आर्सेनिक युक्त पेयजल की समस्या समाधान हेतु विशेष परियोजना किया जा रहा संचालित: प्रो.जॉन माइकल

जेएनसीयू में जल संरक्षण एवं पेयजल सुरक्षा पर अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का हुआ आयोजन
बलिया। जननायक चन्द्रशेखर विश्वविद्यालय में भूगोल विभाग द्वारा सेफ वाटर फॉर लाइफ : फ्रॉम वेटलैंड्स टू ड्रिंकिंग वॉटर सिक्योरिटी विषय पर सोमवार को एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता प्रो. जॉन माइकल वॉलेस, वाशिंगटन विश्वविद्यालय, यूएसए ने आर्द्रभूमियों की पारिस्थितिक महत्ता, जल संरक्षण की रणनीतियों तथा पेयजल सुरक्षा के वैश्विक परिप्रेक्ष्य पर विस्तृत व्याख्यान प्रस्तुत किया। 

उन्होंने जलवायु परिवर्तन एवं भूजल प्रदूषण को वर्तमान समय की गंभीर चुनौतियाँ बताते हुए वैज्ञानिक एवं तकनीकी समाधान पर बल दिया। विशिष्ट वक्ता डॉ. अभिषेक कुमार ने आर्सेनिक युक्त जल की समस्या, उसके स्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव तथा आधुनिक शुद्धिकरण तकनीकों पर प्रकाश डाला।बताया कि आईआईटी, बम्बई के सहयोग से बलिया जनपद के पाँच चयनित विकास खंडों में आर्सेनिक युक्त पेयजल की समस्या के समाधान हेतु विशेष परियोजना कार्य संचालित किया जा रहा है। 

इस परियोजना के अंतर्गत उन्नत तकनीक आधारित आर्सेनिक जल शुद्धिकरण प्रणाली स्थापित की जा रही है, जिसका नेतृत्व प्रो. जॉन एम. वालेस एवं डॉ. अभिषेक कुमार द्वारा किया जा रहा है। यह परियोजना स्थानीय स्तर पर सुरक्षित एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। अध्यक्षता कुलपति प्रो. संजीत कुमार गुप्ता ने की। डॉ. प्रमोद शंकर पाण्डेय एवं डॉ. अजय चौबे ने भी अपने विचार रखे।

कार्यक्रम की संयोजक डॉ. प्रियंका सिंह अध्यक्ष, भूगोल विभाग ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया। आयोजन सचिव डॉ. पूजा सिंह, सहायक प्रोफेसर, भूगोल विभाग ने धन्यवाद ज्ञापन किया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के प्राध्यापकगण, शोधार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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