योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर, बनाएं इसे जीवन का हिस्सा

नागाजी सरस्वती विद्या मंदिर, अखनपुरा रसड़ा में योग कार्यक्रम का हुआ आयोजन
रसड़ा (बलिया)। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर नागाजी सरस्वती विद्या मंदिर, अखनपुरा रसड़ा, बलिया में शनिवार को योग एवं स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महर्षि पतंजलि के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्पार्चन के साथ हुआ। 

मुख्य अतिथि माननीय जिला संघचालक डॉ. रामबाबू, प्रधानाचार्य डॉ. राजेंद्र पाण्डेय सहित उपस्थित अतिथियों ने महर्षि पतंजलि को नमन कर योग के महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का संचालन रीता सिंह ने किया, जबकि संयोजक की भूमिका व्यासजी पांडे ने निभाई। अतिथियों का परिचय रणजीत सिंह ने कराया।

अतिथि अपने संबोधन में कहा कि योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम नहीं, बल्कि मन, बुद्धि और आत्मा के संतुलन का बनाये रखने का सामन्जस बनाये रखने का एक  विज्ञान है। योग हमारी प्राचीन भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जिसे अपनाकर स्वस्थ, अनुशासित और सशक्त समाज का निर्माण किया जा सकता है। उन्होंने सभी से प्रतिदिन योग करने तथा नई पीढ़ी को भी इसके प्रति प्रेरित करने का आह्वान किया।

विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. राजेंद्र पाण्डेय ने कहा कि योग भारतीय ऋषि परंपरा की अनुपम देन है। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, एकाग्रता, आत्मविश्वास एवं अनुशासित जीवन के लिए योग अत्यंत आवश्यक है। विद्यालय में शिक्षा के साथ संस्कार, स्वास्थ्य और राष्ट्रभाव के विकास पर भी विशेष बल दिया जाता है। योग प्रशिक्षक नीरज सिंह ने सभी आचार्यों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम तथा ध्यान का अभ्यास कराया और उनके वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक लाभों की जानकारी दी। कार्यक्रम में शिवम सोनी ने भी सक्रिय भूमिका निभाई।

अंत में जयराम कुशवाहा ने सभी अतिथियों, आचार्यों एवं उपस्थित जनों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर शिवम सिंह, अनूप तिवारी, शशिकांत मिश्रा, नंदलाल शर्मा, मारकंडे वर्मा, लाल बहादुर सिंह, श्वेता सिंह, आकृति शुक्ला, सोनी सिंह, अमन सोनी, प्रदीप गुप्ता, प्रवासी सिंह, नितिन श्रीवास्तव, राजकमल दुबे, बृजेश तिवारी सहित विद्यालय के समस्त आचार्य एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
रिपोर्ट: मोहसिन उर्फ रिंकू

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