ज्ञान और मानवीय मूल्यों के विकास का महत्वपूर्ण साधन है शोध: प्रो. संजीत गुप्ता

जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय में प्री- पीएच.डी. कोर्स वर्क आरंभ
बलिया। जननायक चन्द्रशेखर विश्वविद्यालय की प्री-पीएच.डी. सत्र 2024 की कक्षाओं का शुभारम्भ सोमवार को विश्वविद्यालय परिसर के सभागार में हुआ। कक्षा के प्रथम दिवस कुल 192 शोधार्थियों में से 160 शोधार्थियों ने उपस्थित होकर कक्षाओं में सक्रिय सहभागिता की।

 कुलपति प्रो. संजीत कुमार गुप्ता ने सभी नवप्रवेशित शोधार्थियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि शोध केवल उपाधि प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज, ज्ञान और मानवीय मूल्यों के विकास का महत्वपूर्ण साधन है। उन्होंने शोधार्थियों को गुणवत्तापूर्ण, मौलिक एवं समाजोपयोगी अनुसंधान हेतु प्रेरित किया तथा विश्वविद्यालय में उपलब्ध शैक्षणिक संसाधनों का समुचित उपयोग करने का आह्वान किया।

 इस अवसर पर विश्वविद्यालय के शोध समन्वयक डॉ. विनीत सिंह एवं शोध प्रकोष्ठ के सदस्य डॉ. सरिता पाण्डेय एवं डॉ. अभिषेक त्रिपाठी उपस्थित रहे। सभी सदस्यों ने शोधार्थियों का स्वागत करते हुए उन्हें शोध कार्य की आधारभूत अवधारणाओं, अनुसंधान नैतिकता, अकादमिक अनुशासन तथा विश्वविद्यालय की शोध प्रक्रियाओं से परिचित कराया। प्राध्यापकों द्वारा शोध की गुणवत्ता, अंतःविषय अध्ययन, शोध पद्धति एवं नवीन शोध दृष्टिकोणों के महत्व पर भी विस्तार से प्रकाश डाला गया।

 परिचयात्मक कक्षा के दौरान शोधार्थियों ने अत्यंत गंभीरता एवं सक्रियता के साथ सहभागिता की तथा विश्वविद्यालय के शोध वातावरण के प्रति सकारात्मक अभिरुचि व्यक्त की।
रिपोर्ट: विनय कुमार

Comments

Popular posts from this blog

खेल दिवस पर राजकीय महाविद्यालय नगवा में कबड्डी प्रतियोगिता का हुआ आयोजन

ओजोन परत संरक्षण दिवस, 16 सितम्बर पर विशेष-

महिला सशक्तिकरण के बिना संभव नहीं हैं समग्र सामाजिक विकास: डॉ. पुष्पा मिश्रा