हर्बल ग़ुलाल बनाने का दिया गया प्रशिक्षण
जेएनसीयू में हर्बल ग़ुलाल बनाने की विधि, उपयोगिता एवं महत्व हुई कार्यशाला
बलिया। जननायक चन्द्रशेखर विश्वविघालय के कुलपति प्रो० संजीत कुमार गुप्ता के संरक्षण में और कुलसचिव एस एल पाल के मार्गदर्शन में महिला अध्ययन केन्द्र के तत्वावधान में पर्यावरण संरक्षण एवं स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से हर्बल ग़ुलाल बनाने की विधि, उपयोगिता एवं महत्व पर एक दिवसीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छात्राओं, प्राध्यापिकाओ ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
डॉ० रंजना मल्ल ने प्रतिभागियों को फूलों, पत्तियों, हल्दी, चुकंदर, पालक, कॉफी व अन्य प्राकृतिक स्रोतों से रंग तैयार करके अरारोट तथा टेलकम पाउडर में आवश्यकतानुसार मिलाकर तथा उसे धुप में सुखाकर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। उन्होंने रासायनिक रंगों से होने वाले त्वचा व श्वसन संबंधी दुष्प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए हर्बल रंगों को सुरक्षित, किफायती एवं पर्यावरण-अनुकूल विकल्प बताया।
इसके पश्चात आयोजित कार्यक्रम में हर्बल रंगोली खेलने का संदेश देते हुए “स्वस्थ उत्सव—हरित उत्सव” की अवधारणा को बढ़ावा दिया गया। प्रतिभागियों ने स्वयं तैयार हर्बल ग़ुलाल से होली खेली तथा अपने आस पास के लोगों को प्राकृतिक हर्बल ग़ुलाल के प्रयोग के प्रति जागरूक करने के लिए संकल्प लिया।
कार्यक्रम का संयोजन डॉ० स्मिता तथा डॉ० प्रज्ञा बौद्ध ने किया। प्रतिभागियों ने कहा कि ऐसे आयोजनों से पारंपरिक कला का संरक्षण होने के साथ-साथ स्वास्थ्य एवं पर्यावरण के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होता है। इस अवसर पर निदेशक शैक्षणिक डॉ०पुष्पा मिश्रा , कुलानुशासक डॉ०प्रियका सिंह, अंजली भारद्वाज, डॉ० निहारिका यदुवंशी सहित अन्य प्राध्यापक उपस्थित रहे।
रिपोर्ट: विनय कुमार
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