चन्द्रशेखर की लोक संपृक्ति ही उनके व्यक्तित्व निर्माण का प्रमुख कारक: जनार्दन राय

जेएनसीयू में चन्द्रशेखर स्मृति दिवस का आयोजन
बलिया। जननायक चन्द्रशेखर विश्वविद्यालय में बुधवार को जननायक चन्द्रशेखर स्मृति दिवस के अवसर पर कुलपति प्रो. नरेन्द्र कुमार शुक्ल, विश्वविद्यालय के अधिकारी, प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों ने जननायक चन्द्रशेखर कीस्मृतियों को नमन किया और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित किया। 

इस अवसर पर चन्द्रशेखर नीति अध्ययन केन्द्र एवं शोधपीठ के तत्वावधान में 'लोक स्मृतियों में चन्द्रशेखर' विषयक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता डॉ. जनार्दन राय ने अपने उद्बोधन में कहा कि चन्द्रशेखर की लोक संपृक्ति ही उनके व्यक्तित्व निर्माण का प्रमुख कारक रहा है। कहा कि लोक ने चंद्रशेखर को गढ़ा और चन्द्रशेखर ने सत्ता के शीर्ष पर रहने के वावजूद भी बलिया के समाज और लोक से अपने नेह का नाता नहीं छोड़ा। कहा कि चन्द्रशेखर की अक्खड़ता और मूल्य केंद्रित राजनीति के पीछे लोक मर्यादा का भाव ही प्रमुख कारक था। 

अध्यक्षीय उद्बोधन देते हुए कुलपति प्रो. नरेन्द्र कुमार शुक्ल ने कहा कि चन्द्रशेखर जी ने भारतीय राजनीति में अपनी अलग पहचान बनायी। चन्द्रशेखर जी ने जो संकल्प लिया, दृढ़ इच्छाशक्ति से उसे पूर्ण किया। चन्द्रशेखर जी के व्यक्तित्व से विद्यार्थियों को सीख लेनी चाहिए और अपने लक्ष्य के प्रति पूर्ण समर्पण के भाव से कार्य करना चाहिए। 

चन्द्रशेखर नीति अध्ययन केन्द्र एवं शोधपीठ के निदेशक प्रो. अशोक कुमार सिंह ने चन्द्रशेखर जी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम का विषय प्रवर्तन शोधपीठ के सह समन्वयक डॉ. प्रवीण नाथ यादव ने किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रमोद शंकर पाण्डेय एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. पुष्पा मिश्रा ने किया।

 इस अवसर पर वित्ताधिकारी आनंद दुबे, डॉ. प्रियंका सिंह, डॉ. विनीत सिंह, डॉ. अभिषेक त्रिपाठी, डॉ. संदीप यादव, डॉ. छविलाल आदि प्राध्यापक, अर्चना द्विवेदी आदि शोध छात्र, विद्यार्थी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
रिपोर्ट: विनय कुमार

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