भारतीय ज्ञान परम्परा में वृक्षों एवं जीवों का संरक्षण
- डाॅ० गणेश पाठक ( पर्यावरणविद् ) भारतीय चिन्तन परम्परा एवं भारतीय संस्कृति में निहित पर्यावरण चेतना एवं पर्यावरण संरक्षण की अवधारणा को संभवत: पर्यावरण संरक्षण हेतु किया गया प्रथम वैचारिक प्रयास कहा जा सकता है। भारतीय संस्कृति प्राकृतिक अनुराग एवं प्रकृति संरक्षण की चिन्तन धारा है। भारतीय चिन्तन परम्परा में प्रकृति प्रेम इस कदर समाया एवं रचा-बसा है कि प्रकृति से जुदा अस्तित्व की बात हम सोच भी नहीं सकते हैं। हमारे ऋषि- मुनि इतने उच्च कोटि के मनीषी थे कि वे जड़- चेतन सभी तत्वों के संरक्षण के विधान बनाए हैं। भारतीय मनीषियों ने सम्पूर्ण प्राकृतिक शक्तियों को ही आराध्य माना है और उनके संरक्षण की अवधारणा प्रस्तु...