भारत में नव वर्ष मनाने की परम्परा
प्रथाओं, परम्पराओं तथा सामाजिक -सांस्कृतिक सरोकार से जुड़ी है यह परंपरा: डाॅ० गणेश पाठक नव वर्ष 2026 पर विशेष भारत विविधताओं एवं विचित्रताओं का देश है, जहां विभिन्न जाति, वर्ग, धर्म, सम्प्रदाय के लोग देश के विभिन्न राज्यों में निवास करते हैं। अपने देश में भाषा, बोली, आचार, विचार, व्यवहार, रीति -रिवाज, प्रथाओं एवं उत्सवों में क्षेत्रीय आधार पर भिन्नता देखने को मिलती है। जलवायुविक भिन्नता के कारण कृषि फसलों,उनके उत्पादन के तरीकों, बोने की विधियों, निराई, गुणाई में भी भिन्नता मिलती है। रहन - सहन एवं पहनावा में भी भिन्नता देखने है को मिलती है। डॉ. गणेश कुमार पाठक (पर्यावरणविद) भारत में कई प्रकार के कैलेण्डर समय -समय पर लागू होते रहें हैं,जिनका प्रचलन आज भी कायम है। इन विभिन्नताओं, विविधताओं एवं विचित्रताओं के चलते ही भारत के विभिन्न राज्यों में नववर्ष मनाने के तरीके भी भिन्न- भिन्न मिलते हैं,जो भिन्न- भिन्न समयों में मनाए जाते हैं, जिनका विवरण निम्नवत है- कश्मीर का नववर्ष पर्व 'ना...