सादगी, साहस और सत्यनिष्ठा का जीवंत उदाहरण रहा है चंद्रशेखर जी का संपूर्ण जीवन: डॉ नीरज

चन्द्रशेखर जी के जन्म शताब्दी वर्ष मनाए जाने के निर्णय पर जताया हर्ष
बलिया। चंद्रशेखर जी केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि विचारों के साधक और जनभावनाओं के सच्चे प्रतिनिधि थे। उनका संपूर्ण जीवन सादगी, साहस और सत्यनिष्ठा का जीवंत उदाहरण रहा है। सत्ता उनके लिए लक्ष्य नहीं, बल्कि समाज सेवा का माध्यम थी।

                  डॉ नीरज कुमार सिंह 
                      सहायक आचार्य
                        अंग्रेजी विभाग 
       जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय, बलिया 

उक्त बाते जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय, बलिया के अंग्रेजी विभाग के सहायक आचार्य डॉ नीरज कुमार सिंह ने कही। डॉ सिंह ने कहा कि अपनी ‘भारत यात्रा’ के माध्यम से उन्होंने देश की आत्मा को समझा और जन-जन से सीधा संवाद स्थापित किया। वे भारतीय राजनीति के उन विरले नेताओं में थे जिन्होंने अपने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया और शायद इसलिए ही राज्य सभा के उप सभापति श्री हरिवंश जी ने उन्हें “वैचारिक राजनीति का अंतिम प्रतीक” भी कहा। उनका व्यक्तित्व दृढ़ता और संवेदनशीलता का अद्भुत संगम है।

यह अत्यंत ही हर्ष का विषय है कि पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर जी का जन्म शताब्दी वर्ष 17 अप्रैल 2026 से 17 अप्रैल 2027 तक न केवल मेरे विश्वविद्यालय में अपितु पूरे देश में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा।

एक शिक्षक के रूप में यह मेरे लिए गर्व का विषय है कि मैं उस विश्वविद्यालय से जुड़ा हूँ जो उनके नाम पर स्थापित है। उनका संपूर्ण जीवन निश्चित रूप से हम सभी के लिए प्रेरणा हैं।

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