भारत और अमेरिका मे लोकतंत्र मे वोटरों की स्थिति और चुनाव
आजकल समय-समय पर विभिन्न राजनीतिक दल ईवीएम और बीवीपैट के संदर्भ में जनता को गुमराह करते रहते हैं तथा अपनी हार का ठीकरा भी ईवीएम पर फोड़ देते हैं।जबकि वास्तविकता यह है कि भारत जैसी भाषा भाषाई विभिन्नता शिक्षा मे असमानता, विस्तृत बूथ, 96 करोड़ वोटरो से स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव कराना एक दुष्कर कार्य है। इसके पश्चात भी भारत का निर्वाचन आयोग कुशलता पूर्वक अपने दायित्वों का निर्वहन करता आ रहा है।
आज पश्चिम जहां लोकतंत्र की दुहाई दी जाती है वहां के चुनावी व्यस्था मे बड़ी गड़बड़ी नजर आती है। उदाहरण के लिए अमेरिका जैसे देश में भी कई राज्यों में वोटर को वोटर आईडी के लिए 39 डॉलर खर्च करना पड़ता है। किन्ही राज्यों में उनके नागरिकों के वोटर आईडी न देने के लिए विभिन्न शर्ते लगा रखें है। मुख्य रुप से वहां काले गोरो मे आज भी बड़ा भेद है और वहां के गोरे लोगों ने काले नागरिकों को प्रताड़ित करने के विभिन्न तरीके कानून बना रखे है।
अमेरिका में चुनाव एक महीने तक होता रहता है तथा वहां चुनाव में मतदान के लिए वोटर आईडी कंपलसरी नहीं है। चुनाव के दिन वोटर को अपने घर से 100-100 किलोमीटर दूर जाकर भी वोट डालना पड़ता है। जबकि भारत में नागरिकों को सुविधा के लिए हर 3 किलोमीटर पर वोटर बूथ बनाए जाते हैं। कई बार काले नागरिकों को वोटर बूथ पुलिस स्टेशन मे रखा जाता है जिससे डर के मारे काले नागरिक वोट देने ही ना जाए।
अमेरिका में चुनाव के समय कोई भी सार्वजनिक छुट्टी नहीं होती तथा वोटर के एक दिन की तनख्वाह कट जाती है, जबकि भारत में चुनाव के दिन सार्वजनिक छुट्टी रहती है जिससे कि हर नागरिक आसानी से अपना वोट डाल सके।भारत मे चुनाव एक समारोह की तरह मनाया जाता है तथा इसमें खर्चों की लिमिट पर पाबंदी है। पर अमेरिका में गरीब आदमी चुनाव में खड़ा ही नहीं सकता है ज्यादातर कैंडिडेट अमेरिका की बड़ी कंपनियों के द्वारा स्पॉन्सर होते हैं और उनका चुनाव बाद उन कंपनियों के हितों का रक्षण भी करना होता है।
ईवीएम एवं वीवीपैट वेयरहाउस का गहन निरीक्षण
आज इसी चुनाव की सुचिता को सुनिश्चित करने के लिए
जिलाधिकारी बलिया मंगला प्रसाद सिंह निर्वाचन आयोग के दिशा निर्देश के अनुसार ने ईवीएम एवं वीवीपैट वेयरहाउस का गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी ने सभी सात विधानसभा क्षेत्रों—357- बेल्थरारोड (अ.जा.), 358-रसड़ा, 359- सिकन्दरपुर, 360-फेफना, 361-बलिया नगर, 362- बांसडीह, एवं 363-बैरिया के गोदामों में जाकर सुरक्षा और प्रबंधन की स्थिति का जायज़ा लिया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने वेयरहाउस की सुरक्षा व्यवस्था की बारीकी से समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए और सभी व्यवस्थाएं भारत निर्वाचन आयोग के मानकों के अनुरूप सुनिश्चित की जाएं।
जिलाधिकारी ने सीसीटीवी नियंत्रण कक्ष और सीसीटीवी के कार्य की समीक्षा भी निरीक्षण के दौरान किया। उन्होंने व्यक्तिगत रूप से जांच किया कि निरीक्षण कक्ष में सीट सीसीटीवी के कितने कमरे ऑन दिख रहे हैं। उन्होंने यह भी जानकारी ली कि कितनी टीवी स्क्रीन लगाई गई हैं और रिकॉर्डिंग की क्या व्यवस्था है। लॉग बुक का भी अवलोकन कर यह सुनिश्चित किया गया कि सभी गतिविधियों का विधिवत रिकॉर्ड रखा जा रहा है।
इस मौके पर अपर जिलाधिकारी अनिल कुमार, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी अख्तर हसन तथा मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधि सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
ईश्वरन श्री
बलिया
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