समावेशी नीतिगत परिणामों के लिए पूर्व- बजट हितधारक सहभागिता अनिवार्य: प्रो. मदन मोहन गोयल
जेएनसीयू में बजट पूर्व परिचर्चा का आयोजन बलिया। जननायक चन्द्रशेखर विश्वविद्यालय में कुलपति प्रो. संजीत कुमार गुप्ता के संरक्षण में विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र एवं वाणिज्य विभाग और पूर्वांचल आर्थिक संघ के संयुक्त तत्वावधान में बजट पूर्व परिचर्चा की गई। यह परिचर्चा "बजट एंड इट्स इम्प्लिकेशन्स" विषयक ऑनलाइन परिचर्चा का आयोजन हुआ। मुख्य वक्ता नीडोनॉमिक्स स्कूल ऑफ थॉट के प्रणेता, कुरुक्षेत्र- आधारित थिंक टैंक से जुड़े, तीन बार कुलपति रह चुके तथा कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त अर्थशास्त्र के प्रोफेसर मदन मोहन गोयल एवं पूर्वांचल आर्थिक संघ के डॉ विश्वनाथ जी रहे। मुख्य वक्ता गोयल ने केंद्रीय बजट 2026–27 के संदर्भ में भविष्य की प्रत्याशित प्रवृत्तियाँ और अपेक्षाएँ विश्लेषण के माध्यम से भारत की राजकोषीय सोच में मूलभूत परिवर्तन की आवश्यकता पर बल दिया। प्रो. गोयल ने कहा कि विकसित भारत @2047 की दिशा में विश्वसनीय प्रगति तभी संभव है जब बजट निर्माण प्रक्रिया पूर्वानुमानात्मक, सहभागी और वास्तविक आवश्यकताओं पर आधारित हो। उन्होंने प्रभावी एवं समावेशी नीतिग...