शासनादेश का अनुपालन कराने हेतु सत्याग्रह धरना 27 अप्रैल को भी रहा जारी

सभी गोंड लोगों का जाति प्रमाण पत्र जारी किए जाने की मांग 
बांसडीह (बलिया)। प्रमुख सचिव उत्तर प्रदेश शासन समाज कल्याण अनुभाग-3 लखनऊ शासनादेश का कड़ाई से अनुपालन कराने की मांग को लेकर 27 अप्रैल 2026 दिन सोमवार को भी बांसडीह तहसील पर कार्यालय अवधि का अनिश्चित कालीन धरना जारी रहा। गोंड समुदाय के लोगों ने कहा कि बांसडीह तहसीलदार भारत के राष्ट्रपतीय राजपत्र, संविधान, प्रमुख सचिव समाज कल्याण अनुभाग-3 लखनऊ शासनादेश 3 नवम्बर 2021 द्वारा दिए गए दिशा निर्देश की घोर अवमानना कर रहे हैं। 

जनजाति गोंड छात्र नौजवानों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। गोंड जानजाति प्रमाण-पत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन करने पर तहसीलदार द्वारा बार-बार आवेदन अस्वीकृत/निरस्त कर दिया जा रहा है। जाति प्रमाण पत्र के अभाव में जनजाति छात्र अगली कक्षा में प्रवेश, छात्रवृति और सरकारी नौकरी का फार्म भरने से वंचित हो जा रहे हैं। बांसडीह तहसीलदार द्वारा गोंड छात्र नौजवानों का उत्पीड़न किया जा रहा है।  अरुण गोंड ने कहा कि मैं अपनी पुत्री का जाति प्रमाण पत्र बनवाने हेतु जिलाधिकारी महोदय से लगायत बांसडीह एसडीएम और तहसीलदार साहब के यहां बार- बार लगातार चक्कर लगा रहा हूं। अपनी पुत्री के शैक्षणिक भविष्य को लेकर काफी चिंतित हू। हम सभी गोंड लोगों का भी जाति प्रमाण पत्र जारी किया जाना चाहिए। तहसीलदार बांसडीह दोहरा मापदंड अपना रहे हैं।

 सत्याग्रह धरना में प्रमुख रूप से अरविंद गोंडवाना, सुरेश शाह, गोंगपा तहसील अध्यक्ष उमाशंकर गोंड, रंगीला गोंड, प्रियांशु प्रसाद, विशाल गोंड, मनीष कुमार गोंड, शिवसागर गोंड, हरेकृष्ण गोंड, पूर्व प्रधान कन्हैया गोंड, रवि गोंड, जितेंद्र गोंड, छठू गोंड, अनिल गोंड, रामअवध गोंड, शशिकांत गोंड रहे।

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