डॉ अम्बेडकर ने अपने मूल्य और सिद्धांतों से नहीं किया समझौता: प्रो. संजीत कुमार गुप्ता
जेएनसीयू में बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अम्बेडकर की 135वीं जयन्ती पर संगोष्ठी का आयोजन
बलिया। जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय में शासन के निर्देशानुक्रम तथा कुलपति प्रोफेसर संजीत कुमार गुप्ता के संरक्षण और कुलसचिव एस एल पाल के मार्गदर्शन में भारत रत्न बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर के 135वीं जयन्ती के अवसर पर, विश्वविद्यालय परिसर स्थित, आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी अकादमिक भवन में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ कुलपति प्रोफेसर संजीत कुमार गुप्ता, प्राचार्यगणों द्वारा बाबा साहब डॉ भीमराव अम्बेडकर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया।
संगोष्ठी का विषय-"बाबा साहब डॉ भीमराव अम्बेडकर और लोकतंत्र", पर वक्ता डॉ प्रवीण नाथ यादव ने बताया कि भारत रत्न बाबा साहेब डॉ भीमराव अम्बेडकर का सम्पूर्ण जीवन लोकतांत्रिक मूल्यों को समाहित है। उन्होंने कभी भी अपने मूल्यों और सिद्धांतों के साथ समझौता नहीं किया बल्कि उनके लिए राष्ट्र सर्वप्रथम था। आज के दिन हम सभी को यह संकल्प लेना चाहिए कि हम अपने देश तथा समाज में समता, स्वतंत्रता और बंधुत्व को स्थापित करने का प्रयास करेंगे। डॉ मनोज कुमार और डॉ शैलेन्द्र कुमार सिंह ने अपने उद्बोधन में डॉ भीमराव अम्बेडकर के सम्पूर्ण जीवन दर्शन को सभी विधार्थियों के लिए प्रेरणादायक बताया।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर संजीत कुमार गुप्ता ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि डॉ भीमराव अम्बेडकर का जीवन दर्शन का अध्ययन कर लेने मात्र से छात्रों में अपने जीवन की समस्त कठिनाइयों से लड़ने का साहस प्राप्त होगा। इसलिए कुलपति ने छात्रों को डॉक्टर अम्बेडकर के जीवन दर्शन का गहन अध्ययन करने की सलाह दी। कहा कि विपरीत और कठिन परिस्थितियों के बावजूद भी डॉ अम्बेडकर ने अपने मूल्य और सिद्धांतों से समझौता नहीं किया और खुद को ऐसे मुकाम पर स्थापित किया कि आज विश्व का प्रत्येक देश डॉ अम्बेडकर को नमन कर रहा है, साथ ही संपूर्ण भारत के समस्त विश्वविद्यालय और संस्थानों में डॉ अम्बेडकर को नमन किया जा रहा है इसलिए विद्यार्थियों को अपने अंदर ऐसे व्यक्तित्व का विकास करना चाहिए, जिससे समाज और राष्ट्र में वह अपना सार्थक योगदान दे सके और भारत के लोकतंत्र को और मजबूत किया जा सके।
वर्तमान में भारत सरकार तथा प्रदेश सरकार बाबा साहेब के विचारों को अपनाकर न्याय और समता के आदर्शों के अनुरूप प्रत्येक गरीब, वंचित, महिला और युवा तक योजनाओं का लाभ पहुंचा रही है। बाबा साहेब के विचार अपनाने से ही समरसता, सशक्त और समृद्ध प्रदेश के निर्माण का संकल्प पूरा होगा।स्वागत उद्बोधन डॉक्टर छबिलाल ने दिया। उन्होंने संगोष्ठी में उपस्थित विश्वविद्यालय परिवार के समस्त सदस्यों का स्वागत किया और सभी को बाबा साहब डॉ भीमराव अम्बेडकर की 135वीं जयंती की शुभकामनाएं प्रेषित की। इस अवसर पर राजनीतिक विज्ञान विभाग के छात्र मंटू कुमार साहनी ने भी बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर के व्यक्तित्व व कृतित्व पर अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर परिसर के छात्र/छात्राओं ने भी अपने ओजस्वी विचारों का प्रदर्शन किया। संगोष्ठी का संयोजन अधिष्ठाता विधि विभाग, डॉ अजय कुमार चौबे और सहायक आचार्य, राजनीति विज्ञान विभाग ने किया। संगोष्ठी का संचालन विधि विभाग की छात्रा साक्षी व धन्यवाद ज्ञापन डॉ अजय कुमार चौबे ने प्रेषित किया।
कार्यक्रम के दौरान कुलानुशासक डॉ प्रियंका सिंह, डॉ अनुराधा राय, डॉ रंजना मल्ल, डॉ सौम्या तिवारी, डॉ अभिषेक त्रिपाठी, डॉ नीरज कुमार सिंह, डॉ संजीव कुमार, डॉ प्रेमभूषण, डॉ तृप्ति, डॉ अभिषेक मिश्रा व अन्य प्राध्यापकगण के साथ-साथ विभिन्न विभागों के छात्र व छात्राएं उपस्थित रहे।
रिपोर्ट: विनय कुमार
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