आर्ट ऑफ़ लिविंग के स्थापना के 45वीं वर्षगांठ पर बैंगलोर आश्रम पर विभिन्न कार्यक्रम
20 से 24 मई तक बेंगलुरु आश्रम पर यूपी के लिए स्पेशल महोत्सव का किया गया है आयोजन
बेंगलुरु (कर्नाटक)। विश्व प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु से श्री रविशंकर जी जिन्हे लोग प्रेम से श्री श्री कह सम्बोधित करते है, एक प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु, मानवतावादी शांति दूत हैं। उनका जन्म 13 मई 1956 को तमिलनाडु के पापनासम में हुआ था। श्री रविशंकर जी ने आर्ट ऑफ़ लिविंग संस्था की स्थापना वर्ष 1981 मे की. संस्था का मुख्य उदेश्य आध्यात्मिक चेतना के विकास से दिव्य समाज का निर्माण करना था और आज 45 वर्षो के बाद यह कहना अतिशयोक्ति न होगी कि आज श्री श्री अपने उद्देश्यों में पूर्ण रूप से सफल रहे है. आज उनकी संस्था 182 देश में फैल चुकी है तथा लाखो लोग सुदर्शन क्रिया कर रहे है और स्वास्थ्य और तनाव रहित जीवन का आनंद लें रहे है.
इस वर्ष आर्ट ऑफ़ लिविंग अपनी स्थापना की 45वी वर्षगाठ तथा श्री रविशंकर जी की 70वी वर्षगाठ के उपलक्ष्य मे पुरे मई माह बैंगलोर आश्रम पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया है. इन कार्यक्रमों मे प्रधानमंत्री मोदीजी सहित तमाम केंद्रीय मंत्री, तमाम उद्योगपति तथा धर्म गुरु पधार चुके है. बुधवार के कार्यक्रम मे आंध्र प्रदेश के मुख्य रुप से मुख्य मंत्री चंद्र बाबू नायडू, गोवा सरकार प्रमोद सावंत जी, श्री विजय सिन्हा उप मुख्यमंत्री बिहार सरकार उपस्थित रहे. आर्ट ऑफ़ लिविंग मुख्य रुप से साँसो पर आधारित, आसान, व्यायाम, प्राणायाम और ध्यान की पद्धतिया सिखाता है.
आर्ट ऑफ़ लिविंग, शिक्षा, शांति स्थापना, तनाव प्रबंधन, स्वास्थ्य, सामाजिक सेवा, शिक्षा, आपदा राहत, कैदियों का पुनर्वास, पर्यावरण संरक्षण महिला सशक्तिकरण आदि मे लगे हुआ है. इस वर्ष 20 मई से 24 मई तक बेंगलुरु आश्रम पर यूपी के लिए स्पेशल महोत्सव का आयोजन किया गया है जिसमें यूपी के करीब 1200 लोग भाग ले रहे हैं. बलिया से भी एक मजबूत टीम उपरोक्त कार्यक्रम मे भाग लें रही है. इस कार्क्रम मे पूर्व वन मंत्री राजधारी सिंह जी भी आश्रम के अतिथि के रुप मे 20 मई से 22 मई तक बंगलौर आश्रम मे रहेंगे. बलिया से डा अमिता सिंह, निधि अग्रवाल, रतन जी, पुष्पांजलि सिंह, धीरज सर्राफ, डॉ डी राय आदि भाग ले रहे है.
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