सूचना देने वाले पत्रकार को ही अभियुक्त बना देना निंदनीय: सुशील पांडेय

पेपर लीक मामले में प्रशासन की विफलताओं को छिपाने के लिए पत्रकार की हुई गिरफ्तार
बलिया। यूपी बोर्ड की परीक्षा के पेपर लीक मामले में सरकार अपनी विफलताओं पर पर्दा डालने के लिए लोकतंत्र के चौथे स्तंभ राष्ट्रीय दैनिक समाचार पत्र के प्रतिनिधि पर ठीकरा फोड़ रही है। जबकि सच को उजागर करने वाले पत्रकार ने अपनी जिम्मेदारी ईमानदारी से निभाया है। अजीब विडंबना है कि पत्रकार ने पेपर लीक होने की सूचना विभागीय एवं जनपदीय अधिकारियों को दी, जो बोर्ड के नियमानुसार उचित एवं नियमसंगत है। फिर भी पत्रकार को ही अभियुक्त बना देना निंदनीय एवं लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की जुबान बन्द करना है। 

उक्त बातें समाजवादी पार्टी के जिला प्रवक्ता सुशील पाण्डेय "कान्हजी" प्रेस को जारी अपने बयान के माध्यम से शुक्रवार को कही। कान्हजी ने कहा कि भाजपा सरकार हमेशा से लोकतांत्रिक संस्थाओं को कुंद करने की फिराक में रही है। जब भी मौका मिला है ये लोग चौथे स्तंभ को दबाए हैं। ताकि इनकी नाकामियों की फेहरिस्त आमजन तक न पहुंच पाए। लेकिन इन्हें यह समझना चाहिए कि सरकारी डंडे से जब-जब लोकतंत्र को दबाने और इसकी जुबान और लेखनी को बंद कराने का प्रयास हुआ है लोकतांत्रिक ढांचा और इसकी जुबान और अधिक मजबूत हुई है। सपा के जिला प्रवक्ता ने कहा कि समाजवादी पार्टी निर्दोष फसाये गए लोगों को न्याय की मांग करती है।

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