एक दिवसीय उद्यमिता प्रशिक्षण जागरूकता कार्यक्रम संपन्न
“एक कदम नारी सशक्तिकरण की ओर” थीम पर आधारित कार्यक्रम
बलिया। स्टार कैंपस ऑफ़ डॉ० एस० राधाकृष्णन के सौजन्य से तथा भोजपुरिया आर्थिक संघ एवं कबीरम् समाज बलिया के सहयोग से 10 जून दिन बुधवार को मंगल क्षेत्र, ग्राम – नगवां स्थित श्री राधेकृष्ण आर्ट गैलरी के कार्यालय पर “एक कदम नारी सशक्तिकरण की ओर” थीम के साथ एक दिवसीय उद्द्यमिता प्रशिक्षण जागरूकता कार्यक्रम संपन्न हुआ। सर्वप्रथम माँ सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित कर कैस्टरब्रिज की छात्रा कु० अक्षिता गुप्ता के द्वारा सरस्वती वन्दना प्रस्तुत की गयी तत्पश्चात सभी अथितियों का स्वागत करते हुए खाद्य प्रसंस्करण, उद्यान एवं कृषि उत्पाद के प्रशिक्षक श्री हरिशंकर वर्मा जी को पुष्पगुच्छ तथा अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया।
आगे जे० एस० एस० कॉलेज, ग्रेटर नोयडा की बी० टेक० की छात्रा कुमारी उदीसा गुप्ता ने उद्द्यमिता के महत्व पर विस्तार से अपनी प्रस्तुति दी। कहा कि वर्तमान समय में सुचना प्रौद्योगिकी, रोजगार सृजन तथा अर्थीक विकास की दृष्टि से उद्द्यमिता प्रशिक्षण समाज को नई दिशा दे सकता है। इसी क्रम टी० डी० कॉलेज की पूर्व छात्रा श्रीमती कविता राय ने भी उद्यमिता के स्वरूप को रखते हुए कहा की भारत में घरेलु स्तर पर बेरोजगारी को दूर करने के लिए उद्यमिता प्रशिक्षण कार्यक्रम एक महत्वपूर्ण कड़ी है।
आगे अखिल भारतीय विश्वविद्यालय सम्बद्ध महाविद्यालय शिक्षक संघ (A.I.F.U.C.T.O) के आजीवन सदस्य व संरक्षक तथा टी० डी० कॉलेज, बलिया अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो० सन्तोष प्रसाद गुप्त ने कहा कि लक्ष्मी उद्दयम बसते अर्थात् जहाँ उद्यम है वही लक्ष्मी का वास होता है। उन्होंने प्रो० नर्क्स के उक्ति को रखते हुए कहा कि एक देश गरीब है क्योंकी वह गरीब है ठीक उसी प्रकार एक व्यक्ति गरीब है क्योंकि वह गरीब है ऐसे में उद्द्यमिता के द्वारा ही गरीबी के दुष्चक्र को मिटाया जा सकता है।
आयोजक श्रीमती मधुमालिनी साहू ने कहा की उद्यमिता का तात्पर्य किसी नए व्यवसाय को शुरू करने, उसे संचालित करने तथा लाभ कमाने के उद्देश्य से वित्तीय या व्यग्तिगत जोखिम उठाने की प्रक्रिया या क्षमता से है। उद्यमी उस व्यक्ति को कहा जाता है जिसमे नवाचार, दूरदर्शिता तथा दृढ़ता जैसे गुण मौजूद हो। वह भविष्य की जरूरतों को आज ही भांप लेता है बाज़ार में कुछ नया करने, पहले से बेहतर करने, तथा असफलताओं और चुनौतियों के बावजूद बना रहता है। आगे मोनिया म्यूजिकल एकेडमी के डायरेक्टर श्री जाकिर हुसैन ने भी उद्यमिता को संगीत विधा से जोड़कर रोजगार सृजन की संभानाओं को बताया।
उक्त कार्यक्रम में प्रशिक्षक श्री हरिशंकर वर्मा ने आचार, मुर्रब्बा, पेठा, सत्तू, बिस्किट, डेरी उद्द्योग, मसरूम की खेती इत्यादि के बारे में विस्तार से बताया और प्रायोगिक जानकारी प्रदान की। उक्त अवसर पर समाजसेवी घुरा राम सहित, बब्बन यादव, नन्दू जी, रुद्रांश गुप्त इत्यादि उपस्थित रहे। अंत में कार्यक्रम के आयोजक श्रीमती मधुमालिनी साहू ने सभी को आभार व्यक्त की।
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