चंद्रशेखर विवि में पीआरओ बने डॉ प्रमोद शंकर पाण्डेय

काव्य लेखन, आलोचना के क्षेत्र में 25 वर्षों से है सक्रिय
बलिया। जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय के नये जनसंपर्क अधिकारी के रूप में विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग के सहायक आचार्य डाॅ० प्रमोद शंकर पाण्डेय को नियुक्त किया गया है। 

डाॅ० प्रमोद बलिया के परमंदापुर गाँव के मूल निवासी हैं और जनपद के लब्ध प्रतिष्ठित कवि, साहित्यकार रहे रमाशंकर पाण्डेय 'नवल' के पौत्र हैं। साहित्य का ज्ञान विरासत में प्राप्त हुआ है। उच्च शिक्षा लखनऊ विश्वविद्यालय और पीएच० डी०, बी० एच० यू०, वाराणसी से हुई है। बचपन से मेधावी रहे डाॅ० प्रमोद ने सभी परीक्षाएं प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण कर राष्ट्रीय छात्रवृत्ति तथा साउथ एशिया फेडरेशन की मदनजीत सिंह छात्रवृत्ति प्राप्त करने के पश्चात यू० जी० सी० नेट की परीक्षा उत्तीर्ण कर पीएच० डी०  फेलोशिप प्राप्त की। डाॅ० प्रमोद की आलोचना की एक पुस्तक, पुस्तकों में चार अध्याय, 14 शोधपत्र प्रकाशित हैं। आपने 23 राष्ट्रीय/ अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठियों में शोधपत्र प्रस्तुत किये हैं। उन्होंने तीन पुस्तकों के संपादक मंडल के सदस्य रहे हैं। डाॅ० प्रमोद जनपद की साहित्यिक संस्थाओं से जुड़े हुए हैं और काव्य लेखन, आलोचना के क्षेत्र में 25 वर्षों से सक्रिय हैं। 

इसके पूर्व डाॅ० पाण्डेय जेएनसीयू में ही अतिथि प्राध्यापक के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे और इस दौरान जेएनसीयू की दीक्षांत स्मारिका, त्रैमासिक समाचार पत्र 'अन्वीक्षण' के संपादन के साथ विभिन्न समितियों में महत्त्वपूर्ण प्रशासनिक/ अकादमिक दायित्व कर रहे थे। ध्यातव्य है कि इसके पूर्व प्रोफेसर जैनेंद्र कुमार पाण्डेय, हिन्दी विभाग, श्री मुरली मनोहर टाउन स्नातकोत्तर महाविद्यालय, जेएनसीयू के जनसूचना अधिकारी पद पर कार्यरत थे।
रिपोर्ट: विनय कुमार

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