नैसर्गिक कौशल और प्रतिभा को भी सजाना संवारना आवश्यक: ज्ञान प्रकाश तिवारी

15 दिवसीय प्रस्तुतिपरक गायन- वादन प्रशिक्षण कार्यशाला का समापन 
बलिया। भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय (संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश) एवं कुँवर सिंह इण्टरमीडिएट काॅलेज के संयुक्त तत्वावधान मे आयोजित 15 दिवसीय प्रस्तुतिपरक गायन-वादन प्रशिक्षण कार्यशाला का समापन समारोह शुक्रवार की रात को बापू भवन टाऊनहाल मे सम्पन्न हुआ। मुख्य अतिथि अपर जिला न्यायाधीश ज्ञान प्रकाश तिवारी , विशिष्ट अतिथि चिकित्सक रितेश सोनी, इतिहासकार डाॅ. शिवकुमार सिंह कौशिकेय ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

 प्रशिक्षु बच्चों ने अपने शास्त्रीय, उपशास्त्रीय गायन-वादन की प्रस्तुति से दर्शकों को आह्लादित आनंदित कर दिए। मुख्य अतिथि एडीजे श्री तिवारी ने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ अपने अंदर के नैसर्गिक कौशल और प्रतिभा को भी सजाना संवारना बहुत आवश्यक होता है, संगीत जीवन का बहुत महत्वपूर्ण आयाम है जिससे तनावमुक्त जीवन व्यतीत किया जा सकता है, जिले मे इस कार्यशाला के आयोजन से बहुत लाभ प्राप्त हुआ है।

 समापन पर पहुँचे विशिष्ट अतिथि जे.एन. सी.यू के वित्त अधिकारी/ वरिष्ठ कोषाधिकारी आनन्द दूबे ने कहा कि बलिया मे गायन- वादन- नृत्य की प्रतिभाएँ बहुत हैं और इनको प्रशिक्षण और प्रस्तुति का मंच प्रदान किए जाने की महति आवश्यकता है। 


इस अवसर पर प्रशिक्षक डाॅ. अरविन्द कुमार उपाध्याय, आनन्द वर्मा, अदिति मिश्र को अंगवस्त्रम् पुष्पहार से सम्मानित किया गया। अतिथियों का स्वागत आभार समन्वयक द्वय डाॅ.शिवकुमार सिंह कौशिकेय, अभय सिंह कुशवाहा ने किए संचालन डाॅ. अरविन्द कुमार उपाध्याय ने किया।

Comments

Popular posts from this blog

खेल दिवस पर राजकीय महाविद्यालय नगवा में कबड्डी प्रतियोगिता का हुआ आयोजन

ओजोन परत संरक्षण दिवस, 16 सितम्बर पर विशेष-

महिला सशक्तिकरण के बिना संभव नहीं हैं समग्र सामाजिक विकास: डॉ. पुष्पा मिश्रा