श्रीराम चरित मानस एक दुर्लभ ग्रंथ, प्रत्येक चौपाई व दोहे हैं मंत्र: गौरांगी गौरी

नौ दिवसीय नव कुंडीय श्री सहस्त्र चंडी महायज्ञ का चौथा दिन
रसड़ा (बलिया)। छोटी काशी के नाम से सुविख्यात रसड़ा क्षेत्र के सुल्तानीपुर में चल रहे नौ दिवसीय नव कुंडीय श्री सहस्त्र चंडी महायज्ञ के चौथे दिन मंगलवार को को वैदिक मंत्रोच्चारण, शंखनाद, हर-हर महादेव की जयकारों से चहुंओर भक्ति की धारा बहती रही।

 अंतर्राष्ट्रीय श्रीराम कथा वाचिका पंडित गौरांगी गौरी ने उपस्थित हजारों की तादात में श्रोताओं को संबोधित करते हुए श्रीराम जन्म की कथा सुनाते हुए कहा कि प्रभु श्रीराम का जन्म असुरी शक्तियों के सर्वनाश के लिए हुआ था। श्रीराम चरितमानस एक दुर्लभ ग्रंथ है। इसके हर चौपाई एवं दोहे एक मंत्र हैं। प्रत्येक मंत्र की सिद्धि कर लेने से मानव जीवन पूर्णत सफल हो जाता है जीवन में राम-नाम व मृत्यु ही अटल सत्य है। मृत्यु से उसी को डर लगता है जो सत्संग से अनजान है। 

गौरांगी गौरी ने कहा कि लोग कहते हैं कि हम कथा क्यों सुने जबकि सच्चाई यह है कि कथा का एक शब्द आपके जीवन को पूरी तरह बदलने की ताकत रखता है। उन्होंने कहा कि पत्नी को तीन परिस्थितियों में कदापि भी नहीं छोड़ना चाहिए। पत्नी के बीमार होने पर, पुरी दुनिया पत्नी के खिलाफ होने पर तथा किसी दूसरे पुरूष के सहारे पत्नी को नहीं छोड़ना चाहिए। 

उन्होंने कहा कि आज परिवार में धैर्य व सामंजस्य नहीं होने से रिश्ते खराब हो रहे हैं। रिश्तों को बचाने के लिए हमें आपसी सामंजस्य व सहयोग की भावना बेहद जरूरी है।
 संयोजक गोविंद नारायण सिंह, ऋषिराज सिंह, पूर्व प्रधान मीरा सिंह आदि ने आरती कर लोकमंगल की कामना की।
रिपोर्ट: मोहसिन उर्फ रिंकू 

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