर प्रसाद साहू के गत 24 अगस्त को 85 वर्ष की उम्र में आकस्मिक निधन हो जाने के कारण जनपद-गाजीपुर के नगर- जंगीपुर पहुंचकर उनके परिजनों से भेंट किया तथा शोक संवेदना व्यक्त की। 

उक्त अवसर पर अखिल भारतीय विश्वविद्यालय सम्बद्ध महाविद्यालय (ए0आई0एफ0 यू0सी0टी0ओ0) के आजीवन सदस्य व संरक्षक तथा श्री मुरली मनोहर टाउन पी0जी0 काॅलेज, बलिया अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष प्रोफेसर सन्तोष प्रसाद गुप्त ने बताया कि श्री उमाशंकर प्रसाद साहू जी का जन्म सन् 1942 में जनपद- गाजीपुर के ग्राम- जंगीपुर में हुआ था। इनके पिता का नाम स्व0 श्री गुरू प्रसाद साहू तथा माता का नाम स्व0 श्रीमती मंतोरना देवी (मंतोरना कुँवर) था। इनके पांच बहनें उर्मिला, गिरिजा, राधिका, रामसखी तथा बासमती व भाई दयाशंकर प्रसाद गुप्त थे। इनका परिवार उ0प्र0 के जनपद गाजीपुर के परगना नगर हवेली (वर्तमान सदर), शेखपुर, गन्नापुर, मिश्रौली, बिरनो, भड़सर, पचोतर, पृथ्वीपुर, रसूलाबाद, जरगो, डाँढ़ी कला, रानीपुर, बनवारीपुर, कहोतरी तथा बिहार प्रान्त के भागलपुर सहरसा इत्यादि के जमींदारी को ब्रिटिश काल में सम्भाला था। 

भारत की आजादी में इस परिवार की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। भारत की आजादी की लड़ाई में किसानों तथा मजदूरों को भूमि का मालिकाना हक दिलाने, भू-सुधार, चकबंदी तथा हरित क्रांति को आगे बढ़ाने में इनके परिवार का महत्वपूर्ण योगदान रहा है जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता है। इन्होंने कामरेड एम0 अन्सारी, शिक्षक जमालुद्दीन अहमद, गजफ्फर अली, (बड़े मियां) रामसागर साहू, शिवपूजन साहू विश्वनाथ यादव, इत्यादि के सहयोग से कई शैक्षणिक संस्थाओ जैसे-जनता इण्टर काॅलेज जंगीपुर, श्री शिव कुमार शास्त्री इण्टर काॅलेज जंगीपुर, तथा धार्मिक मंदिरों जैसे श्रीराम लक्ष्मण जानकी मंदिर जंगीपुर, व श्रीराम लक्ष्मण जानकी पोखरा जंगीपुर, महावीर मंदिर, जंगीपुर को आगे बढ़ाने मे अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है जो सदैव याद किया जाता रहेगा।

 उक्त अवसर पर जनता जर्नादन मंच के संयोजक श्री अजय कुमार गुप्ता, कबीरम् समाज के संरक्षक प्रोफेसर सन्तोष प्रसाद गुप्त, वरिष्ठ नागरिक कल्याण संघ के अध्यक्ष अधिवक्ता श्री श्रीरामजी ठाकुर तथा कामरेड तेजनारायण सहित श्रीमती शीला देवी, शिक्षक सरिता देवी, श्रीमती धनपति देवी, चन्द्रशेखर प्रसाद साहू, वृद्धिचन्द साहू, सपना साहू. अभिषेक साहू, विनोद गुप्ता, आकाश शर्मा, भरत जायसवाल, भानू गुप्ता इत्यादि उपस्थित रहे।

Comments

Popular posts from this blog

महिला सशक्तिकरण के बिना संभव नहीं हैं समग्र सामाजिक विकास: डॉ. पुष्पा मिश्रा

ओजोन परत संरक्षण दिवस, 16 सितम्बर पर विशेष-

शिक्षकों का हो रहा मानसिक व आर्थिक शोषण: सुधांशु शेखर त्रिपाठी