क्रांति के प्रतीक थे भगत सिंह

सरदार भगत सिंह के बलिदान दिवस पर अर्पित की भावभीनी श्रद्धांजलि
ररसड़ा (बलिया)। शहीद भगत सिंह के बलिदान दिवस के अवसर पर 23 मार्च दिन बुधवार को क्रांतिकारियों स्मारक समिति उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में रसड़ा शहीद भगत सिंह स्मारक स्थल पर स्थापित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें स्मरण करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। तत्पश्चात समिति के कार्यालय पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया।

 गोष्ठी में सरदार भगत सिंह के व्यक्तित्व कृतित्व पर चर्चा करते हुए कार्यक्रम के संयोजक कृष्णानंद पांडे ने कहा भगत सिंह क्रांति के प्रतीक थे। अंग्रेजी साम्राज्यवाद के खिलाफ क्रांति  सशस्त्र क्रांति के माध्यम से बगावत का बिगुल जो उन्होंने बजाया था उसमें स्वतंत्रता आंदोलन में एक नई क्रांति मिली थी। अन्य वक्ताओं ने कहा कि आज के दिन हमें देखना चाहिए कि जिस आजादी को प्राप्त करने में शहीद भगत सिंह ने अपना जीवन दे दिया उनकी विरासत को देश ने कितना सहेजा है। उनकी स्मृतियों से हम कितनी शक्ति प्राप्त किए हैं। आज आवश्यकता है उनके जीवन दर्शन से प्रेरणा लेकर उनके सपनों के भारत निर्माण की जिसमें व्यक्ति द्वारा व्यक्ति का शोषण ना हो सके और सब को सम्मान पूर्वक जीने का अधिकार हो। उनके जीवन आदर्श पर चलकर ही राष्ट्र को उन्नत के शिखर पर ले जाया जा सकता है। इस अवसर पर तिरंगा स्मारक समिति के अध्यक्ष मार्कंडेय सिंह, अशोक कुमार गुप्ता, आनंद श्याम पांडे, राघवेंद्र जी, लल्लन यादव, संतोष जायसवाल, पुरुषोत्तम यादव, श्रीप्रकाश गुप्ता, डॉक्टर कपूर, दुर्गेश त्रिपाठी, वीर बहादुर यादव, राजेंद्र यादव, रामविलास यादव, रजनीकांत पांडे, सुरजीत कुमार श्रीवास्तव, कामेश्वर पांडे, प्रदीप सिंह पप्पू आदि लोग उपस्थित रहकर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित किए। कार्यक्रम की अध्यक्षता समिति के कार्यवाहक अध्यक्ष सियाराम यादव ने तथा संचालन वरिष्ठ सदस्य सुरेश राम ने किया
रिपोर्ट: लल्लन बागी

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