Tuesday, January 13, 2026

खरवार जाति के व्यक्तियों का जाति प्रमाण पत्र सुगमता पूर्वक हो जारी

बलिया सदर तहसीलदार से मिले खरवार समाज के लोग
बलिया। खरवार जनजाति संघर्ष मोर्चा उत्तर प्रदेश के प्रदेश संरक्षक राघवेंद्र प्रताप खरवार के नेतृत्व में खरवार समाज के छात्र एवं नौजवानो ने बलिया सदर तहसीलदार से मिलकर खरवार जाति के व्यक्तियों का जाति प्रमाण पत्र सुगमतापूर्वक जारी करने की मांग की।

राघवेंद्र प्रताप खरवार ने कहा कि भारत सरकार राजपत्र 2002 और उत्तर प्रदेश सरकार उत्तर प्रदेश सरकार2003 मैं खरवार जाति को बलिया जनपद में अनुसूचित जनजाति की श्रेणी में सूचीबद्ध किया गया है और समय-समय पर अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र भी जारी होता रहा है। लेकिन विगत कुछ समय से बलिया सदर तहसील में खरवार जाति का प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जा रहा है और आवेदन करने पर राजस्व लेखपालों द्वारा आख्या लगाने में हिल वाले किया जा रहा है और आवेदन को निरस्त कर दिया जा रहा है। जाति प्रमाण पत्र जारी न होने से खरवार समाज के बेरोजगार नौजवान छात्र सरकार द्वारा निकल गई भर्तियों पुलिस एवं लेखपाल तथा अन्य विभागों के भर्तियों में जाति प्रमाण पत्र के अभाव में आवेदन नहीं कर पा रहे हैं।

सभी उपस्थित पदाधिकारी एवं नौजवान छात्र तहसीलदार सदर बलिया से खरवार अनुसूचित जनजाति के व्यक्तियों का जाति प्रमाण पत्र अभिलंब जारी करने की मांग की जिससे कि लेखपाल और पुलिस के आरक्षित पदों में अपना आवेदन कर सके। पत्रक देते समय कमलेश खरवार प्रदेश अध्यक्ष खरवार युवा सभा एवं कपिल देव खरवार, अंजनी खरवार, जय प्रकाश खरवार, बंटी खरवार, अभिषेक खरवार, रोहित खरवार, तारकेश्वर खरवार, नयन खरवार, राहुल खरवार, रजत खरवार, प्रेमनाथ खरवार आदि लोग मौजूद रहे।
रिपोर्ट: विक्की कुमार गुप्ता 

Monday, January 12, 2026

बहुभाषी नाट्य एवं लोकनृत्य प्रतियोगिता की दूसरी बार मेजबानी करेगा बलिया

लोककलाओं के संरक्षण मे बड़ी भूमिका निभाने की ओर बढ़ रहा है बलिया
बलिया। रंग महोत्सव के माध्यम से देश की लोक-संस्कृति, लोककलाओं के संरक्षण मे बड़ी भूमिका निभाने की ओर बलिया बढ़ रहा है। जागरूक शिक्षण प्रशिक्षण सेवा संस्थान के बैनर तले महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश, पं.बंगाल, झारखंड, असम, उड़ीसा, मणिपुर, उत्तर प्रदेश और दिल्ली सहित 10 राज्यों के रंगकर्मी अपने नाटक और लोकनृत्य का उत्कृष्ट प्रदर्शन 16- 17 और 18 जनवरी को आदर्श वाटिका मे आयोजित बलिया रंग महोत्सव मे  प्रतिस्पर्धात्मक प्रस्तुति करेंगे। 

आयोजक जागरूक संस्थान के संरक्षक डाॅ.शिवकुमार सिंह कौशिकेय और सचिव अभय सिंह कुशवाहा ने बताया कि अध्यात्म, अवदान, बलिदान की धरती बलिया  और लोकनृत्य के कलाकारों की प्रतिभा निखारने के लिए  राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता आयोजित की गयी। इसके साथ ही जिले के विभिन्न विद्यालयों के बच्चों की भी प्रतियोगिता होगी। जो बच्चे राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभाग करना चाहते हैं उन्हें राष्ट्रीय प्रतियोगिता मे भी शामिल किया जायेगा। अभी तक प्रतियोगिता मे देश की इन टीमों ने  पंजीयन कराए हैं।

अभिरंग फाउण्डेशन मुंबई, महाराष्ट्र। स्टेपको सोसाइटी नाहर सिरमौर, हिमाचल प्रदेश। बैली अंकुर नाट्य संस्थान हाबडा, पश्चिम बंगाल। नाट्य वास्तु सांस्कृतिक एवं सामाजिक संस्था कानपुर, उत्तरप्रदेश। पथ, जमशेदपुर झारखंड। कर्मा थिएटर ग्रुप, दिल्ली। विंज इण्टरटेनमेंट फिल्मस् गिरिडीह झारखंड। विश्व रुपम् कला संगम वाराणसी। कलाकृति नाट्य मंच जमशेदपुर। अस्मिता नाट्य संस्थान, मुगलसराय। रंग थियेटर ग्रुप गिरिडीह। बिहू ( असमिया लोकनृत्य) स्मृति कश्यप एवं दल गुवाहाटी असम। फरुवाही लोकनृत्य, सुजीत यादव एवं दल महराजगंज। पायका लोकनृत्य, रविराज एवं दल गिरिडीह। ओडिसी ( उड़िया लोकनृत्य) ज्योतिदास एवं दल बरहमपुर उड़ीसा। पउसा (मणिपुरी लोकनृत्य) द पोल स्टार मणिपुर। छाऊ लोकनृत्य, नटराज ग्रुप साहबगंज झारखंड। कथक नृत्य, संदीप मौर्य एवं दल वाराणसी। 

धोबिया लोकनृत्य प्रियांशु सोनकर एवं दल आजमगढ। पखावज लोकनृत्य, शिवनाथ पासवान एवं दल बसंतपुर। कहरवां नृत्य, गोंड़ऊ नृत्य राम अवध गोंड़ एवं दल सग्गापाली गाजीपुर। इसके अतिरिक्त जिले की  लोककलाओं के कलाकार और विभिन्न विद्यालयों के नवांकुर कलाकारों की भी प्रस्तुतियाँ होंगी।

मां गंगा की अविरलता, निर्मलता एवं प्रदूषण मुक्त करने हेतु लिया गया संकल्प

धूमधाम से मनाई गई गंगा पुत्र भीष्म पितामह एवं स्वामी विवेकानन्द की जयंती
बलिया। भीष्म पितामह एवं स्वामी विवेकानंद जयंती के शुभ अवसर पर सोमवार को श्री मुरली मनोहर टाउन स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बलिया के मनोरंजन हाल में गंगा पुत्र भीष्म पितामह की जयंती एवं स्वामी विवेकानन्द की जयंती धूम - धाम से मनाई गयी। 

इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो० गिरीश चन्द्र त्रिपाठी, मुख्य वक्ता उत्तर - प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री आनन्द स्वरूप शुक्ल एवं विशिष्ट अतिथि प्रसिद्ध समाजसेवी राजीव उपाध्याय रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो० अशोक कुमार पाण्डेय ने किया। कार्यक्रम का संचालन अरविंद शुक्ल एवं धन्यवाद ज्ञापन करुणानिधि तिवारी ने किया।

 कार्यक्रम के दौरान गंगा समग्र गोरक्ष प्रान्त के शैक्षिक आयाम प्रमुख  डाॅ० गणेश कुमार पाठक ने मां गंगा की अविरलता, निर्मलता एवं प्रदूषण मुक्त करने हेतु गंगा पुत्र भीष्म पितामह को साक्षी मानकर  कार्यक्रम में सम्मिलित विद्वतजनों, बुद्धिजीवियों एवं अन्य भाई - बहनों को संकल्प दिलाया।

मां गंगा के प्रति स्वामी विवेकानंद एवं गंगा पुत्र भीष्म पितामह के विचार: डाॅ० गणेश पाठक

मां गंगा के प्रति स्वामी विवेकानंद जी के विचार
स्वामी विवेकानंद जी के लिए मां गंगा  मात्र एक नदी नहीं, बल्कि भारत की आध्यात्मिक आत्मा, संस्कृति एवं पवित्रता का प्रतीक है। स्वामी जी के विचार गंगा के प्रति गहरे सम्मान, अथाह प्रेम एवं आध्यात्मिक अंतर्संबंध को प्रकट करते हैं। स्वामी जी के अनुसार गंगा एक ऐसी पवित्र नदी है, जिसमें स्नान करने एवं तट पर रहने मात्र से ही आध्यात्मिक शुद्धि एवं मोक्ष की प्राप्ति हो जाती है। 

उनका विचार था कि -' गंगा तव दर्शनात मुक्ति:'। अर्थात् गंगा के दर्शन मात्र से ही मुक्ति मिल जाती है। यही कारण है कि ध्यान हेतु स्वामी जी को गंगा तट का शांत वातावरण विशेष प्रिय था।

स्वामी जी के अनुसार गंगा सदियों से सनातन सभ्यता एवं संस्कृति की गवाह रही है। सभ्यता एवं संस्कृति का विकास गंगा के किनारे ही हुआ। भारत की धार्मिक - आध्यात्मिक एकता को कायम रखने में गंगा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। गंगा पवित्रता की प्रतीक है।

  स्वामी जी को गंगा से व्यक्तिगत एवं भावनात्मक लगाव था। यही कारण है कि उनके प्रवचनों, व्याख्यानों एवं पत्रों में उनके द्वारा प्राय: प्रेरणादायक एवं शांतिपूर्ण दृश्यों का वर्णन किया गया है, जो उन्हें ईश्वर के निकट होने का बोध कराता है। गंगा के प्रति अपने आध्यात्मिक पक्ष को सुदृढ़ करते हुए एक जिम्मेदार एवं जागरूक आचरण की प्रेरणा देते हुए गंगा को स्वच्छ रखते हुए प्रदूषणमुक्त रखने का संदेश देते हैं। 

गंगा के प्रति भीष्म पितामह के विचार-
भीष्म पितामह मां गंगा को एक पवित्र देवी के रूप में मानते थे एवं तद्नुसार  पूजा - अर्चना थे।। वे अपनी जननी के रूप में मां गंगा से अगाध प्रेम करते थे।।एक दिव्य देवी के रूप में मां गंगा को पवित्र एवं पूज्य मानते हैं। भीष्म पितामह मां गंगा को एक पथ प्रदर्शक एवं शिक्षक के रूप में देखते एवं मानते थे। अपने समक्ष विकट परिस्थिति उत्पन्न होने पर उनके उपदेशों को याद किया करते थे तथा एक जननी के रूप में मां गंगा के निर्णय का उन्होंने सदैव सम्मान किया। 

इस तरह भीष्म पितामह के लिए मां गंगा एक दैवीय शक्ति, मां का प्यार एवं एक आदर्श गुरु की संगम थी, जिनका भीष्म द्वारा सदैव आदर एवं सम्मान किया गया।

​​शहीद मंगल पांडे को 'क्रिमिनल' कहना देश का अपमान

पूर्व विधायक राम इकबाल सिंह मांगें माफी: कृष्णकांत पाठक
​दुबहर (बलिया)। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के प्रथम नायक शहीद मंगल पांडे के विरुद्ध भारतीय जनता पार्टी के पूर्व विधायक राम इकबाल सिंह द्वारा दी गई विवादित टिप्पणी पर आक्रोश बढ़ता जा रहा है। 

सोमवार को मंगल पांडेय विचार मंच के अध्यक्ष कृष्णकांत पाठक ने शहीद मंगल पांडेय के पैतृक गांव नगवां स्थित उनके स्मारक पर मीडिया से बातचीत करते हुए इस बयान की कड़े शब्दों में निंदा की।

बलिदान का अपमान स्वीकार नहीं
मीडिया को संबोधित करते हुए कृष्णकांत पाठक ने कहा कि जिस समय देश अंग्रेजों के अत्याचार से कराह रहा था, उस परिस्थिति में हमारे सेनानियों ने अपने प्राणों की परवाह किए बिना क्रांति का रास्ता चुना। उन्होंने कहा, "मंगल पांडे जैसे वीरों ने देश की आजादी के लिए हंसते-हंसते फांसी के फंदे को चूम लिया। उनके इस सर्वोच्च बलिदान को शब्दों के संकुचित मापदंड पर तौलना न केवल गलत है, बल्कि यह उनका घोर अपमान है।"

बयान पर जताया कड़ा विरोध
भाजपा के पूर्व विधायक राम इकबाल सिंह द्वारा मंगल पांडे को 'क्रिमिनल' (अपराधी) कहे जाने पर गहरा क्षोभ व्यक्त करते हुए पाठक ने कहा कि ऐसे बयान इतिहास और हमारे पूर्वजों के त्याग का अनादर करते हैं। हमें अपने सेनानियों के संघर्ष और बलिदान का सम्मान करते हुए उन्हें सदैव गर्व के साथ स्मरण रखना चाहिए।

माफी की मांग
मंगल पांडेय विचार मंच ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि:
​पूर्व विधायक राम इकबाल सिंह को अपने इस अमर्यादित बयान के लिए पूरे देश से सार्वजनिक रूप से क्षमा मांगनी चाहिए। ​यदि वे ऐसा नहीं करते हैं, तो बलिदानियों का सम्मान करने वाला यह देश और समाज उन्हें कभी माफ नहीं करेगा।
रिपोर्ट: रणजीत सिंह


कुलपति ने मुख्यमंत्री से शिष्टाचार मुलाक़ात कर की विवि के विकास पर चर्चा

विश्वविद्यालय के समक्ष मौजूद कठिनाइयों से भी मुख्यमंत्री जी को कराया अवगत
बलिया। जननायक चन्द्रशेखर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजीत कुमार गुप्ता ने उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री पूज्य योगी आदित्यनाथ जी महाराज से रविवार को शिष्टाचार भेंट की। कुलपति जी ने इस अवसर पर विश्वविद्यालय की प्रगति के निमित्त मुख्यमंत्री जी से चर्चा की। 

विश्वविद्यालय की अकादमिक प्रगति, वित्तीय सहायता, कर्मचारियों की नियुक्ति आदि विषयों पर कुलपति ने माननीय मुख्यमंत्री से सार्थक चर्चा की। कुलपति जी ने विश्वविद्यालय के समक्ष मौजूद कठिनाइयों से भी मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया। विश्वविद्यालय के भवनों के प्रथम चरण का निर्माण कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है। कुलपति जी ने माननीय मुख्यमंत्री से इन भवनों के लोकार्पण हेतु समय देने का भी अनुरोध किया। मुख्यमंत्री जी ने इसके लिए सहर्ष सहमति भी प्रदान की। माननीय मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय की प्रगति के लिए शासन स्तर से सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया। कहा कि बलिया जनपद उत्तर प्रदेश के पूर्वी सीमान्त पर स्थित है, जिसके विकास के लिए उत्तर प्रदेश सरकार कृतसंकल्पित है। 

बलिया जनपद के विकास के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति पर शासन द्वारा निरंतर देख-रेख की जा रही है। विश्वविद्यालय का भी विकास बलिया जनपद के विकास से जुड़ा है। सरकार निश्चित रूप से इसके विकास में हर संभव योगदान देने को तत्पर है। माननीय मुख्यमंत्री जी के इस आश्वासन के लिए कुलपति जी ने उनका विशेष आभार दिया है और विश्वविद्यालय परिवार और जनपदवासियों की ओर से मुख्यमंत्री जी के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित किया है।
रिपोर्ट: विनय कुमार

चोरी के विरोध में बंद रहा सुखपुरा बाजार

जल्द ही चोरी का पर्दाफाश नहीं होने पर होगी पूर्ण बंदी और अनिश्चितकालीन बंदी
सुखपुरा (बलिया)। सुखपुरा बाजार में लगातार चोरी होने और उसका पर्दाफाश न होने के कारण अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल सुखपुरा बलिया के आह्वान पर सोमवार को पूरा बाजार पूर्ण रुप से बंद रहा। बंदी के दौरान स्थानीय पुलिस प्रशासन बाजार में चक्रमण करते रहें। साथ-साथ व्यापार मंडल के पदाधिकारी भी बाजार में चक्रमण करते रहें। 

संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष श्री अरविंद गांधी को सारे मामले की जानकारी नगर अध्यक्ष उपेंद्र कुमार सिंह उर्फ अप्पू सिंह देते रहे। इस दौरान सुखपुरा बाजार के अध्यक्ष उपेंद्र कुमार सिंह उर्फ अप्पू जी, अख्तर अली लल्लू, गणेश प्रसाद गुप्ता, राजू वारसी, संतोष रौनियार, प्रदीप गुप्ता, राम नारायण सिंह , राजकुमार स्वर्णकार, बसंत कुमार सैनी, जितेंद्र गुप्ता, सूर्य प्रकाश उर्फ पिंटू, अनिल गुप्ता, प्रदीप गुप्ता, राजू गुप्ता, राहुल सिंह, टिंकू, अरविंद कुमार मंटू, राजेश कुमार वर्मा, राजकुमार स्वर्णकार, राजू गुप्ता, अनिल गुप्ता उपस्थित होकर व्यापारियों को बहुत-बहुत धन्यवाद दिया। 
  

   यह निर्णय लिया गया किया यह आंशिक बंदी थी अगर चोरी  का जल्द से जल्द पर्दाफाश नहीं होगा तो पूर्ण बंदी और अनिश्चितकालीन बंदी भी होगी जिसके लिए स्थानीय प्रशासन जिम्मेदार होगा। सारा निर्णय व्यापारियों के बैठक के बाद लिया जाएगा।

युवाओं की भूमिका, सामाजिक परिवर्तन तथा राष्ट्र विकास में उनके योगदान पर हुई चर्चा

जेएनसीयू में राष्ट्रीय युवा दिवस पर संगोष्ठी का हुआ आयोजन
बलिया। जननायक चन्द्रशेखर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर संजीत कुमार गुप्ता के संरक्षण मे  राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर सोमवार को जय प्रकाश नारायण सभागार में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्वामी विवेकानंद जी के विचारों को युवाओं तक पहुँचाना तथा उन्हें राष्ट्र निर्माण और सामाजिक दायित्वों के प्रति जागरूक करना था। 

संगोष्ठी के मुख्य वक्ता अखिल भारतीय नेपाली कार्य संयोजक प्रियांशु त्रिपाठी ने युवाओं की भूमिका, सामाजिक परिवर्तन तथा राष्ट्र विकास में उनके योगदान पर सारगर्भित विचार प्रस्तुत किया। विशेष प्रवर्तन डॉ. गुंजन कुमार, सहायक आचार्य, अर्थशास्त्र विभाग ने युवा समस्याओं पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में विशिष्ट वक्ता  डॉ. शैलेन्द्र सिंह, सहायक आचार्य, इतिहास विभाग ने ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य में युवाओं की भूमिका पर विचार रखा। कार्यक्रम की अध्यक्षता पुष्पा मिश्रा ने किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के फाइन आर्ट विभाग के विद्यार्थियों द्वारा स्वामी विवेकानंद जी तथा एड्स रोग की रोकथाम विषय पर आकर्षक पोस्टर प्रदर्शनी का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का आयोजन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, बलिया द्वारा राष्ट्रीय सेवा योजना एवं रेड रिबन क्लब के सहयोग से किया गया। कार्यक्रम का समापन युवाओं को प्रेरित करने वाले संदेश के साथ हुआ। कार्यक्रम का संचालन योगिता पाण्डेय ने किया।
रिपोर्ट: विनय कुमार

पुरातन छात्र उत्प्रेरक सम्मान समारोह का हुआ भव्य आयोजन


विश्व गुरु भारत का दृष्टिकोण एवं स्वामी विवेकानंद के विचारों की प्रासंगिकता" विषयक व्याख्यान संपन्न
बलिया। आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ ( आई क्यू ए सी) के तत्वावधान में स्वामी विवेकानंद जयंती ( राष्ट्रीय युवा दिवस) के उपलक्ष्य में "विश्व गुरु भारत का दृष्टिकोण एवं स्वामी विवेकानंद के विचारों की प्रासंगिकता" विषय पर व्याख्यान का आयोजन दिनांक 12 जनवरी 2026 दिन सोमवार को स्नातकोत्तर महाविद्यालय बांसडीह के बहुउद्देशीय कक्ष में हुआ। स्वामी विवेकानंद जयंती पर पुरातन छात्र उत्प्रेरक सम्मान समारोह के उपलक्ष्य में "विश्व गुरु भारत का दृष्टिकोण एवं स्वामी विवेकानंद के विचारों की प्रासंगिकता" विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया।

  कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रो० निवेदिता श्रीवास्तव, प्राचार्य गुलाब देवी महिला पी० जी० कॉलेज बलिया; विशिष्ट, मुख्य वक्ता डॉ० अजय कुमार चौबे, सह आचार्य अंग्रेजी विभाग, जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय बलिया तथा श्री अखिलेश राय प्रबंध समिति, स्नातकोत्तर महाविद्यालय बांसडीह के साथ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ० फिरोज खान द्वारा पहले महाविद्यालय परिसर में स्थित स्वामी विवेकानंद जी के शैल चित्र पर पुष्पार्चन कर कार्यक्रम स्थल पर माँ भारती व स्वामी विवेकानंद जी के चित्र पर माल्यार्पण व पुष्पार्चन तथा दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। 

 महाविद्यालय की छात्राओं में शिवानी, निक्की, पलक शिखा, निधि, अंशिका ने कुलगीत  तथा  शिखा, निक्की, पलक, शिवानी ने   स्वागत गीत प्रस्तुत किया। मुख्य अतिथि प्रो० निवेदिता श्रीवास्तव जी का स्वागत शिक्षा संकाय की सह आचार्या सुश्री नेहा सिंह व संध्या सिंह जी ने, मुख्य वक्ता डॉ० अजय कुमार चौबे जी का स्वागत हिन्दी विभाग के सहायक आचार्य श्री प्रवीन पथिक जी ने, प्रबंध समिति के सदस्य श्री अखिलेश राय जी का स्वागत बी एल एड विभाग के आचार्य श्री अभिषेक पाण्डेय जी ने तथा पुरातन छात्र प्रतिनिधि श्री अनीश कुमार जी का स्वागत हिन्दी विभागाध्यक्ष श्री सत्येंद्र कुमार पाण्डेय जी ने बैच और पुष्प गुच्छ प्रदान कर किया। अतिथि परिचय व स्वागत वक्तव्य राजनीति विज्ञान के प्रवक्ता श्री भीम सिंह जी ने किया।  पुरातन छात्र प्रतिनिधि श्री अनीश कुमार जी ने स्वामी विवेकानंद जी आदर्शों और विचारों पर प्रकाश डालते हुए विषय का प्रवर्तन किया।

  मुख्य वक्ता डॉ० अजय कुमार चौबे जी ने स्वामी विवेकानंद जी के जीवन-दर्शन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वामी जी कहते थे कि समस्त ब्रह्मांड की सभी शक्तियां हममें निहित हैं। हम खुद ही हैं जो अपनी आँखों पर हाथ रख लेते हैं और रोते हैं कि कितना अंधकार है। साथ ही विश्व धर्म सम्मेलन की चर्चा करते हुए उनके आदर्शों व विचारों की प्रासंगिकता पर बल दिया। प्रबंध समिति सदस्य श्री अखिलेश राय जी ने स्वामी जी के जीवन दर्शन पर प्रकाश डालते हुए उनके जीवन में घटी घटनाओं का जिक्र करते हुए उनके आदर्श वाक्य  "उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए"  आत्मसात करने के लिए प्रेरित किया। इसी क्रम में मुख्य अतिथि प्रो० निवेदिता श्रीवास्तव जी ने भी स्वामी जी के जीवन दर्शन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वामी जी कहते थे कि अनुभव ही हमारा एकमात्र शिक्षक है। और तुम्हें कोई पढ़ा नहीं सकता, कोई आध्यात्मिक नहीं बना सकता। तुमको सब कुछ खुद अंदर से सीखना है। अतः अपना दीपक स्वयं बनो।

 इसी क्रम में "पुरातन छात्र समागम समारोह"  में उपस्थित पुरातन छात्र प्रतिनिधि श्री अनीश कुमार समेत अन्य छात्र-छात्राओं में , निधि गुप्ता, श्री धर्मेंद्र कुमार सिंह अमृता सिंह, रूपेश सिंह समेत सभी पुरातन छात्र-छात्राओं को अंग-वस्त्र, महाविद्यालयी पत्रिका तथा स्मृति चिन्ह से अतिथि गण तथा महाविद्यालय के प्राचार्य द्वारा सम्मानित किया गया।

  कार्यक्रम के पूर्व संध्या पर त्रिदिवसीय प्रतियोगिता और वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिनमें खो खो प्रतियोगिता, लंबी कूद, लंबी दौड़, बाली बॉल प्रतियोगिता तथा निबंध प्रतियोगिताएं शामिल थी तथा प्रत्येक प्रतियोगिता टीम के प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विजेता को पुरस्कृत किया।

     इस अवसर पर आइ.क्यू.ए.सी समन्वयक श्री अंजनी कुमार मिश्र , श्री सत्येंद्र कुमार पाण्डेय, डॉ शिल्पी श्रीवास्तव, डॉ भारती वर्मा, राजेंद्र पाठक, डॉ कमलेश रवि, डॉ हंसराज यादव, प्रवीन पथिक, ददन पासवान, संध्या सिंह, सुनीता कश्यप, रंजीत गुप्ता, श्री अभिषेक पाण्डेय, श्री रामसोच राम, कनीज फातिमा, बुशरा फातिमा, नेहा सिंह, जागृति विश्वकर्मा, श्री अजेय तिवारी, सूबेदार श्री भीम सिंह, श्री अशोक कुमार पाण्डेय, श्री अमितेश कुमार यादव, श्री विकाश सिंह  तथा अन्य सभी शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे।

   कार्यक्रम के अंत में महाविद्यालय के प्राचार्य  द्वारा अध्यक्षीय उद्बोधन में पुरातन एवं अधुनातन छात्र- छात्राओं  को स्वामी विवेकानंद जयंती की बधाई एवं शुभाशीष  प्रदान किया गया। धन्यवाद ज्ञापन सैन्य विज्ञान के सहायक आचार्य डॉ अशोक कुमार गुप्त द्वारा किया गया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान से हुआ। कार्यक्रम का संचालन महाविद्यालय के सहायक आचार्य श्री अंजनी मिश्र व डॉ० सुमन ने किया।

खरवार जनजाति प्रमाण पत्र जारी करो नारे के साथ प्रदर्शन

सबका जाति प्रमाण पत्र जारी किए जाने की मांग
बलिया। उ0प्र0 लेखपाल भर्ती में 160 सीटें अनुसूचित जनजाति हेतु आरक्षित है। वही पुलिस भर्ती में भी 647 सीटें अनुसूचित जनजाति हेतु आरक्षित है। इन आरक्षित सीटों पर आवेदन करने के लिए अनुसूचित जनजाति प्रमाण-पत्र अतिआवश्यक है। भारत के राष्ट्रपतीय राजपत्र संविधान (अनुसूचित जनजाति) आदेश संशोधन अधिनियम-2002 द्वारा बलिया जिले में गोंड, खरवार जाति को अनुसूचित जनजाति के रूप में मान्यता दी गयी है। गोंड, खरवार अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र के लिए तहसील का कई महीनों से चक्कर लगा रहे हैं।

 तहसीलदार कार्यालय में ऑफलाइन आवेदन जमा है लेकिन ऑनलाइन आवेदन करने पर लेखपाल व तहसीलदार साहब द्वारा आवेदन बार-बार अस्वीकृत कर दिया जा रहा है जबकि पूर्व में पिता व भाई का गोंड, खरवार अनुसूचित जनजाति का प्रमाण-पत्र तहसील से जारी हुआ है। इस समय वर्तमान में गोंड, खरवार जाति प्रमाण पत्र जारी करने में लेखपाल व तहसीलदार साहब द्वारा अनावश्यक रूप से परेशान व उत्पीड़न किया जा रहा है। भारत के राजपत्र व शासनादेश की घोर अवमानना की जा रही है। 12 जनवरी 2026 को बलिया  जिलाधिकारी कार्यालय पर गोंड, खरवार जनजाति प्रमाण पत्र सुगमता पूर्वक जारी करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया गया तथा जिलाधिकारी को बारी- बारी से अपना अपना आवेदन पत्रक सौंपा गया। गोंड, खरवार समुदाय छात्र नौजवानों ने कहा कि लेखपाल व पुलिस भर्ती में अनुसूचित जनजाति के लिए भी सीटें आरक्षित है यदि हम लोगों का समय रहते जाति प्रमाण पत्र निर्गत नहीं हुआ तो हम लोग अनुसूचित जनजाति आरक्षित सीटों पर आवेदन करने से वंचित हो जाएंगे जबकि सदर बलिया तहसील से  सैकड़ों गोंड लोगों का अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र जारी किया गया है उसी तरह सबका जाति प्रमाण पत्र जारी किया जाना चाहिए।

इसे दौरान शुभम, अंजेश कुमार, बबलू गोंड, सुमन गोंड, अंकित कुमार, विशाल गोंड, अभिषेक कुमार, विशाल कुमार, गोविंदा खरवार, मौसम कुमार, अनामिका गोंड, रागनी गोंड, विशाल प्रसाद, दिसू कुमार, बिट्टू कुमार, सोनू कुमार, सूरज प्रसाद, कपिल कुमार, राकेश गोंड, सनोज कुमार, समर्थन में राघवेंद्र खरवार, गोपाल खरवार, पंकज खरवार, सुरेश शाह सहित कई लोग रहे।

Saturday, January 10, 2026

हिन्दी को चिकित्सा विज्ञान एवं टेक्नोलॉजी की भाषा बनने की जरूरत: डॉ. प्रमोद शंकर पाण्डेय

विश्व हिन्दी दिवस पर जेएनसीयू मे एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन
बलिया। जननायक चन्द्रशेखर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर संजीत कुमार गुप्ता के संरक्षण  में विश्व हिन्दी दिवस पर राष्ट्रीय अस्मिता और हिंदी विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। 

मुख्य वक्ता डॉ. प्रमोद शंकर पाण्डेय सहायक आचार्य, हिन्दी विभाग ने कहा कि हिन्दी राष्ट्रीय अस्मिता की भाषा है। आज हिन्दी का फलक विश्व व्यापक हो गया।दुनिया के बहुत से देशों में हिंदी का अध्यापन और अध्ययन हो रहा है।आज हिन्दी को चिकित्सा विज्ञान और टेक्नोलॉजी की भाषा बनने की जरूरत है। भाषा व्यक्ति की अस्मिता की पहचान कराती है। व्यक्ति के विवेक निर्माण में उसकी निज भाषा की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। भारतीय संस्कृति के संवर्धन में हिंदी का विशेष योगदान है।आजादी के आंदोलन में हिंदी ने राष्ट्रीयता की अलख जगायी है। अध्यक्षीय वक्तव्य में डॉ. पुष्पा मिश्रा, शैक्षणिक, निदेशक ने कहा कि हिन्दी जनचेतना की भाषा है। राष्ट्रीय गौरव की भाषा है। जनचेतना और राष्ट्रीयता के निर्माण में हिंदी भाषा की महत्वपूर्ण भूमिका है। 

कार्यक्रम का संचालन डॉ. संदीप यादव ने किया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. अभिषेक मिश्र ने दिया। इस अवसर पर डॉ. प्रियंका सिंह, डॉ. विनीत सिंह, डॉ. अनुराधा राय, डॉ. रजनी तिवारी, डॉ. नीरज कुमार सिंह,डॉ रंजना मल्ल, डॉ सौम्या तिवारी, डॉ प्रेम भूषण, डॉ शैलेन्द्र सिंह, डॉ विनय कुमार एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
रिपोर्ट: विनय कुमार

मनुष्य के मूल अधिकार, सम्मान और गरिमा के खिलाफ है जमींदारी प्रथा: अरविंद गांधी

जमींदारी प्रथा के विरुद्ध खड़ा हुआ संयुक्त व्यापार मंडल 
बलिया। संयुक्त व्यापार मंडल बलिया की एक बैठक  टुनटुन जी सराफ जिला अध्यक्ष उद्योग व्यापार प्रचलित मंडल बलिया के निवास पर  शुक्रवार की शाम 6:00 बजे हुई जिसका संचालन श्री अभिषेक सोनी जिला महामंत्री ने किया। 

   इस बैठक में व्यापारी समस्याओं और हितों पर गंभीर चर्चा की गई।यह निर्णय लिया गया कि व्यापारियों का उत्पीड़न किसी भी रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसके लिए हमें चाहे जो कुछ भी करना पड़ेगा हम करेंगे। साथ में यह भी निर्णय लिया गया कि बलिया शहर सहित जनपद में जहां भी जमींदारी प्रथा है जिलाधिकारी महोदय उसे समाप्त कराए इसके लिए सभी तहसीलों को निर्देश देना आवश्यक है। साथ ही साथ पुलिस विभाग को भी निर्देश दें कि अगर किसी के साथ गलत हो रहा है जमींदारी प्रथा को लेकर तथा तथाकथित जमीदारों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। इसके पूर्व अभिषेक सोनी ने उपस्थित सभी व्यापारी नेताओं का अंग वस्त्र से सम्मान किया। 

  अंत में अरविंद गांधी ने सभी के प्रति आभार प्रकट किया और कहा कि एकता में ही शक्ति है।उन्होंने आगे कहा कि जमींदारी प्रथा मानवता के खिलाफ है। मनुष्य के मूल अधिकार, सम्मान और गरिमा के खिलाफ है। यह भारतीय संविधान के उद्देशिका,राज्य के नीति निर्देशक तत्व और संविधान के अनुच्छेद 14 में दिए गए "समानता के सिद्धांत" के खिलाफ है। यह बहुत पहले समाप्त हो चुका है लेकिन कुछ लोग इससे बाज नहीं आ रहे हैं जिसकी शिकायत जिलाधिकारी बलिया से की गई है. आशा और विश्वास है कि जिलाधिकारी बलिया इस पर कठोर कार्रवाई करते हुए शहर  ही नहीं पूरे बलिया से जमींदारी प्रथा को समाप्त कराएंगे।
  
बैठक में प्रमुख रूप से विजय शंकर गुप्ता अध्यक्ष चेंबर ऑफ कॉमर्स बलिया, प्रदीप वर्मा प्रदेश अध्यक्ष पूर्वांचल उद्योग व्यापार मंडल, प्रदेश उपाध्यक्ष फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया व्यापार मंडल रजनीकांत सिंह, सुनील परख प्रदेश वरिष्ठ महामंत्री उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल, अनिल कुमार गुप्ता, जिला अध्यक्ष मंजय सिंह, जिला उपाध्यक्ष राहुल कुमार गुप्ता, श्याम जी रौनियार महामंत्री भाजपा शहर मंडल, युवा जिला अध्यक्ष आकाश पटेल, संत कुमार गुप्ता आदि ने अपने- अपने विचार प्रकट किया।

Friday, January 9, 2026

गोंड जनजाति प्रमाण पत्र सुगमता पूर्वक जारी करो नारे के साथ डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन

नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा गया जिलाधिकारी व मुख्यमंत्री जी को संबोधित पत्रक ज्ञापन 
बलिया। उ0प्र0 लेखपाल भर्ती में 160 सीटें अनुसूचित जनजाति हेतु आरक्षित है। वही पुलिस भर्ती में भी 647 सीटें अनुसूचित जनजाति हेतु आरक्षित है। इन आरक्षित सीटों पर आवेदन करने के लिए अनुसूचित जनजाति प्रमाण-पत्र अतिआवश्यक है। भारत के राष्ट्रपतीय राजपत्र संविधान अनुसूचित जनजाति आदेश संशोधन अधिनियम-2002 द्वारा बलिया जिले में गोंड जाति को अनुसूचित जनजाति के रूप में मान्यता दी गयी है। 

आवेदक गोंड युवक, युवतियों का कहना है कि गोंड अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र के लिए तहसील का कई महीनों से चक्कर लगा रहे हैं। तहसीलदार कार्यालय में ऑफलाइन आवेदन जमा है लेकिन ऑनलाइन आवेदन करने पर लेखपाल व तहसीलदार साहब द्वारा आवेदन बार-बार अस्वीकृत कर दिया जा रहा है जबकि पूर्व में पिता व भाई का गोंड अनुसूचित जनजाति का प्रमाण-पत्र तहसील से जारी हुआ है। इस समय वर्तमान में गोंड जाति प्रमाण पत्र जारी करने में लेखपाल व तहसीलदार द्वारा अनावश्यक रूप से परेशान व उत्पीड़न किया जा रहा है। भारत के राजपत्र व शासनादेश की घोर अवमानना की जा रही है। 9 जनवरी 2026 को बलिया  जिलाधिकारी कार्यालय पर गोंड जनजाति प्रमाण पत्र सुगमता पूर्वक जारी करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया गया तथा जिलाधिकारी व मुख्यमंत्री जी को संबोधित पत्रक ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा गया। गोंड समुदाय के युवक, युवतियों ने कहा कि लेखपाल व पुलिस भर्ती में अनुसूचित जनजाति के लिए भी सीटें आरक्षित है यदि हम लोगों का समय रहते जाति प्रमाण पत्र  निर्गत नहीं हुआ तो हम लोग अनुसूचित जनजाति आरक्षित सीटों पर आवेदन करने से वंचित हो जाएंगे।

      दिशु कुमार गोंड ने कहा कि मेरे परिवार में पहले से गोंड अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र बना है। पूर्वजों के भू राजस्व अभिलेखों में भी गोंड अंकित है इसके बावजूद भी मेरा गोंड जाति प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जा रहा है। जबकि वर्तमान बलिया सदर तहसीलदार साहब द्वारा अब तक सैकड़ों गोंड लोगों का अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र जारी किया गया है।

 इस दौरान प्रमुख रूप से दीशु गोंड, निधि गोंड, अंजेश गोंड, सोनू गोंड, बिट्टू गोंड, राहुल गोंड, धनु गोंड, कृष गोंड, शुभम गोंड, सावित्री गोंड, लक्ष्मी गोंड, शिल्पा गोंड, सुमन गोंड, अनामिका गोंड, सबिता गोंड, सरोज गोंड, श्वेता गोंड, पूनम गोंड रहीं।

धर्म की रक्षा और दुष्टों के संहार के लिए होता है ईश्वर का अवतार: पं. अरविंद तिवारी

​—बयासी अखार ढाला स्थित श्रीराम जानकी मंदिर में श्रीमद् रामकथा के दूसरे दिन उमड़ा जनसैलाब

— सोहर और भजनों के बीच धूमधाम से मनाया गया भगवान राम का जन्मोत्सव
​दुबहर (बलिया)। क्षेत्र के शिवपुर दियर नई बस्ती बयासी अखार ढाला स्थित श्रीराम जानकी मंदिर के प्रांगण में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् रामकथा के दूसरे दिन गुरुवार को कथा व्यास संत पंडित अरविंद तिवारी ने भगवान श्री राम के जन्मोत्सव का प्रसंग सुनाकर श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया।

 संगीत की मधुर धुनों और पारंपरिक सोहरों के बीच भगवान का जन्मोत्सव मनाते हुए पूरा परिसर 'जय श्री राम' के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा। ​धर्म की रक्षा हेतु अवतारवाद का महत्व कथा व्यास ने श्रीमद् रामचरितमानस की चौपाई “विप्र धेनु सुर संत हित, लीन्ह मनुज अवतार” की व्याख्या करते हुए कहा कि जब-जब धरती पर अधर्म बढ़ता है, तब-तब भगवान दुष्टों का संहार करने और सज्जनों की रक्षा के लिए मानवीय रूप में अवतार लेते हैं। उन्होंने बताया कि प्रभु का अवतार मात्र असुरों के वध के लिए नहीं, बल्कि समाज में मर्यादा और धर्म की स्थापना के लिए होता है।

​भए प्रगट कृपाला... से जीवंत हुआ जन्मोत्सव जैसे ही कथा में भगवान के जन्म का प्रसंग आया, पंडित जी ने “भए प्रगट कृपाला दीन दयाला, कौशल्या हितकारी” स्तुति का सस्वर पाठ किया। इस अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं ने भगवान के विग्रह पर पुष्प वर्षा की और झूमते हुए संकीर्तन किया। कथा व्यास ने कहा कि जो दंपत्ति पूरी निष्ठा और पवित्रता से प्रभु की आराधना करते हैं, उन्हें श्री राम जैसी सुयोग्य संतान की प्राप्ति होती है।

​गृहस्थ जीवन और मर्यादा का संदेश मानव जीवन के दैनिक क्रियाकलापों पर चर्चा करते हुए उन्होंने जोर दिया कि गृहस्थ जीवन में रहते हुए भी धर्म का पालन संभव है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि अपनी समस्त जिम्मेदारियों का निर्वहन मर्यादा और धर्म के मार्ग पर चलते हुए करें। यही प्रभु श्री राम के जीवन का मूल संदेश है।

​आरती और प्रसाद वितरण कथा के विश्राम पर मुख्य यजमान सहित अन्य गणमान्य नागरिकों ने विधि-विधान से आरती उतारी। इसके पश्चात उपस्थित सैकड़ों श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। कथा के दौरान क्षेत्र के तमाम संभ्रांत नागरिक और बड़ी संख्या में महिला व पुरुष श्रद्धालु उपस्थित रहे।
​रिपोर्ट: रणजीत सिंह

Wednesday, January 7, 2026

मनाया गया मढ़ीनाथ मंडल के उपाध्यक्ष व समाजसेवी डब्बल भटनागर का जन्मदिन

भाजपा कार्यालय पर पटका पहनाकर किया गया उनका स्वागत
बरेली। भाजपा मढ़ीनाथ मंडल के उपाध्यक्ष और समाजसेवी डब्बल भटनागर का जन्मदिन बुधवार को भाजपा कार्यालय पर मनाया गया। 

    डब्बल भटनागर जी राजनीति के साथ समाजसेवा की पंक्ति में भी अग्रिम खड़े रहते हैं। अपने जन्म दिन के अवसर पर आज उन्होंने सुबह शिव मंदिर मढ़ीनाथ पर चाय बिस्किट की सेवा की। भाजपा कार्यालय पर उनको पटका पहनाकर स्वागत किया गया। इस अवसर पर भाजपा महानगर अध्यक्ष अधीर सक्सेना, सोम पाल शर्मा, देवेंद्र जोशी, प्रभु दयाल लोधी, जेपी एस पाल सहित काफी कार्यकर्ता मौजूद थे।
    
उनके जन्म दिन पर प्रदेश के वन राज्य मंत्री डॉक्टर अरुण कुमार, वेद प्रकाश सक्सेना कातिब, धर्मेंद्र सक्सेना, अश्विनी कमठान, डॉक्टर विकास वर्मा, डॉक्टर सुबोध अस्थाना, सुनील सक्सेना मिलन, अनूप सक्सेना, शांतनु सक्सेना, शैलेन्द्र सक्सेना शैलू, विकास सक्सेना नीटू, सुंदरम सक्सेना गोलू, ईशान सक्सेना इशू, शक्ति मंगलम, रश्मि प्रधान, बबिता रेक्रीवाल, रवींद्र सक्सेना रवि, मनोज सक्सेना गोपाल धूप, रवि सक्सेना आदि ने बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

जमीदारी प्रथा की व्यवस्था को लेकर जिलाधिकारी से मिला व्यापारियों का प्रतिनिधिमंडल

डीएम ने दिया त्वरित कार्रवाई का आश्वासन
बलिया। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल, उत्तर प्रदेश के प्रदेश  उपाध्यक्ष अरविंद गांधी के नेतृत्व में शहर की जनता और व्यापारियों का एक प्रतिनिधिमंडल बुधवार को जिलाधिकारी बलिया से उनके कार्यालय में मिला।

 प्रतिनिधि मंडल शहर बलिया में विशुनीपुर मौजा और मिढढी सहित अन्य क्षेत्र में जमीदारी प्रथा की व्यवस्था जो तथाकथित जमीदार सागर पाली निवासी अजीत सिंह और बिट्टू सिंह द्वारा क्षेत्र में निर्माण कार्य को मौके पर जाकर रोकने, धन की मांग एवं अन्य आपराधिक धमकी देने के विरुद्ध मामले में मिला। जमींदारी प्रथा समाप्त हुए कई दशक हो गए लेकिन निचले स्तर पर पुलिस और राजस्व विभाग की मेहरबानी से इनकी दुकान आज तक चल रही है।

 जिलाधिकारी बलिया से यह मांग किया गया कि उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए और जिला प्रशासन द्वारा प्रेस में विज्ञप्ति प्रकाशित किया जाए जिससे आम जनता में इनका जो भय है, वह दूर हो सके। साथ ही साथ जनता को राहत मिल सके। इन क्षेत्रों में बहुत सारे मकान निर्माणाधीन है लेकिन रुका हुआ है। इस पर जिलाधिकारी बलिया ने त्वरित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। शहर में कई हजार लोग इनसे प्रभावित हैं जो भय में है। यह बात भी जिलाधिकारी महोदय को बताई गई।

 प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व अरविंद गांधी प्रदेश उपाध्यक्ष अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल ने किया। जिसमें प्रमुख रूप से विजयशंकर गुप्ता, अशोक कुमार गुप्ता, अनिल कुमार गुप्ता, अभिषेक सोनी, रविंदर यादव, अशोक वर्मा, महेश गुप्ता, नरेंद्र सोनी, विनोद वर्मा, रविंद्र पटेल, प्रीतम गुप्ता, काशीनाथ वर्मा, जनार्दन यादव, सोनू अग्रवाल, विशाल अग्रवाल, दीपक सोनी, अखिलेश यादव, दिलीप कुमार, ओंकार नाथ गुप्ता, संजय सिंह, सतीश गुप्ता, मंजय सिंह, हेमंत गुप्ता, प्रदीप सिंह, आशा गुप्ता, ओंकारनाथ गुप्ता, संदीप गुप्ता आज बहुत लोग उपस्थित रहे।

Monday, January 5, 2026

जनजाति प्रमाण पत्र जारी करने को लेकर समाधान दिवस पर डीएम के समक्ष प्रस्तुत किया आवेदन

आवेदन निरस्त होने से लेखपाल, पुलिस भर्ती में नहीं कर पा रहे अप्लाई 
बलिया। उ0प्र0 लेखपाल भर्ती में 160 सीटें अनुसूचित जनजाति हेतु आरक्षित है। वही पुलिस भर्ती में भी 647 सीटें अनुसूचित जनजाति हेतु आरक्षित है। इन आरक्षित सीटों पर आवेदन करने के लिए अनुसूचित जनजाति प्रमाण-पत्र अतिआवश्यक है। भारत के राष्ट्रपतीय राजपत्र  संविधान (अनुसूचित जनजाति) आदेश संशोधन अधिनियम-2002 द्वारा गोंड जाति को जनपद बलिया में अनुसूचित जनजाति के रूप में मान्यता दी गयी है। आवेदक गोंड युवक, युवतियों का कहना है कि गोंड अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र के लिए बलिया सदर तहसील का कई महीनों से चक्कर लगा रहे है।

 तहसीलदार कार्यालय में ऑफलाईन आवेदन जमा है लेकिन ऑनलाईन आवेदन करने पर लेखपाल व तहसीलदार साहब द्वारा आवेदन बार-बार अस्वीकृत कर दिया जा रहा है। जबकि पूर्व में पिता व भाई का गोंड अनुसूचित जनजाति का प्रमाण-पत्र इसी तहसील से जारी हुआ है। इस समय वर्तमान में गोंड जाति प्रमाण पत्र जारी करने में लेखपाल व तहसीलदार द्वारा अनावश्यक रूप से परेशान व उत्पीड़न किया जा रहा है। भारत के राजपत्र व शासनादेश की घोर अवमानना की जा रही है। 5 जनवरी 2026 को बलिया सदर तहसील पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस पर दर्जनों गोंड समुदाय के युवक, युवतियों ने अपना गोंड अनुसूचित जनजाति प्रमाण-पत्र जारी करवाने हेतु जिलाधिकारी के समक्ष अपना आवेदन प्रस्तुत किया जिस पर जिलाधिकारी महोदय द्वारा कहा गया कि यदि पूर्व में परिवार में किसी का गोंड जाति का प्रमाण पत्र बना हुआ है तो उसके आधार पर आवेदक का गोंड अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र जारी किया जा सकता है। इस सम्बन्धित उपजिलाधिकारी को उन्होंने आवश्यक निर्देश भी दिये। 

आवेदक गोंड नौजवानों ने कहा कि लेखपाल व पुलिस भर्ती में अनुसूचित जनजाति के लिए भी सीटें आरक्षित है यदि हम लोगों का समय रहते जाति प्रमाण पत्र नहीं निर्गत हुआ तो हम लोग अनुसूचित जनजाति आरक्षित सीटों से वंचित हो सकते है। ऑल गोंडवाना स्टूडेन्ट्स एसोसिएशन (आगसा) के अध्यक्ष मनोज शाह ने कहा कि गोंड अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र जारी किया जाना हम गोंड समुदाय के लोगों का संवैधानिक अधिकार है। लेखपाल व तहसीलदार साहब की उदासीन रवैये के कारण जनजाति गोंड समुदाय के नौजवानों का भविष्य अंधकारमय होता जा रहा है। आगे कहा कि 9 जनवरी 2026 को लेखपाल, पुलिस भर्ती आयी है गोंड अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र जारी करों नारे के साथ बलिया सदर तहसील पर 11ः00 बजे से शान्तीपूर्ण लोकतांत्रिक तरीके से सांकेतिक धरना दिया जायेगा। 

इस दौरान प्रमुख रूप से अन्जेय कुमार, सुमन गोंड, कु0 अनामिका, सविता गोंड, सरोज देवी, श्वेता गोंड, कविता गोंड, पूनम गोंड, राहुल कुमार गोंड, धनु कुमार शाह, कौशलेन्द्र किशोर  कमल, संजय कुमार, शिवमजी, शुभम गोंड, आनन्द कुमार शाह, संदीप कुमार, बच्चा लाल गोंड, बेचू गोंड, ऋतिक गोंड, शिवकुमार गोंड, लक्ष्मी गोंड, सावित्री गोंड, शिल्पा गोंड सहित सुरेश शाह, संजय गोंड भी उपस्थित रहे।

विशुनपुर और मिढ़्ढी मौजा का अपने को जमीदार कहने वाले पर मुकदमा दर्ज

रिकार्ड दुरुस्त कर मामले को हमेशा के लिए खत्म करे प्रशासन: अरविंद गांधी 
बलिया। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार, उत्तर प्रदेश के प्रदेश उपाध्यक्ष अरविंद गांधी के नेतृत्व में द्वारकापुरी कॉलोनी संकट मोचन कॉलोनी बलिया और शहर के जनता और व्यापारी मॉडल तहसील पर पहुंचे। जहां पर पीड़ित आशा गुप्ता पत्नी ओमकार गुप्ता निवासी संकट मोचन कॉलोनी द्वारिकापुरी कॉलोनी शहर बलिया ने जिलाधिकारी बलिया को पत्र दिया।
पत्र के माध्यम से उन्होंने शिकायत किया कि विष्णुपुर और मिढ़्ढी का अपने आप को जमीदार कहने वाला भैया अजीत सिंह और बिट्टू सिंह 2 और 3 जनवरी 2026 को निर्माण अधीन मेरे भवन पर आकर काम रोकने का प्रयास किया। ना रोकने पर धमकी दिए कि कॉलोनी से बाहर निकलो तो हम तुमको बताते हैं। नहीं तो पैसा दो या फिर अपनी जमीन रजिस्ट्री कर दो। नहीं तो तुमको गंभीर परिणाम होगा। जिस पर उन्होंने आश्वासन दिया कि इस मामले पर कठोर से कठोर कार्रवाई की जाएगी। इसके पूर्व 3 जनवरी को सीओ सिटी बलिया और कोतवाल से मिलकर सारी घटना की जानकारी दी गई थी। श्रीमान सीओ सिटी बलिया ने निर्देश दिया था कि इसमें कठोर कार्रवाई किया जाए।यहां तक एफआईआर दर्ज किया जाए। कल 4 जनवरी 2026 को शाम को उक्त अभियुक्त पर भारतीय न्याय संगीता की धारा 351 (3) के अंतर्गत एफआईआर दर्ज कर दिया गया है।

    श्री गांधी ने आगे कहा कि जिला प्रशासन विशुनीपुर और मिढ़्ढी मौज में रिकार्ड दुरुस्त कर इस मामले को हमेशा के लिए खत्म कर दे। नहीं तो इससे सरकार और जिला प्रशासन की छवि खराब हो रही है। जनता में गलत संदेश जा रहा है। आक्रोश पैदा हो रहा है। 

   इस अवसर पर प्रमुख रूप से अनिल कुमार गुप्ता, ओंकार नाथ गुप्ता, दिनेश सिंह, संदीप कुमार गुप्ता, विश्वकर्मा शर्मा, महेश कुमार, राजेंद्र वर्मा, सोनू अग्रवाल, प्रीतम गुप्ता, विनोद वर्मा, नरेंद्र सोनी, बीपी पांडे, विशाल अग्रवाल, अनिल भारती, अजय भारती, विशाल अग्रवाल, रविंद्र यादव, जनार्दन यादव, प्रदीप सिंह, हेमंत कुमार गुप्ता, बबलू सोनी, अजीत भारती, संदीप गुप्ता, मुन्ना वर्मा, आशा देवी मोतीलाल वर्मा, सोहन सोनी, अजय कुमार, दीपक कुमार आदि बहुत सारे लोग उपस्थित रहे।

Sunday, January 4, 2026

नव वर्ष को सेवा साप्ताहिकी के रूप में मनाते हैं समाजसेवी शांतनु सक्सेना

इस मौके पर होते है विभिन्न प्रकार के आयोजन
बरेली। समाजसेवा की अग्रिम पंक्ति में हाजिर रहने वाले समाजसेवी शांतनु सक्सेना प्रत्येक वर्ष नव वर्ष को सेवा साप्ताहिकी के रूप में मनाते हैं। इस क्रम में किसी दिन गायों को गुड और हरा चारा, जरूरतमंदों को सुबह सुबह चाय बिस्किट, रक्तदान, धार्मिक अनुष्ठान एवं भंडारा आदि शामिल है। श्री शांतनु अखिल भारतीय कायस्थ महासभा बरेली के जिला प्रमुख सचिव के साथ भारतीय जीवन बीमा निगम में कार्यरत हैं।

     उनके इस समाजसेवा के लिए डॉक्टर अरुण कुमार (वन राज्य मंत्री), वेद प्रकाश सक्सेना कातिब, अश्विनी कमठान, डॉक्टर विकास वर्मा, किशोर कटरू, अश्विनी कमठान, डॉक्टर सुबोध अस्थाना, सुनील सक्सेना मिलन,अनूप सक्सेना, प्रशांत सक्सेना, शैलेन्द्र सक्सेना शैलू, आशीष सक्सेना, विकास सक्सेना नीटू, सचिन कंचन, रविन्द्र सक्सेना रवि, ईशान सक्सेना इशू, रवि सक्सेना, आशीष सिन्हा, रश्मि प्रधान, बबिता रेक्रीवाल, किरन सक्सेना आदि ने बधाई दी हैं।

शहर में विष्णुपुर और मिढ़्ढी मौजा में जमींदारी के नाम पर वसूली का हुआ विरोध

बैठक में जिलाधिकारी से मिल प्रभावी कार्रवाई की मांग का लिया गया निर्णय
बलिया। शहर में जमींदारी के नाम पर अवैध वसूली के विरुद्ध द्वारकापुरी कॉलोनी में एक बैठक हुई जिसमें इसका विरोध किया गया। और सर्वसम्मत निर्णय लिया गया कि सोमवार को जिलाधिकारी बलिया से मिलकर प्रभावी कार्रवाई की मांग की जाएगी। 

बैठक के बाद अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल उत्तर प्रदेश के प्रदेश उपाध्यक्ष अरविंद गांधी ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि इस लड़ाई को अंत तक जारी रखा जाएगा। पूरे उत्तर प्रदेश में जमीदारी प्रथा समाप्त हो चुका है। उसके बावजूद में जमीदारी के नाम पर भवन दुकान के निर्माण को रोकना, धन की अवैध वसूली करना यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस संदर्भ में उन्होंने आगे कहा कि इस मामले से उच्च अधिकारी, जनप्रतिनिधि और मुख्यमंत्री को भी अवगत कराया जाएगा। उसके बाद भी कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन और सरकार की होगी। 

इस मौके पर प्रमुख रूप से सर्वदमन जायसवाल, अनिल कुमार गुप्ता, अशोक कुमार वर्मा, सोनू अग्रवाल, महेश गुप्ता, कौशल उपाध्याय, विशाल अग्रवाल, रविंद्र यादव, अरविंद गुप्ता, मोतीलाल वर्मा, हेमंत जी गुप्ता, नागेंद्र सोनी, बबलू सोनी, दीपक सोनी, ओम प्रकाश, नरेंद्र, सोनी गुप्ता, अनिल भारती, दिलीप कुमार, सोहन सोनी, राजेंद्र कुमार वर्मा, शिव कुमार प्रसाद, राजीव पाल, संजय गुप्ता, विजय कुमार रावत, विनय कुमार यादव, अखिलेश यादव, बबलू सोनी, अजीत भारती, ओंकारनाथ गुप्ता सहित बहुत सारे लोग उपस्थित रहे।

निःशुल्क मोतियाबिंद जांच एवं ऑपरेशन शिविर का हुआ आयोजन

शिविर में 65 मरीजों की हुई नेत्र जांच, 15 मरीजों को ऑपरेशन हेतु कराया गया भर्ती 
वाराणसी। रोटरी क्लब ब्लड डोनर्स वाराणसी तथा बाबा गणिनाथ भक्त मण्डल वाराणसी के संयुक्त तत्वावधान में चार जनवरी दिन रविवार को कोटवा स्थित लोहारपुरवा सोनकर बस्ती में निःशुल्क मोतियाबिंद जांच एवं ऑपरेशन शिविर का सफल आयोजन किया गया।

शिविर का उद्घाटन क्लब अध्यक्ष रोटेरियन राजेश कुमार गुप्ता एवं अध्यक्ष डॉ. आलोक कुमार गुप्ता द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। कार्यक्रम संयोजक विशाल गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि शिविर में कुल 65 मरीजों की नेत्र जांच की गई, जिनमें से 15 मरीजों को आज ही आर. जे. शंकरा नेत्र अस्पताल में ऑपरेशन हेतु भर्ती कराया गया। इस अवसर पर समाजसेवा में सक्रिय सहयोग प्रदान करने वालों में

आयोजकों ने बताया कि भविष्य में भी ऐसे जनकल्याणकारी स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन निरंतर किया जाएगा, जिससे जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके। इस दौरान अभिमन्यु वर्मा, विजय सिंह, आशुतोष गुप्ता, संगीता गुप्ता, अन्नपूर्णा गुप्ता, रंजीत गुप्ता, गुलाब मिश्रा, रघु मौर्या, लक्ष्मण राजभर एवं आशीष घोष का योगदान सराहनीय रहा।

Saturday, January 3, 2026

युवा पीढ़ी को मरांग गोमके की संघर्ष गाथा से लेनी चाहिए प्रेरणा: छितेश्वर गोंड

मनाई गई मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा की 124वीं जयंती
बलिया। आदिवासी क्रांतिवीर महानायक मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा जी की 124वीं जयंती तीन जनवरी दिन शनिवार को बलिया ग्राम निधरिया स्थित बाबा साहेब डॉ.भीम राव अंबेडकर सामुदायिक केन्द्र पर पूरे उत्साह पूर्वक धूम धाम से मनाया गया।

 सर्वप्रथम जयपाल सिंह मुंडा जी के चित्र पर फूल माला चढ़ाकर श्रद्धा सुमन अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गयी और अमर रहें के जोरदार नारे लगाए गए। विषय प्रवर्तन जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय नई दिल्ली के छात्र नेता प्रदीप गोंड ने करते हुए जयपाल सिंह मुंडा जी के आदिवासी संघर्ष गाथा पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला और जयपाल सिंह मुंडा जी को भारत रत्न से सम्मानित किए जाने की मांग को प्रमुखता से उठाया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए गोंडवाना विचारक तिरु. छितेश्वर प्रसाद गोंड ने कहा कि जयपाल सिंह मुंडा जी का जन्म 3 जनवरी 1903 को झारखंड रांची के टकरा पाहन टोली ग्राम मे हुआ था। उनकी प्राथमिक शिक्षा गांव के ही स्कूल में हुआ था। 

उन्होंने उच्च शिक्षा ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में स्नातकोतर की डिग्री प्राप्त कर ऑक्सफोर्ड ब्लू का खिताब प्राप्त किए जो आगे चलकर आईसीएस की परीक्षा भी पास किए लेकिन जयपाल सिंह मुंडा जी आईसीएस की उच्च अधिकारी बनने के बजाय 1928 मे भारत हॉकी टीम की कप्तानी कर देश को ओलंपिक हॉकी में पहला स्वर्ण पदक दिला कर भारत को गौरांवित कराने का काम किए। देश लौटकर आदिवासी महासभा से जुड़कर भारत के आदिवासियों के अधिकारों के लिए आजीवन संघर्ष करते रहे। सक्रिय राजनीति में भाग लेकर संविधान सभा के सदस्य चुने गए और आदिवासी हितों की आवाज को  बुलंद किए। आज की युवा पीढ़ी को मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा जी की संघर्ष गाथा से प्रेरणा लेकर अपने संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए सतत संघर्षरत रहने की आवश्यकता है। 

जयंती समारोह को प्रमुख रूप से पूर्व प्रधान लाल बिहारी वर्मा, प्रदीप गोंड, अरविंद गोंडवाना, मनोज शाह, कन्हैया गोंड, सुरेश शाह, श्रीभगवान गोंड, चंदन गोंड, सुदेश शाह, संजय गोंड, शिवजी गोंड, बच्चालाल गोंड ने भी श्रद्धा सुमन अर्पित कर अपने विचार व्यक्त किए।

खरवार जाति के व्यक्तियों का जाति प्रमाण पत्र सुगमता पूर्वक हो जारी

बलिया सदर तहसीलदार से मिले खरवार समाज के लोग बलिया। खरवार जनजाति संघर्ष मोर्चा उत्तर प्रदेश के प्रदेश संरक्षक राघवेंद्र प्रताप ख...