‘बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ’ जागरूकता रैली एवं विचार गोष्ठी आयोजित
एनएसएस के सात दिवसीय विशेष शिविर का चतुर्थ दिवस
बलिया। जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई–I एवं इकाई–II द्वारा आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर के चतुर्थ दिवस को ‘बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ’ जागरूकता अभियान के लिए समर्पित किया गया। इस अवसर पर समाज में बेटियों के महत्व, उनके संरक्षण और शिक्षा के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से ग्राम पंचायत अपायल में एक भव्य जागरूकता रैली निकाली गई।
यह शिविर विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. संजीत कुमार गुप्ता के संरक्षण एवं निर्देशन में आयोजित किया जा रहा है। जागरूकता रैली में एनएसएस के स्वयंसेवक एवं स्वयंसेविकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। उन्होंने हाथों में ‘बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ’ से जुड़े नारे और संदेश लिखी तख्तियां लेकर ग्रामीणों को बेटियों के महत्व के प्रति जागरूक किया। रैली के दौरान स्वयंसेवकों ने “बेटी है अनमोल, शिक्षा उसका अधिकार”, “बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ, समाज को आगे बढ़ाओ” जैसे नारों के माध्यम से लोगों को प्रेरित किया। रैली गांव के विभिन्न मार्गों से होकर गुजरी, जहां ग्रामीणों ने भी इस अभियान के प्रति सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त की।
कार्यक्रम के अंतर्गत स्वयंसेवकों ने घर-घर संपर्क अभियान भी चलाया। इस दौरान उन्होंने अपायल ग्राम पंचायत के ग्रामीणों से संवाद करते हुए उन्हें बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान के महत्व के बारे में बताया। स्वयंसेवकों ने लोगों से अपील की कि वे बेटियों को समान अवसर प्रदान करें और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शिक्षा को प्राथमिकता दें।
महिलाओं और बेटियों का सशक्त होना अत्यंत आवश्यक: डॉ. रजनी चौबे
इस अवसर पर प्राथमिक विद्यालय, अपायल में एक विचार गोष्ठी का भी आयोजन किया गया। गोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. रजनी चौबे उपस्थित रहीं। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि समाज की प्रगति और समृद्धि के लिए महिलाओं और बेटियों का सशक्त होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने ‘बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ’ अभियान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए सभी से इस दिशा में सकारात्मक पहल करने का आह्वान किया।
गोष्ठी में विशेष वक्ता के रूप में राजनीति विज्ञान विभाग की सहायक आचार्य डॉ. अनुराधा राय ने भी अपने विचार व्यक्त किए और कहा कि बेटियों को शिक्षा और समान अवसर देना समाज के समग्र विकास के लिए आवश्यक है। इसके अतिरिक्त गृह विज्ञान विभाग की सहायक आचार्य डॉ. तृप्ति तिवारी ने भी महिलाओं की शिक्षा और सशक्तिकरण पर अपने विचार साझा किए।
विचार गोष्ठी की अध्यक्षता श्री रामचन्द्र सिंह द्वारा की गई। कार्यक्रम का संयोजन राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. लाल विजय सिंह एवं डॉ. संजीव कुमार द्वारा किया गया। इस अवसर पर स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए समाज में जागरूकता फैलाने का सराहनीय प्रयास किया।
रिपोर्ट: विनय कुमार
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