रक्तदानी रोटेरियन राजेश गुप्ता को एक ही दिन में मिलेंगे तीन प्रतिष्ठित सम्मान

राजेश गुप्ता के प्रयास से असंख्य जरूरतमंद मरीजों को समय पर उपलब्ध कराया जा सका रक्त
वाराणसी। रक्तदान को जनआंदोलन का स्वरूप देने वाले जनपद के सुप्रसिद्ध समाजसेवी एवं "रक्तदूत" के नाम से विख्यात रोटेरियन राजेश कुमार गुप्ता के लिए 28 जून का दिन ऐतिहासिक बनने जा रहा है। मानवता की सेवा, रक्तदान एवं अंगदान जागरूकता के क्षेत्र में दो दशकों से अधिक समय से किए जा रहे उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें एक ही दिन में तीन प्रतिष्ठित सम्मानों से सम्मानित किया जाएगा।

रोटरी क्लब ब्लड एंड ऑर्गन डोनर्स वाराणसी के चार्टर अध्यक्ष तथा काशी रक्तदान नेत्रदान कुटुंब समिति, वाराणसी के संस्थापक सचिव राजेश गुप्ता को लखनऊ में आयोजित भव्य "संवेदना-2 सम्मान समारोह" में विगत वर्ष 23 मार्च को आयोजित विशाल रक्तदान शिविर एवं रक्तदान जागरूकता अभियान के सफल संचालन हेतु नेशनल इंटीग्रेटेड फोरम ऑफ आर्टिस्ट्स एंड एक्टिविस्ट्स द्वारा प्रतिष्ठित "इंटरनेशनल लाइफ सेवर अवार्ड" प्रदान किया जाएगा।

कोटवा सलारपुर, कपिलधारा निवासी राजेश गुप्ता को रक्तदान के क्षेत्र में पिछले 20 वर्षों से निरंतर दी जा रही उत्कृष्ट सेवाओं के लिए वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा भी विशेष सम्मान से सम्मानित किया जाएगा।

इसके अतिरिक्त, रोटरी इंटरनेशनल डिस्ट्रिक्ट 3120 के वार्षिक मंडल पुरस्कार समारोह में वर्षभर मानव सेवा, रक्तदान एवं अंगदान जागरूकता के क्षेत्र में किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए उन्हें डिस्ट्रिक्ट सम्मान प्रदान किया जाएगा।

राजेश गुप्ता न केवल वाराणसी बल्कि प्रदेश एवं देश के विभिन्न हिस्सों में रक्तदान के प्रति जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उनके नेतृत्व में अब तक दर्जनों रक्तदान शिविर आयोजित किए जा चुके हैं, जिनके माध्यम से हजारों यूनिट रक्त एकत्रित हुआ तथा असंख्य जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराया जा सका है। यही कारण है कि आज वे रक्तदान आंदोलन का एक सशक्त चेहरा बन चुके हैं।

व्यक्तिगत उपलब्धियों की बात करें तो राजेश गुप्ता अब तक 126 बार रक्त एवं रक्त अवयव दान कर चुके हैं। कोविड-19 महामारी के दौरान वे पूर्वांचल के पहले ऐसे व्यक्ति बने जिन्होंने 4 बार प्लाज्मा दान किया। उनके इस योगदान को देखते हुए यूनिसेफ ने उन्हें अपना ब्रांड एंबेसडर भी बनाया था। इसके अतिरिक्त वे कैंसर पीड़ित बच्चों के लिए 76 बार सिंगल डोनर प्लेटलेट्स (SDP) तथा 46 बार रक्तदान कर चुके हैं।

विभिन्न समाजसेवी संस्थाओं में अनेक महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन कर रहे राजेश गुप्ता का मानना है कि रक्तदान केवल एक सामाजिक कार्य नहीं, बल्कि मानवता को जीवित रखने का सबसे पवित्र माध्यम है। उन्होंने अपनी इस उपलब्धि को व्यक्तिगत सम्मान न बताते हुए सभी रक्तदाताओं, ब्लड बैंक के चिकित्सकों, टेक्नीशियनों, काउंसलरों, नर्सिंग स्टाफ तथा सहयोगियों को समर्पित किया है।

राजेश गुप्ता ने कहा, "यदि रक्तदाता आगे न आएं तो कोई भी अभियान सफल नहीं हो सकता। यह सम्मान उन हजारों अनाम रक्तवीरों का सम्मान है, जो किसी अनजान व्यक्ति को जीवन देने के लिए निःस्वार्थ भाव से रक्तदान करते हैं।"

एक ही दिन में तीन-तीन प्रतिष्ठित सम्मानों से सम्मानित होने जा रहे राजेश गुप्ता की यह उपलब्धि न केवल वाराणसी जनपद बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के लिए गौरव का विषय है।

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