जननायक चंद्रशेखर विवि में 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत हुआ पौधरोपण
वृक्षारोपण महायज्ञ- 2026 का विवि में शुभारंभ
बलिया। जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय में "वृक्षारोपण महायज्ञ-2026" का शुभारंभ उत्साहपूर्ण वातावरण में किया गया। "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के अंतर्गत विश्वविद्यालय परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे गए तथा पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया गया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर नरेन्द्र कुमार शुक्ल ने कहा कि वृक्ष केवल पर्यावरण संतुलन का आधार ही नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की भी गारंटी हैं। उन्होंने सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों से अधिकाधिक पौधे लगाने और उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि "एक पेड़ मां के नाम" अभियान प्रकृति और मातृत्व के प्रति सम्मान व्यक्त करने का एक प्रेरणादायी प्रयास है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद नीरज शेखर ने वृक्षारोपण करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। प्रत्येक नागरिक यदि अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसका संरक्षण करे, तो हरित एवं स्वच्छ भारत का सपना साकार किया जा सकता है।
कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, हरित परिसर के निर्माण तथा विद्यार्थियों में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता एवं पर्यावरणीय उत्तरदायित्व की भावना का विकास करना था। इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर में बोतल ब्रश,कचनार, मयूरपंखी एवं फाईकस सहित अन्य 351 से अधिक पौधों का रोपण किया गया।
वृक्षारोपण अभियान में 90 यूपी एवं 93 यूपी बटालियन के एनसीसी कैडेटों और राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. लाल विजय सिंह, डॉ. संजीव कुमार के नेतृत्व में राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक कार्यक्रम में पौधरोपण किया। विश्वविद्यालय के वृक्षारोपण अभियान के नोडल अधिकारी डॉ मनोज कुमार ने बताया के विश्वविद्यालय परिसर एवं 133 सम्बद्ध महाविद्यालयों में कुल 19400 पौधे रोपे गये।
इस अवसर पर कुलसचिव श्री एस.एल. पाल , निदेशक शैक्षणिक डॉ पुष्पा मिश्रा, चीफ प्राक्टर डॉ प्रियंका सिंह,डॉ प्रवीण नाथ यादव, डॉ नीरज कुमार सिंह, डॉ छबि लाल सहित अन्य शिक्षक, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने सहभागिता करते हुए पौधरोपण किया और पर्यावरण संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया।
रिपोर्ट: विनय कुमार
Comments
Post a Comment