शिक्षा जगत की प्रतिष्ठित विभूति प्रो. (डॉ.) रामकुंवर यादव का निधन

शिक्षा जगत में शोक की लहर, हरिश्चंद्र घाट पर हुआ अंतिम संस्कार 
वाराणसी। शिक्षा जगत की प्रतिष्ठित एवं सम्मानित विभूति, श्री मुरली मनोहर टाउन पीजी कॉलेज, बलिया के पूर्व प्राचार्य तथा हरिश्चंद्र स्नातकोत्तर महाविद्यालय, वाराणसी के प्राचार्य प्रो. रजनीश कुंवर के पूज्य पिता प्रो. (डॉ.) रामकुंवर यादव का मंगलवार प्रातः लंका स्थित आवास पर निधन हो गया। वे 88 वर्ष के थे। पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे। डॉ. यादव के निधन का समाचार मिलते ही शिक्षा एवं अकादमिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई।

मूलतः जनपद चंदौली के धानापुर क्षेत्र के निवासी प्रो. (डॉ.) रामकुंवर यादव ने अपने दीर्घ शैक्षणिक जीवन में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया। उन्होंने अपने अध्यापन जीवन का प्रारंभ मेरठ कॉलेज से किया। इसके पश्चात महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के समाजशास्त्र विभाग में अध्यापन एवं शोध कार्य से जुड़े रहे। बाद में वे श्री मुरली मनोहर टाउन पीजी कॉलेज, बलिया के समाजशास्त्र विभाग में रीडर एवं विभागाध्यक्ष नियुक्त हुए।

वर्ष 1982 में उन्हें श्री मुरली मनोहर टाउन पीजी कॉलेज का प्राचार्य नियुक्त किया गया। लगभग 17 वर्षों के सफल कार्यकाल में उन्होंने महाविद्यालय के शैक्षणिक, प्रशासनिक एवं संस्थागत विकास को नई दिशा प्रदान की। उनके नेतृत्व में महाविद्यालय ने शिक्षा, अनुशासन एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण के क्षेत्र में विशिष्ट पहचान बनाई। वर्ष 1999 में वे प्राचार्य पद से सेवानिवृत्त हुए।

सेवानिवृत्ति के बाद भी उनकी सक्रियता निरंतर बनी रही। उन्होंने पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर में ओएसडी, चीफ प्रॉक्टर तथा इंजीनियरिंग कॉलेज के निदेशक सहित अनेक महत्वपूर्ण प्रशासनिक दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया। इसके अतिरिक्त विश्वविद्यालय की विभिन्न समितियों एवं परीक्षाओं में निरीक्षक, समन्वयक एवं शैक्षणिक सलाहकार के रूप में भी उनकी सेवाएं अत्यंत सराहनीय रहीं।

प्रो. (डॉ.) यादव अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके छोटे पुत्र प्रो. रजनीश कुंवर वर्तमान में हरिश्चंद्र स्नातकोत्तर महाविद्यालय, वाराणसी के प्राचार्य हैं, जबकि बड़े पुत्र डॉ. अरविंद कुंवर राजकीय इंटर कॉलेज, शक्तिनगर के प्राचार्य हैं। परिवार में उनकी धर्मपत्नी, पोते विनायक कुंवर, कार्तिकेय कुंवर, आर्यन कुंवर, अंश कुंवर सहित अन्य परिजन हैं।

बुधवार प्रातः हरिश्चंद्र घाट पर उनका अंतिम संस्कार वैदिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ, जहां उनके छोटे पुत्र प्रो. रजनीश कुंवर ने मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार में विभिन्न शिक्षण संस्थानों के प्राचार्य, प्राध्यापक, शिक्षाविद्, सामाजिक कार्यकर्ता, महाविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी, विद्यार्थी तथा बड़ी संख्या में शुभचिंतक उपस्थित रहे। सभी ने दिवंगत आत्मा को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
रिपोर्ट: विनय कुमार

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