बांसडीह तहसील पर गोंड समुदाय का धरना 23 अप्रैल को भी रहा जारी
प्रमुख सचिव के शासनादेश की अवमानना का बांसडीह तहसीलदार पर लगाया आरोप
बांसडीह (बलिया)। आजादी के पूर्व के भू राजस्व अभिलेखों 1345, 1356, 1359 फसली में गोंड़ दर्ज है जो आज भी तहसील व कलेक्ट्रेट के रिकॉर्ड रुम में सुरक्षित है! आजादी के पूर्व के जन्म-मृत्यु रजिस्टर फौती में भी स्पष्ट रूप से गोंड़ दर्ज है। प्रमुख सचिव उत्तर प्रदेश शासन समाज कल्याण अनुभाग-3 लखनऊ शासनादेश 3 नवम्बर 2021 द्वारा भी स्पष्ट दिशा निर्देश दिया गया है कि जिन आवेदकों के पूर्वजों के भू-राजस्व अभिलेखों में गोंड अंकित पाया जाय उन्हें तत्काल अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र निर्गत कर दिया जाए।
इसके बावजूद भी बांसडीह तहसीलदार मनमाना रुख अपनाते हुए गोंड अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र जारी नहीं कर रहे हैं। ऑनलाइन आवेदन करने पर आवेदन बार बार अस्वीकृत कर दे रहे हैं। पिछले दिनों बांसडीह तहसीलदार द्वारा 4 गोंड अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र जारी किया गया है। जो साक्ष्य-सबूत लेकर यह 4 गोंड जाति प्रमाण पत्र उन्होंने जारी किया है। वैसा ही साक्ष्य- सबूत लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे गोंड लोगों का भी जाति प्रमाण पत्र जारी किया जाना चाहिए।
गोंड अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र सुगमता पूर्वक जारी कराने की मांग को लेकर गोंड समुदाय का बांसडीह तहसील पर चल रहा अनिश्चित कालीन धरना 23 अप्रैल 2026 दिन गुरुवार को भी जारी रहा। गोंगपा जिलाध्यक्ष सुरेश शाह व बांसडीह तहसील इकाई अध्यक्ष उमाशंकर गोंड ने कहा कि प्रमुख सचिव के शासनादेश का अनुपालन कराने। गोंड अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र सुगमता पूर्वक जारी कराने की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन लगातार जारी रहेगा।
धरना में प्रमुख रूप से सुरेश शाह, उमाशंकर गोंड के अलावा विशाल कुमार गोंड, छठू गोंड, रंगीला गोंड, गुलाब गोंड, बलिराम गोंड, रवि कुमार गोंड, दयानन्द गोंड, गुंजन गोंड, कामिनी गोंड, सुधीर गोंड, शिव शंकर गोंड, राम अवध गोंड, हीरालाल गोंड, राजेंद्र गोंड, जितेन्द्र गोंड, संजय गोंड, पंकज कुमार गोंड रहे।
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