दसवीं मोहर्रम पर अकीदत और भाईचारे की मिसाल

ताजिया जुलूस में जगह-जगह सबील व नाश्ते का इंतजाम, युवाओं ने दिखाए हैरतअंगेज करतब
बलिया। दसवीं  मोहर्रम के अवसर पर क्षेत्र में परंपरागत श्रद्धा और अकीदत के साथ ताजिया जुलूस निकाला गया। जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए और "या हुसैन" की सदाओं के बीच मातमी माहौल देखने को मिला।
जुलूस के मार्ग पर विभिन्न सामाजिक संगठनों, मोहल्ला समितियों और स्थानीय लोगों द्वारा जगह-जगह पानी, शरबत तथा नाश्ते की व्यवस्था की गई। सबीलों पर राहगीरों और जुलूस में शामिल लोगों को ठंडा पानी व जलपान वितरित किया गया। यह सेवा और आपसी भाईचारे का सुंदर उदाहरण रहा।

जुलूस के दौरान छोटे बच्चों से लेकर युवा और बुजुर्गों तक ने पारंपरिक लाठी, तलवार और अन्य करतबों का शानदार प्रदर्शन किया, जिसे देखने के लिए सड़क के दोनों ओर लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। लोगों ने करतब दिखाने वाले युवाओं और बच्चों का उत्साहवर्धन किया।

पूरे आयोजन के दौरान शांति, सौहार्द और अनुशासन का माहौल बना रहा। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भी पूरी तरह मुस्तैद रहे। मोहर्रम का यह जुलूस धार्मिक आस्था, आपसी प्रेम, सामाजिक एकता और गंगा-जमुनी तहजीब का संदेश देता हुआ सकुशल संपन्न हुआ।
रिपोर्ट: मोहसिन उर्फ रिंकू

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