Friday, August 29, 2025

विद्युत वितरण निगम के निजीकरण का प्रस्ताव लिया जाए वापस

भारतीय मजदूर संघ और अखिल भारतीय विद्युत मजदूर महासंघ ने जिलाधिकारी को सौंपा दस सूत्री ज्ञापन
बलिया। भारतीय मजदूर संघ और अखिल भारतीय विद्युत महासंघ  उत्तर-प्रदेश द्वारा उत्तर-प्रदेश विद्युत मजदूर संघ के जिला-अध्यक्ष सहदेव चौबे के नेतृत्व में पोषित आंदोलन  ज्ञापन के समर्थन में उत्तर-प्रदेश विद्युत मजदूर संघ द्वारा दिनांक- 29-अगस्त दिन शुक्रवार को जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया गया।

 आयोजित राष्ट्रव्यापी शांतिपूर्ण आंदोलन कार्यक्रम के तहत निम्नलिखित माँगे और विचार एवं कार्यवाही हेतु प्रस्तुत किया गया जिसमें
(1)  उत्तर प्रदेश पावर कापरिशन लिमिटेड ‌करा पूर्वाञ्चल एवं दक्षिण्ाच विट्युत वितरण निगम के निजीक्पण का प्रस्ताव व्यापक जनहित एवजी उपभोक्ताओ तथा बिजली कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुये वापस लिया जाये।
(2)  25 जनवरी 2000 के समझौते के अनुरूप उप राज्य विद्युत परिषद के विघटन के फालस्वरूप हुई भारी क्षति को देखते हुए उप पावर कारपोरेशन लि, उपजस विद्‌युत निगम लि. उप्र राज्य विद्‌युत उत्पादन निगम लि. उप पारेषण निगम सि और समस्त विद्युत वितरण निगमी का एकीकरण कर उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद का पुनर्गठन किया जाये।

(3)  अर्जा निगमों में 14 जनवरी 2000 के बाद सेवा में आए कार्मिको को पुरानी पेंशन बहाल करे आये।

(4) इलेक्ट्रिसिटी रिफॉर्म एक्ट 1999 एवं ट्रान्सफर स्कीम 2000 व 25 जनवरी 2000 को हुये चि पक्षीय समझौते के आधार पर बिजली कर्मियों को मिल रही रियायती बिजली की सुविधा किसी भी समय 14 जनवरी 2000 कसे मिल रही सुविधा की तुलना में कमतर नहीं होनी इसका खुना उल्लंघन करते हुये निजीकरण की दृष्टि से बिजली कर्मियों की रियायती बिजली की सुविधा समाप्त करने हेतु मीटर लगाने के आदेश तत्काल वापस लिए जाये।

(5) माननीय अजर्जा मंत्री के 19 मार्च 2023 की घोषणा व समझने के क्रियान्वयन में दिजमी कर्मियों पर दर्ज मुकदमे वापस लिये जाये तथा उत्पीड़न कई बमस्त कार्यवाहिया समाप्त जाये साथ ही वितरण के समस्त अंचलों में 40 प्रतिशत संविदा कर्मियों के पदो में कटौती को तत्काल बंद किया जावे।

(6)  2x800 मेगावाट समता की ओरजावं 2000 कट समता की अपन है परियोजना कर कार्य व्यापक जनहित में उप राज्य विद्‌युत उत्पादन लिगन को पूरी तरह सौंपा जाये।

 (7)पारषण में टैरिफ बेस्ट कम्पटीटिव मिहिन के नाम पर नई परियोजनाओं का निजीकरण या

(8)  केशियर अर्टप्रेस के स्थान पर वैकल्पिक अर्कत सिस्टम लागू किया जाये।
(9)  उ० प्र० पावर कार्पोरेशन लिमिटेड कार्मिक अनुशासन एवं अपील (पंचम संशोधन विनियमावले 2025 तत्काल वापस लिया जाय |
(10) ऊर्जा निगमों में नव निर्मित विद्युत परियोजनों विद्युत उत्पादन हाँ विश्गुत उपवन्डे पर बाचित समय से नए पदी से सूजन किया जाय। पदो को पदोन्नति  सीधी भर्ती से भरा जाए। 

यह मांगे श्रमिकों की वास्तविक अपेक्षाओं के अनुकुल होने के साथ ही अखिल भारतीय विद्‌युत मजदूर महासंघ की रोजगार सुरक्षा, कल्याण और न्याय के प्रति चिंताओं को दर्शाती हैं। हमें आशा है कि आज 29 अगस्त 2025 को लोकतांत्रिक तरीके से उठई गई श्रमिकों की आवाज़ उत्तर प्रदेश सरकार गभीरतापूर्वक विचार करते हुए समुचित कदम उठाएगी। साथ ही उत्तर प्रदेश विद्‌युत मजदूर संघ के प्रतिनिधियों को सत्संबंध में चर्चा हेतु आमंत्रित करेगी
की सेवा के लिए अपनी एकजुट प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हैं।
रिपोर्ट : मोहसिन खान उर्फ रिंकू

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