पीड़ित परिवारों ने की सरकार मुआवजा व जमीन की मांग


ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे में आ रहा वार्ड नम्बर 11 का बड़ा हिस्सा
बलिया। क्या ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे बनाने के लिए तोड़ा जाएगा इन गरीब परिवारों के खून-पसीने से बनाया गया आशियाना? तो जवाब है तोड़ा जाएगा। क्योकि सरकार ने जमीनों का अधिग्रहण किया है। पर उससे पहले जो तस्वीरें सामने आई है वो हैरान कर देने वाली है। 

दरअसल मामला बलिया शहर के वार्ड नम्बर 11 का है जिसका एक बड़ा हिस्सा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे में आ रहा है जो हिस्सा एक्सप्रेसवे में आ रहा है वहां लगभग एक दर्जन परिवारों ने अपना पक्का मकान बनवाया है जिसे अब तोड़ने की न केवल बात सामने आई है बल्कि घर खाली करने के लिए तीन दिन का समय दिया गया है। अब जरा इन तस्वीरों को देखिए ये परिवार उसी जमीन पर घर बना कर रह रहे है जिस हिस्से में एक्सप्रेवे बनना है। अचानक घर तोड़ने की नोटिस हाथ मे आया तो सबके पैरों से जमीन खिसक गया। इन सबका कहना है कि इस जमीन की हमने कीमत दी है जिसकी ये जमीन है। बताया हम गरीब है इसलिए एक स्टाम्प पेपर पर समझौते के मुताबिक जमीन के कीमत को कई किस्तों में दे दिया गया लेकिन जमीन के मालिक ने इसकी रजिस्ट्री हमारे नाम से नही की। अब जब ये जमीन एक्सप्रेवे में आ रहा है तो न ही हमारे पैसे वापस किये गए और न ही हमे कही और जमीन दिया जा रहा है। सीधा घर तोड़ने की चेतावनी दी जा रही। कहा अगर ऐसा हुआ तो हम घर नही खाली करेंगे। वही मोदी-योगी से न्याय की गुहार लगाई। कहा हम सभी को जमीन मालिक ने धोखा दिया। एक्सप्रेवे में अधिग्रहित जमीन की रकम भी सरकार से ले ली और हमसे भी जमीन की कीमत ले लिया। नतीजन कही के न रहे हम आत्महत्या करने को मजबूर है। पीड़ित परिवारों ने सरकार मुआवजा और जमीन की मांग किया है।
रिपोर्ट: विक्की कुमार गुप्ता

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