तनावमुक्त जीवन की प्रेरणा देता संगीत: डॉ.भोला प्रसाद आग्नेय
विश्व संगीत दिवस पर पं. के.पी. मिश्र मेमोरियल संगीत विद्यालय में संगीत गोष्ठी का हुआ आयोजन
रामपुर (बलिया)। विश्व संगीत दिवस के अवसर पर पं० के०पी० मिश्र मेमोरियल संगीत विद्यालय, रामपुर के प्रांगण में एक भव्य संगीत गोष्ठी एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन साहित्यकार डॉ० भोला प्रसाद आग्नेय की अध्यक्षता में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ० गणेश पाठक तथा विशिष्ट अतिथि करुणानिधि तिवारी एवं अनिल तिवारी द्वारा दीप प्रज्जवलन एवं मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया। तत्पश्चात मां सरस्वती वंदना "जय शारदे मां कल्याणी" की प्रस्तुति दी गई, जिसमें हारमोनियम पर शिवम मिश्र तथा तबला पर राहुल ने संगत प्रदान की।
मुख्य अतिथि डॉ० गणेश पाठक ने अपने संबोधन में कहा कि संगीत एक समग्र कला है, जिसमें गायन, वादन एवं नृत्य तीनों का समावेश होता है। संगीत न केवल मनोरंजन का साधन है, बल्कि यह व्यक्ति के मानसिक, आध्यात्मिक एवं बौद्धिक विकास का भी महत्वपूर्ण माध्यम है।
अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ० भोला प्रसाद आग्नेय ने कहा कि संगीत के बिना मानव जीवन अधूरा है। उन्होंने बताया कि विश्व संगीत दिवस की शुरुआत वर्ष 1982 में फ्रांस में "Fête de la Musique" के रूप में हुई थी और आज यह दिवस विश्व के 120 से अधिक देशों में मनाया जाता है। संगीत मानव जीवन में शांति, प्रेम, सौहार्द एवं एकता की भावना विकसित करता है तथा तनावमुक्त जीवन की प्रेरणा देता है। उन्होंने संगीत चिकित्सा के बढ़ते महत्व पर भी प्रकाश डाला।
विशिष्ट अतिथि करुणानिधि तिवारी ने कहा कि संगीत साधना का विषय है, जो मनुष्य को परम सत्य एवं आध्यात्मिक चेतना के निकट ले जाता है। वहीं श्री नवचन्द्र तिवारी ने कहा कि संगीत मानव जीवन में आनंद, उत्साह एवं सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के क्रम में प्रज्ञा ने राग बिहाग की मनोहारी प्रस्तुति देकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में वैष्णवी, शिवानी, श्रुति, रश्मि, दिव्यांशी, रीमा, शशि, नीरज, पृथ्वी, जयप्रकाश, प्रिंस, नरेंद्र, संकट मोचन मिश्र, रुद्र तिवारी, सानिध्य मिश्र, शाश्वत, शिवेंद्र, चंदन, आदर्श दीप एवं आकाश मिश्र सहित अनेक विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता रही।
विद्यालय के शिष्य रुद्र तिवारी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संगीत की न कोई भाषा होती है, न धर्म और न ही जाति; यह सम्पूर्ण मानवता को एक सूत्र में पिरोने वाली सार्वभौमिक कला है।विश्व संगीत दिवस के अवसर पर विद्यालय के सचिव पं० राजकुमार मिश्र को संगीत एवं सांस्कृतिक क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में सचिव पं० राजकुमार मिश्र ने सभी अतिथियों, कलाकारों, अभिभावकों एवं उपस्थित जनों के प्रति आभार व्यक्त किया।
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