सभी डिपो के श्रमिकों को जारी किए जाय नियुक्ति पत्र

भारतीय खाद्य निगम श्रमिक संगठन 8395 की बलिया के एक निजी होटल में प्रेस वार्ता
बलिया। भारतीय खाद्य निगम श्रमिक संगठन 8395 के बैनर तले आज रौसर डिपो पर राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री विनय कुमार यादव एवं महामंत्री श्री बृजू कुमार साहनी ने मीडिया से बातचीत की।

संगठन ने बताया कि उच्च न्यायालय व उच्चतम न्यायालय के आदेशों का FCI प्रबंधन द्वारा वर्षों से पालन नहीं हो रहा था। अब केंद्र सरकार गंभीर है। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भारतीय खाद्य निगम के अन्य स्थानों से रिपोर्ट तलब की है जिसके बाद 67 पन्नों की रिपोर्ट तैयार की गई है। प्रधानमंत्री कार्यालय श्रमिकों के पक्ष में है। इसी संदर्भ में माननीय अमित शाह, गृहमंत्री ने भी उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय को पत्र भेजकर कोर्ट के आदेशों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

मामले की पृष्ठभूमि:
1.  *न्यायालय का आदेश:* CGIT कोर्ट लखनऊ ने 19.01.2015 को दिए अपने अवार्ड में शाहजहाँपुर डिपो रौसर कोठी के 262 श्रमिकों को विभागीयकृत करने और डिपार्टमेंटल डिपो के समान वेतन भुगतान करने का आदेश दिया था। इस अवार्ड के खिलाफ FCI द्वारा दायर रिट याचिका संख्या 4400/2015 को माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद ने 01.11.2018 को निरस्त करते हुए श्रमिकों के पक्ष में आदेश पारित किया था।

2.  *PMO की पहल:* माननीय *प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी* ने FCI के अन्य डिपो/क्षेत्रों से स्थिति रिपोर्ट मांगी। इसके बाद 67 पन्नों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर PMO को सौंपी गई। रिपोर्ट में श्रमिकों के पक्ष को मजबूती से रखा गया है।

3.  *गृह मंत्रालय का निर्देश:* गृहमंत्री श्री अमित शाह ने 10 जून 2026 को उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय को पत्र लिखकर इस मामले में उचित कार्रवाई कर कोर्ट के आदेशों का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। यह पत्र संगठन के महामंत्री श्री बृजू कुमार साहनी के 29.04.2026 के पत्र के आधार पर लिखा गया।

4.  *उच्च स्तर पर संज्ञान:* संगठन के पत्र पर माननीय अमित शाह, गृहमंत्री, माननीय नरेन्द्र मोदी, प्रधानमंत्री एवं महामहिम राष्ट्रपति महोदया ने संज्ञान लिया है। 

5.  *PMO शिकायत:* संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री विनय कुमार यादव द्वारा PMO में दर्ज शिकायत संख्या PMOPG/D/2026/0084784 को 04.06.2026 को FCI।

6.  *श्रम आयुक्त का नोटिस:* श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के कार्यालय उप मुख्य श्रम आयुक्त (केन्द्रीय), देहरादून ने 29.01.2026 को FCI प्रबंधन को 19.02.2026 को संयुक्त चर्चा के लिए बुलाया था।

7.  *दोहरे मापदंड:* संगठन का कहना है कि FCI ने वर्ष 2011 में गोंडा में 260 श्रमिकों की नियुक्तियां कीं, लेकिन शाहजहाँपुर के 261 श्रमिकों को आज तक न्याय नहीं मिला।

*संगठन की मुख्य मांगें:*
- मंत्रालय द्वारा कोर्ट के आदेश का तत्काल पालन करते हुए शाहजहाँपुर, रौजा डिपो 378, तालकटोरा डिपो सहित सभी डिपो के श्रमिकों को नियुक्ति पत्र जारी किए जाएं।
- माननीय न्यायालय के आदेश के अनुसार श्रमिकों को बकाया सहित समान वेतन का भुगतान किया जाए।
- भारत सरकार द्वारा 23 अप्रैल 2010 को जारी नोटिफिकेशन के अनुसार ठेकेदारी प्रथा समाप्त कर नियमित नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की जाए।

इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री विनय कुमार यादव ने कहा, 
> "प्रधानमंत्री जी ने 67 पन्नों की रिपोर्ट मंगवाकर खुद इस मामले को देखा है। PMO श्रमिकों के पक्ष में है। हम विभाग, मंत्रालय और प्रधानमंत्री सरकार से बातचीत कर रहे हैं। सिर्फ शाहजहाँपुर ही नहीं, रौजा डिपो 378 व तालकटोरा डिपो सहित सभी डिपो में कोर्ट के आदेश का पालन कर नियुक्ति की जाए। हमें पूरा भरोसा है कि अब 11 साल से लंबित न्याय जल्द मिलेगा।"

महामंत्री श्री बृजू कुमार साहनी ने कहा,
> "गृहमंत्री और प्रधानमंत्री कार्यालय के हस्तक्षेप के बाद अब FCI प्रबंधन के पास कोर्ट के आदेश न मानने का कोई बहाना नहीं बचा है।"

संगठन ने सरकार और FCI प्रबंधन से मांग की है कि शीर्ष नेतृत्व के निर्देशों का पालन करते हुए सभी डिपो के श्रमिकों को अविलंब न्याय दिया जाए।
रिपोर्ट: विक्की कुमार गुप्ता

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